स्मार्टफोन निर्यात में भारत ने रचा नया इतिहास (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

स्मार्टफोन निर्यात में भारत ने रचा नया इतिहास,पहली तिमाही में 9.84 अरब डॉलर का रिकॉर्ड,आईफोन शिपमेंट रही सबसे बड़ी ताकत

नई दिल्ली,29 जुलाई (युआईटीवी)- भारत ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्मार्टफोन निर्यात के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल से जून 2026 के बीच देश का स्मार्टफोन निर्यात लगभग 9.84 अरब डॉलर तक पहुँच गया,जो अब तक की किसी भी पहली तिमाही का सर्वाधिक स्तर है। इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा योगदान भारत में निर्मित आईफोन की रिकॉर्ड शिपमेंट का रहा,जिसने न केवल स्मार्टफोन निर्यात को नई ऊँचाई दी,बल्कि देश के कुल इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात को भी मजबूती प्रदान की।

ताजा आँकड़ों के अनुसार,अप्रैल-जून 2026 की अवधि में मूल्य के आधार पर स्मार्टफोन निर्यात में 23.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में जहाँ यह आँकड़ा 7.97 अरब डॉलर था,वहीं इस वर्ष यह बढ़कर 9.84 अरब डॉलर पर पहुँच गया। यह वृद्धि दर्शाती है कि भारत में निर्मित स्मार्टफोन की वैश्विक बाजार में माँग लगातार बढ़ रही है और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियाँ भारत को अपने प्रमुख विनिर्माण एवं निर्यात केंद्र के रूप में तेजी से विकसित कर रही हैं।

इस अवधि में अमेरिका भारत में निर्मित स्मार्टफोन का सबसे बड़ा आयातक बाजार बनकर उभरा। अमेरिकी बाजार में भारतीय फैक्ट्रियों में तैयार किए गए स्मार्टफोन,विशेष रूप से आईफोन,की माँग लगातार मजबूत बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में हो रहे बदलाव,चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति और भारत में बढ़ते विनिर्माण निवेश ने अमेरिकी कंपनियों को भारत से अधिक आयात करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

स्मार्टफोन निर्यात में आई तेजी का सकारात्मक प्रभाव देश के समग्र इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। अप्रैल-जून 2026 के दौरान भारत से कुल 15.2 अरब डॉलर मूल्य के इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का निर्यात किया गया। इसमें अकेले स्मार्टफोन की हिस्सेदारी 64.8 प्रतिशत रही। यह आँकड़ा बताता है कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात में स्मार्टफोन अब सबसे महत्वपूर्ण उत्पाद श्रेणी बन चुके हैं और भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था में उनकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने स्मार्टफोन निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। देश में केवल घरेलू माँग को पूरा करने तक सीमित रहने के बजाय अब बड़ी संख्या में स्मार्टफोन वैश्विक बाजारों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। भारत में स्थापित विनिर्माण इकाइयाँ आधुनिक तकनीक,प्रशिक्षित मानव संसाधन और बेहतर उत्पादन क्षमता के बल पर अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उपकरण तैयार कर रही हैं।

एक उद्योग रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान ‘मेड इन इंडिया’ स्मार्टफोन की कुल शिपमेंट में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई,जबकि निर्यात में 28 प्रतिशत का उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। यह भी सामने आया कि भारत में निर्मित कुल स्मार्टफोन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा विदेशी बाजारों में भेजा गया। इससे स्पष्ट है कि भारत केवल घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं,बल्कि वैश्विक स्मार्टफोन आपूर्ति श्रृंखला का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।

इस सफलता में आईफोन निर्माण से जुड़े विनिर्माण साझेदारों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। भारत में आईफोन निर्माण और निर्यात लगातार बढ़ रहा है। फॉक्सकॉन होन हाई ने वर्ष 2025 के दौरान भारत से आईफोन निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की। कंपनी का निर्यात सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़ा,जिसका प्रमुख कारण वैश्विक बाजार में आईफोन की मजबूत मांग रही।

दूसरी ओर,सैमसंग ने भी भारत से अपने निर्यात में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की। कंपनी का निर्यात योगदान वर्ष 2025 में 4 प्रतिशत बढ़ा। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत केवल एक कंपनी का विनिर्माण केंद्र नहीं,बल्कि कई वैश्विक स्मार्टफोन ब्रांडों के लिए उत्पादन और निर्यात का प्रमुख आधार बनता जा रहा है।

इस वर्ष की शुरुआत में भारत से आईफोन निर्यात ने भी नया रिकॉर्ड बनाया। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत से आईफोन का कुल निर्यात लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया। इसके साथ ही एप्पल देश का सभी उत्पाद श्रेणियों में सबसे बड़ा एकल ब्रांडेड निर्यातक बनकर उभरा। यह उपलब्धि भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भारत से कुल स्मार्टफोन निर्यात लगभग 2.6 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें अकेले आईफोन की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत से अधिक रही,जिसका मूल्य लगभग 22 अरब डॉलर आंका गया। यह आँकड़ा दर्शाता है कि भारत में आईफोन निर्माण और निर्यात का विस्तार कितनी तेजी से हुआ है और देश वैश्विक प्रीमियम स्मार्टफोन उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में स्मार्टफोन विनिर्माण और निर्यात की इस तेज प्रगति के पीछे सरकार की नीतियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना ने वैश्विक कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस योजना के तहत कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया गया,जिससे बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित हुआ।

इसके अलावा विशेष आर्थिक क्षेत्रों में किए गए सुधार,इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए बजटीय सहायता में वृद्धि और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नियमों को सरल बनाए जाने से भी उद्योग को गति मिली। इन नीतिगत सुधारों के कारण विदेशी कंपनियों के लिए भारत में नई उत्पादन इकाइयाँ स्थापित करना अधिक आसान और लाभदायक हुआ है। परिणामस्वरूप देश में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए हैं और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का औद्योगिक आधार लगातार मजबूत हुआ है।

भारत सरकार लंबे समय से देश को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। स्मार्टफोन उद्योग इस दिशा में सबसे सफल क्षेत्रों में से एक बनकर उभरा है। वैश्विक कंपनियाँ अब भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में नहीं,बल्कि निर्यात-उन्मुख उत्पादन केंद्र के रूप में भी देख रही हैं। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को विदेशी मुद्रा अर्जित करने,रोजगार बढ़ाने और तकनीकी क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है।

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वर्तमान गति बनी रहती है,तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े स्मार्टफोन निर्यातकों में शामिल हो सकता है। बढ़ते निवेश,बेहतर बुनियादी ढाँचे,कुशल कार्यबल और सरकार की उद्योग समर्थक नीतियाँ इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के आँकड़े इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन क्षेत्र नई ऊँचाइयों की ओर बढ़ रहा है। रिकॉर्ड 9.84 अरब डॉलर का स्मार्टफोन निर्यात न केवल देश की औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है,बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत और स्थायी पहचान बनाने में सफल हो रहा है। आने वाले समय में यदि यही रफ्तार बरकरार रहती है,तो भारत वैश्विक स्मार्टफोन विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में और भी बड़ी भूमिका निभाता दिखाई दे सकता है।