वेनेजुएला में भूकंप से तबाही गहराई (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

वेनेजुएला भूकंप त्रासदी: मृतकों की संख्या 3,889 पहुँचीं,हजारों घायल और बेघर,28 देशों की मदद से राहत कार्य तेज

काराकास,10 जुलाई (युआईटीवी)- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 24 जून को आए विनाशकारी भूकंप के बाद हालात अब भी बेहद गंभीर बने हुए हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा सरकारी आँकड़ों के अनुसार,अब तक 3,889 लोगों की मौत हो चुकी है,जबकि 16,740 लोग घायल हुए हैं। हजारों परिवार अपने घरों से बेघर हो गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अस्थायी राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस आपदा ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। सरकार,राहत एजेंसियाँ और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय मिलकर प्रभावित लोगों तक सहायता पहुँचाने में जुटे हुए हैं।

वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने सोशल मीडिया के माध्यम से देश की मौजूदा स्थिति की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 24 जून को आए शक्तिशाली भूकंप के कारण 17,907 लोग बेघर हो गए हैं। बड़ी संख्या में मकान पूरी तरह ढह गए,जबकि हजारों इमारतों को गंभीर क्षति पहुँचीं है। कई इलाकों में सड़कें टूट गई हैं, बिजली और संचार सेवाएँ प्रभावित हुई हैं तथा आवश्यक सुविधाओं की बहाली का कार्य लगातार जारी है।

सरकारी आँकड़ों के अनुसार अब तक 6,462 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। राहत और बचाव दल दिन-रात मलबे में फँसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। सेना,पुलिस,आपदा प्रबंधन बल और स्वयंसेवी संगठन प्रभावित क्षेत्रों में लगातार राहत कार्य चला रहे हैं। हालाँकि,समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की संभावना कम होती जा रही है, फिर भी बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ जारी रखा गया है।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार,मुख्य भूकंप के बाद से अब तक 1,142 आफ्टरशॉक दर्ज किए जा चुके हैं। लगातार आ रहे झटकों के कारण लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। कई परिवार अपने क्षतिग्रस्त घरों में लौटने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं और खुले मैदानों या अस्थायी शिविरों में रात बिताने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार आने वाले आफ्टरशॉक पहले से कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए और अधिक खतरा पैदा कर सकते हैं। इसी कारण प्रशासन ने कई प्रभावित इलाकों को अभी भी संवेदनशील क्षेत्र घोषित कर रखा है।

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने इस कठिन समय में देश का साथ देने वाले अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का विशेष आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि दुनिया के 28 देशों ने मानवीय सहायता भेजकर वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपनी संवेदनशीलता और सहयोग का परिचय दिया है। उन्होंने कराकास में स्थापित एक राहत सामग्री संग्रह केंद्र का निरीक्षण किया,जहाँ विभिन्न देशों से भेजी गई राहत सामग्री को व्यवस्थित किया जा रहा है।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस केंद्र में 2,000 टन से अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहायता सामग्री पहुँच चुकी है। इसमें खाद्य सामग्री,पीने का पानी,दवाइयाँ,चिकित्सा उपकरण,तंबू, कंबल,कपड़े, स्वच्छता संबंधी सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल हैं। इन सभी सामग्रियों को प्रभावित क्षेत्रों में बनाए गए अस्थायी राहत शिविरों तक पहुँचाने की व्यवस्था की जा रही है,ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके।

डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि वेनेजुएला उन सभी देशों,सरकारों और दुनिया भर के लोगों का दिल से आभार व्यक्त करता है,जिन्होंने इस कठिन समय में सहायता की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सहयोगी देश यह देख सकेगा कि उसकी ओर से भेजी गई सहायता का उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है,ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राहत सामग्री सीधे जरूरतमंद लोगों तक पहुँचे और प्रभावित नागरिकों को अंतर्राष्ट्रीय मित्रता एवं सहयोग का वास्तविक अनुभव हो।

उन्होंने कहा कि इस अभूतपूर्व त्रासदी पर पूरी दुनिया ने जिस तरह एकजुट होकर प्रतिक्रिया दी है,उससे वेनेजुएला को यह विश्वास मिला है कि वह इस संकट में अकेला नहीं है। उनके अनुसार अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती भविष्य की ओर देखना और पुनर्निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाना है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण, बुनियादी ढाँचे की बहाली और विस्थापित परिवारों को दोबारा सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है।

इससे पहले जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में 17,345 लोगों के बेघर होने की जानकारी दी गई थी,लेकिन ताजा आँकड़ों में यह संख्या बढ़कर 17,907 हो गई है। इससे स्पष्ट है कि राहत और सर्वेक्षण कार्य आगे बढ़ने के साथ नुकसान का वास्तविक दायरा लगातार सामने आ रहा है। कई दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचने में कठिनाइयों के कारण शुरुआती दिनों में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी थी।

सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए अनेक अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं,जहाँ भोजन,स्वच्छ पेयजल,प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। विशेष रूप से बच्चों,बुजुर्गों,गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से घायल लोगों की देखभाल के लिए अलग चिकित्सा सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग को संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए अतिरिक्त सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि राहत शिविरों में किसी प्रकार का स्वास्थ्य संकट उत्पन्न न हो।

भूकंप से प्रभावित इलाकों में पुनर्वास का कार्य भी धीरे-धीरे शुरू किया जा रहा है। इंजीनियर क्षतिग्रस्त इमारतों का निरीक्षण कर रहे हैं और यह तय किया जा रहा है कि किन भवनों की मरम्मत संभव है तथा किन्हें पूरी तरह ध्वस्त कर दोबारा निर्माण करना होगा। साथ ही सड़कों,पुलों,बिजली लाइनों और जलापूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए भी युद्धस्तर पर काम चल रहा है।

इस भीषण आपदा के बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने पिछले सप्ताह भूकंप में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सात दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि पीड़ितों की स्मृति में शाम छह बजे से सात दिनों का राष्ट्रीय शोक लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह समय पूरे देश के लिए गहरे दुख का है और सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना से प्रभावित सभी लोगों को सरकार हर संभव सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि प्रशासन लोगों की सुरक्षा, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के अपने संकल्प पर पूरी तरह कायम है। उनके अनुसार यह त्रासदी भले ही बेहद बड़ी हो,लेकिन राष्ट्रीय एकता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के बल पर वेनेजुएला इस संकट से उबरने में सफल होगा।

वेनेजुएला में आए इस विनाशकारी भूकंप ने हजारों परिवारों का जीवन बदल दिया है। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने प्रियजनों,घरों और आजीविका को खो दिया है। ऐसे समय में राहत और पुनर्वास कार्य के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है। आने वाले दिनों में राहत कार्य,पुनर्निर्माण और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की गति ही यह तय करेगी कि वेनेजुएला इस भीषण आपदा से कितनी जल्दी उबर पाता है।