दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार (तस्वीर क्रेडिट@VijayKrSinhaBih)

दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार को राजकीय सम्मान के साथ दी जाएगी अंतिम विदाई,केरल सरकार ने किया विशेष इंतजाम

तिरुवनंतपुरम, 8 जून (युआईटीवी)- मलयालम सिनेमा के दिग्गज अभिनेता सलीम कुमार के निधन से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। अपने शानदार अभिनय, अनूठी हास्य शैली और संवेदनशील किरदारों के लिए पहचान बनाने वाले सलीम कुमार के जाने से भारतीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है,जिसने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर लाखों दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई थी। उनके निधन के बाद केरल सरकार ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आदेश में कहा गया है कि सलीम कुमार ने अपने लंबे और सफल फिल्मी करियर के दौरान अभिनय के क्षेत्र में असाधारण योगदान दिया। उनकी कला,समर्पण और उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए सरकार ने उनके अंतिम संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ संपन्न कराने का फैसला किया है। इसके साथ ही अंतिम संस्कार और उससे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

सामान्य प्रशासन (प्रोटोकॉल) विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि सरकार को सलीम कुमार के निधन का समाचार अत्यंत दुख के साथ प्राप्त हुआ। उन्होंने न केवल मलयालम सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाई,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उनकी कला और उपलब्धियों ने केरल का नाम पूरे देश में गौरवान्वित किया। यही कारण है कि राज्य सरकार ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए विशेष व्यवस्थाएँ करने का निर्णय लिया है।

सरकारी आदेश के अनुसार,दिवंगत अभिनेता के पार्थिव शरीर को रविवार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक पारावुर टाउन हॉल में आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इस दौरान उनके प्रशंसक,फिल्म जगत से जुड़े कलाकार,राजनीतिक हस्तियाँ और आम नागरिक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। प्रशासन को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय अभिनेता को अंतिम विदाई देने पहुँचेंगे।

इसके बाद दोपहर 3 बजे एर्नाकुलम जिले के नॉर्थ पारावुर स्थित उनके आवास पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस अवसर पर राजकीय सम्मान के तहत विशेष प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं,ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण और गरिमामय तरीके से संपन्न हो सके।

राज्य सरकार ने एर्नाकुलम के जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि सरकार की ओर से दिवंगत अभिनेता के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित करने की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही एर्नाकुलम (ग्रामीण) के जिला पुलिस प्रमुख को अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस सम्मान प्रदान करने का आदेश दिया गया है। राजकीय सम्मान के तहत बिगुल सलामी दी जाएगी और पूरे सम्मान के साथ अभिनेता को अंतिम विदाई दी जाएगी। यह सम्मान उनके कला और संस्कृति के क्षेत्र में अमूल्य योगदान के प्रति राज्य सरकार की श्रद्धांजलि के रूप में देखा जा रहा है।

सलीम कुमार का नाम मलयालम फिल्म उद्योग के सबसे बहुमुखी कलाकारों में लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हास्य भूमिकाओं से की थी,लेकिन समय के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे केवल एक कॉमेडियन नहीं,बल्कि एक गंभीर और प्रभावशाली अभिनेता भी हैं। उनकी अभिनय क्षमता इतनी व्यापक थी कि वह किसी भी किरदार को जीवंत बना देते थे। चाहे हास्य से भरपूर दृश्य हो या भावनात्मक और संवेदनशील भूमिका,सलीम कुमार ने हर किरदार में अपनी अलग छाप छोड़ी।

उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 2010 में मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार शामिल है। फिल्म ‘अदामिन्ते मकान अबू’ में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया था। यह सम्मान न केवल उनके लिए,बल्कि पूरे मलयालम फिल्म उद्योग के लिए गर्व का क्षण था। इस फिल्म में उनके अभिनय को समीक्षकों और दर्शकों दोनों ने खूब सराहा था।

इसके अलावा उन्हें वर्ष 2005 की चर्चित फिल्म ‘अचनुरंगथा वीडु’ के लिए केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान भी प्राप्त हुआ था। अपने करियर के दौरान उन्होंने अनेक यादगार भूमिकाएँ निभाईं और कई पुरस्कार अपने नाम किए। उनकी लोकप्रियता केवल केरल तक सीमित नहीं थी,बल्कि देशभर के सिनेमा प्रेमी उनके अभिनय के प्रशंसक थे।

सलीम कुमार की खासियत यह थी कि उन्होंने अपने अभिनय के माध्यम से आम आदमी की भावनाओं को पर्दे पर बेहद सहजता से प्रस्तुत किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग बेजोड़ थी, जबकि गंभीर भूमिकाओं में भी वह उतनी ही मजबूती से दर्शकों को प्रभावित करते थे। यही कारण है कि वह कई पीढ़ियों के दर्शकों के बीच समान रूप से लोकप्रिय रहे।

उनके निधन की खबर सामने आने के बाद फिल्म उद्योग,राजनीतिक जगत और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक लोगों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी लाखों प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनकी फिल्मों तथा यादगार किरदारों को याद कर रहे हैं। कई कलाकारों ने उन्हें मलयालम सिनेमा का स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी।

सलीम कुमार का निधन केवल एक अभिनेता का जाना नहीं है,बल्कि भारतीय सिनेमा के एक ऐसे अध्याय का अंत है जिसने अपनी प्रतिभा,समर्पण और सादगी से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। उनकी फिल्में,उनके किरदार और उनकी यादें हमेशा सिनेमा प्रेमियों के बीच जीवित रहेंगी। केरल सरकार द्वारा उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का निर्णय इस बात का प्रमाण है कि उन्होंने कला और संस्कृति के क्षेत्र में कितना महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरित करती रहेगी।