शिक्षक घोटाला: सीबीआई ने बिचौलिए तापस मंडल के 12 बैंक खाते किए फ्रीज

कोलकाता, 27 फरवरी (युआईटीवी/आईएएनएस)| पश्चिम बंगाल में करोड़ों रुपये के शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए बिचौलिए तापस मंडल के 12 बैंक खाते फ्रीज कर दिए। इन 12 बैंक खातों में से छह मंडल के निजी बैंक खाते हैं, जबकि शेष छह निजी बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड) और डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (डी.ईएल.एड) कॉलेज से जुड़े हैं, जो उनके स्वामित्व में है।

मंडल, तृणमूल कांग्रेस के विधायक और पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ प्राइमरी एजुकेशन के पूर्व अध्यक्ष, माणिक भट्टाचार्य के बेहद करीबी विश्वासपात्र व ऑल बंगाल टीचर्स ट्रेनिंग अचीवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।

भट्टाचार्य अपनी पत्नी सतरूपा भट्टाचार्य और बेटे सौविक भट्टाचार्य के साथ राज्य में करोड़ों रुपये के शिक्षक घोटाले के सिलसिले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।

सीबीआई के अधिकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अपने समकक्षों के साथ मिलकर इस मामले की समानांतर जांच कर रहे हैं, जो अब इन 12 खातों के लेन-देन के विवरण की जांच करेंगे।

मंडल को सीबीआई ने 19 फरवरी को घोटाले के एक अन्य बिचौलिए नीलाद्रि घोष के साथ घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। अपनी गिरफ्तारी के बाद, मंडल ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें अपनी गिरफ्तारी के कारणों का पता नहीं चला, क्योंकि वह एक ऐसे व्यक्ति थे, जो मामले में जांच की प्रक्रिया में सीबीआई और ईडी दोनों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रहे थे।

मंडल द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर ईडी के अधिकारियों ने युवा तृणमूल कांग्रेस के नेता कुंतल घोष को घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किया था।

हाल ही में, कुंतल घोष ने घोटाले की कार्यवाही को मोड़ने की साजिश में सीबीआई की संदिग्ध सूची में फरार बिचौलिए गोपाल दलपति और उनकी पत्नी हेमंती गांगुली का नाम लिया।

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