Banaras Hindu University.

काशी तमिल संगमम’ में खेल शिखर सम्मेलन, भाग लेंगे खिलाड़ी

नई दिल्ली, 6 दिसम्बर (युआईटीवी/आईएएनएस)| ‘काशी तमिल संगमम’ में परंपरा, संस्कृति, सभ्यता और धार्मिक तीर्थयात्रा के साथ-साथ खेलों को भी शामिल किया गया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) द्वारा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में 8 से 15 दिसंबर 2022 तक 8 दिवसीय द्वारा ‘स्पोर्ट्स समिट’ की जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ‘काशी तमिल संगमम’ की पहल की गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘काशी तमिल संगमम’ का आयोजन 17 नवंबर से 16 दिसंबर, 2022 तक वाराणसी (काशी) में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य तमिलनाडु और काशी के बीच सदियों पुराने संबंधों को फिर से खोजना है।

वहीं खिलाड़ियों को ‘महामना की बगिया’, बीएचयू में आयोजित खेल शिखर सम्मेलन में भाग लेने के दौरान भव्य ‘काशी तमिल संगमम्’ देखने का अवसर भी मिलेगा। इसमें खेल की आठ श्रेणियों को शामिल किया जाएगा। पुरुषों और महिलाओं दोनों की टीम, उत्तर और दक्षिण भारत से बनाई गई है जो ‘काशी तमिल संगमम- खेल शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगी।

इससे पहले रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारत सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित कर रही है, कि सबके विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सके। वह रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित सामाजिक विज्ञान संकाय के अर्थशास्त्र विभाग में विद्यार्थियों के साथ ‘भारत को एक आर्थिक वैश्विक शक्ति बनाने के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य और रणनीति’ विषय पर संवाद कर रही थीं।

यहां एक छात्रा प्रतीक्षा शुक्ला, द्वारा ग्रोथ बनाम इक्विटी (सब तक विकास का लाभ पंहुचे) विषय पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार समान विकास के मुद्दे पर अधिक जोर दे रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि, आप सबके विकास की कीमत पर निरन्तर विकास की बात नहीं कर सकते। जब तक निजी और सार्वजनिक निवेश एक साथ नहीं होते हैं, तब तक ऐसे नतीजे सामने नहीं आ पाएंगे, जिनकी आवश्यकता है, व जिनसे सभी तक विकास के लाभ पंहुचाना संभव हो सकता हो।

महिला महाविद्यालय की छात्रा नीतिका खंडेलवाल द्वारा रोजगार के विषय पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए, वित्त मंत्री ने कहा कि रोजगार अब स्वरोजगार की ओर अधिक उन्मुख है और सरकार एक ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर दे रही है, जिसमें लोग रोजगार सृजन में सक्षम हों और दूसरों को काम उपलब्ध कराएं। ग्रामीण रोजगार चुनौतियों के संबंध में, उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण युवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में चुनौतियों के अभिनव समाधान के साथ आगे आने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, जिसे नीतियों, वित्त पोषण और सुविधाओं की मदद से रोजगार के अवसरों में परिवर्तित किया जा सके। उन्होंने कहा कि, ग्रामीण आबादी के प्रशिक्षण और कौशल विकास, स्वयं सहायता समूहों का सहयोग व वित्तपोषण और कई अन्य उपायों से ग्रामीण रोजगार की चुनौती से निपटा जा सकता है।

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