भारत डायनामिक्स को मिला 1,347 करोड़ रुपये का बड़ा रक्षा ऑर्डर (तस्वीर क्रेडिट@BullTheoryio)

वेनेजुएला में दो भीषण भूकंपों से मची तबाही,देशभर में आपातकाल घोषित,हजारों जानें खतरे में

काराकस,25 जून (युआईटीवी)- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने व्यापक तबाही मचा दी है। एक के बाद एक आए इन जोरदार झटकों ने राजधानी काराकास समेत देश के कई हिस्सों को हिलाकर रख दिया। हालात की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पूरे देश में आपातकाल की घोषणा कर दी है। सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने,अफवाहों से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार भूकंप से कई इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा है,जबकि परिवहन और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ा है।

भूकंप के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने संदेश में डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि देश इस समय एक गंभीर प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की सभी एजेंसियाँ राहत और बचाव कार्यों में जुट गई हैं और प्रभावित इलाकों में तत्काल सहायता पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से शांत रहने और सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।

भूकंप के प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक मैक्वेटिया हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। प्रशासन का कहना है कि हवाई अड्डे की संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन किया जा रहा है और पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही उसे दोबारा खोला जाएगा। हवाई सेवाओं के प्रभावित होने से यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार पहला भूकंप बुधवार देर रात 7.1 तीव्रता का था,जबकि उसके केवल एक मिनट बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र काराकास से लगभग 160 किलोमीटर पश्चिम में स्थित समुद्री तटीय शहर मोरोन के निकट था। विशेषज्ञों के अनुसार दोनों भूकंप मात्र 10 किलोमीटर की गहराई पर आए,जिसके कारण उनकी विनाशकारी क्षमता और अधिक बढ़ गई।

कम गहराई पर आने वाले भूकंप आमतौर पर सतह पर अधिक नुकसान पहुँचाते हैं क्योंकि उनकी ऊर्जा सीधे जमीन तक पहुँचती है। यही कारण है कि वेनेजुएला के कई शहरों में इमारतों को नुकसान पहुँचने और बुनियादी ढाँचे के प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं। राजधानी काराकास में लोगों ने सड़कों पर निकलकर अपनी जान बचाई,जबकि कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएँ बाधित हो गईं।

वेनेजुएला के गृह,न्याय और शांति मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने बताया कि देशभर में भूकंप के प्रभाव का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से काराकास महानगरीय क्षेत्र के पूर्वी हिस्से में कई इमारतें ढह गई हैं। हालाँकि,उन्होंने तत्काल किसी निश्चित मृतक या घायल संख्या की पुष्टि नहीं की,लेकिन स्वीकार किया कि नुकसान काफी व्यापक है और कई क्षेत्रों में बचाव दल मलबे में फँसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

भूकंप के बाद सबसे बड़ी चिंता आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटकों को लेकर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले घंटों और दिनों में और झटके महसूस किए जा सकते हैं,जिससे पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के गिरने का खतरा बना रहेगा। इसी वजह से सरकार ने लोगों से घरों और अन्य भवनों के भीतर रहने से बचने तथा खुले और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने प्रारंभिक आकलन में चेतावनी दी है कि इस आपदा में मरने वालों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। एजेंसी के अनुमान के अनुसार मृतकों की संख्या दस हजार से लेकर एक लाख तक पहुँच सकती है, हालाँकि,यह केवल शुरुआती मॉडलिंग पर आधारित अनुमान है। वास्तविक स्थिति का पता राहत और बचाव कार्य आगे बढ़ने के बाद ही चल सकेगा।

भूकंप के झटके केवल वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहे। पड़ोसी देश कोलंबिया के कई शहरों में भी धरती कांपती महसूस की गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कई इलाकों में लोग घबराकर घरों और कार्यालयों से बाहर निकल आए। हालाँकि,कोलंबिया में किसी बड़े नुकसान की तत्काल सूचना नहीं मिली,लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है।

वेनेजुएला सरकार ने सेना,पुलिस,सिविल प्रोटेक्शन एजेंसियों और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। अस्पतालों को आपातकालीन स्थिति में काम करने के निर्देश दिए गए हैं,जबकि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री पहुँचाने का काम तेज कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता लोगों की जान बचाने और प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने की है।

इस आपदा ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाएँ कितनी विनाशकारी हो सकती हैं। विशेषज्ञ लगातार लोगों से आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहे हैं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं और कई इलाकों में अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।

इसी बीच एशिया से भी भूकंप की खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह उत्तर-पूर्वी जापान में 6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। इस भूकंप के कारण क्षेत्र में कुछ समय के लिए परिवहन सेवाएँ प्रभावित हुईं और लोगों में दहशत फैल गई। हालाँकि,जापानी अधिकारियों ने राहत की बात यह बताई कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्थिति की निगरानी जारी रखी हुई है।

वेनेजुएला में फिलहाल हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। बचाव और राहत कार्यों की गति आने वाले दिनों में इस बात को तय करेगी कि आपदा से प्रभावित लोगों को कितनी जल्दी सहायता मिल पाती है। पूरे देश की निगाहें अब प्रशासन और राहत एजेंसियों पर टिकी हैं,जो इस भीषण प्राकृतिक संकट से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।