वाशिंगटन,3 फरवरी (युआईटीवी)- 31 एमक्यू-9बी हेल सशस्त्र ड्रोन की प्रस्तावित बिक्री के बारे में अमेरिकी कांग्रेस को जो बाइडेन प्रशासन ने गुरुवार को सूचित किया। जिससे अनौपचारिक समीक्षा की अवधि को मंजूरी दे दी गई। इस सौदे के किसी प्रकार के खतरे में होने की चिंता बढ़ गई थी। अब 30 दिनों का समय कांग्रेस के पास है या तो इस समझौते को बिना कुछ किए हरी झंडी दे या इसे कांग्रेस के वोट के माध्यम से अस्वीकृत कर दे। इस पर ”रोक” लगाने का अभी तक कोई भी कोशिश नहीं की गई है। लेकिन एक व्यक्ति जो इस घटनाक्रम से परिचित है ने कहा कि,”घड़ी अब शुरू होती है।”
भारत में जीई जेट इंजन के संयुक्त उत्पादन के साथ राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जून 2023 में 3 अरब डॉलर के सौदे की घोषणा की गई थी। अन्य कई घोषणाएँ और भी थे,लेकिन स्पष्ट रूप से सबसे महत्वपूर्ण ये दो थी। ख़ास कर सी गार्जियन सौदा,जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान शुरू हुई थी और कई वर्षों से इस पर बातचीत चल रहा था।
31 एमक्यू-9बी यूएवी में से भारतीय नौसेना के लिए 15 सी गार्डियन हैं। भारतीय वायुसेना के लिए आठ और भारतीय सेना के लिए भी आठ हैं। इस समय भारत दो सशस्त्र ड्रोन जो कंपनी के स्वामित्व वाले,कंपनी संचालित लीज समझौते से संबंधित है का उपयोग कर रहा है। अमेरिका, इटली,फ्रांस,ब्रिटेन,स्पेन,नीदरलैंड,जापान और बेल्जियम द्वारा इन ड्रोनों का उपयोग किया जा रहा है।
विदेशी सैन्य बिक्री (एफएमएस) नामक एक प्रक्रिया के माध्यम से भारत इन ड्रोनों को सरकार-से-सरकारी सौदे के तहत खरीद रहा है। जिसे कांग्रेस द्वारा 15,30 या 45 दिनों की वैधानिक अवधि के बाद मंजूरी दी जानी चाहिए।
