हैरी केन के दो गोल से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत, क्रोएशिया को 4-2 से हराकर जीते तीन अहम अंक (तस्वीर क्रेडिट@KZTFutbol)

फीफा विश्व कप 2026: हैरी केन के दो गोल से इंग्लैंड की धमाकेदार शुरुआत,क्रोएशिया को 4-2 से हराकर जीते तीन अहम अंक

अर्लिंग्टन,18 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में इंग्लैंड ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए ग्रुप एल के मुकाबले में क्रोएशिया को 4-2 से हराया। डलास स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दर्शकों को बेहतरीन फुटबॉल,तेज रफ्तार आक्रमण,शानदार गोल और अंत तक बना रहने वाला रोमांच देखने को मिला। इंग्लैंड की जीत के नायक कप्तान हैरी केन रहे, जिन्होंने दो गोल दागकर टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाई। वहीं जूड बेलिंगहैम और मार्कस रैशफोर्ड ने भी एक-एक गोल कर टीम की जीत सुनिश्चित की।

विश्व कप जैसे बड़े मंच पर दोनों टीमों के बीच मुकाबले को लेकर काफी उत्सुकता थी। इंग्लैंड को टूर्नामेंट के प्रमुख दावेदारों में माना जा रहा है,जबकि क्रोएशिया भी अपने अनुभव और मजबूत टीम संयोजन के कारण किसी भी प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की क्षमता रखता है। यही वजह रही कि मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक रवैया अपनाया और दर्शकों को रोमांचक फुटबॉल का आनंद मिला।

मुकाबले के शुरुआती मिनटों में क्रोएशिया ने इंग्लैंड के रक्षापंक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की। टीम ने तेज पासिंग और जवाबी हमलों के जरिए इंग्लैंड को परेशान करने का प्रयास किया,लेकिन इंग्लैंड ने जल्द ही खेल की कमान अपने हाथ में ले ली। मैच के 12वें मिनट में इंग्लैंड को एक महत्वपूर्ण मौका मिला जब रेफरी ने पेनल्टी का फैसला दिया। कप्तान हैरी केन पेनल्टी लेने के लिए आगे आए। उनका पहला प्रयास क्रोएशिया के गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने रोक लिया,लेकिन नियम उल्लंघन के कारण पेनल्टी दोबारा लेने का आदेश दिया गया। दूसरी बार केन ने कोई गलती नहीं की और गेंद को नेट में पहुँचाकर इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी।

हालाँकि,क्रोएशिया ने हार नहीं मानी और जल्द ही मुकाबले में वापसी कर ली। टीम के मिडफील्डर मार्टिन बटुरिना ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए बेहतरीन गोल दागा। उनके इस गोल ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबले को फिर से रोमांचक बना दिया। क्रोएशिया के इस जवाब ने इंग्लैंड को भी सतर्क कर दिया और दोनों टीमों के बीच खेल की गति और तेज हो गई।

इंग्लैंड ने बराबरी के बाद एक बार फिर आक्रमण तेज किया। टीम को कॉर्नर किक का अवसर मिला और इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए हैरी केन ने शानदार हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। यह उनका मैच का दूसरा गोल था और इसके साथ ही इंग्लैंड ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। कप्तान के रूप में केन ने न केवल गोल किए बल्कि पूरे मैच में टीम का नेतृत्व भी प्रभावशाली तरीके से किया।

पहले हाफ के अंतिम क्षणों में ऐसा लग रहा था कि इंग्लैंड बढ़त के साथ विश्राम तक पहुँचेगा,लेकिन क्रोएशिया ने एक बार फिर वापसी का जज्बा दिखाया। स्टॉपेज टाइम में इवान पेरिसिक को आक्रमण करने के लिए पर्याप्त जगह मिली। उन्होंने शानदार पास मूसा को दिया,जिन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 2-2 हो गया और दोनों टीमें बराबरी के साथ हाफ टाइम तक पहुँचीं।

दूसरे हाफ में इंग्लैंड ने जिस अंदाज में खेल की शुरुआत की,उसने मुकाबले की दिशा बदल दी। खेल दोबारा शुरू होने के मात्र दो मिनट बाद जूड बेलिंगहैम ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने दाईं ओर से गेंद लेकर बॉक्स में प्रवेश किया और बेहतरीन नियंत्रण के साथ सटीक शॉट लगाकर इंग्लैंड को 3-2 की बढ़त दिला दी। यह गोल तकनीकी रूप से शानदार था और बेलिंगहैम की विश्व स्तरीय क्षमता को दर्शाता था।

बेलिंगहैम के गोल के बाद इंग्लैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा और क्रोएशियाई रक्षापंक्ति पर दबाव बनाए रखा। डेक्लान राइस, निको ओ’रेली और बेलिंगहैम ने कई अवसर बनाए,लेकिन गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविक ने कुछ शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनकी शानदार गोलकीपिंग के कारण इंग्लैंड कई और गोल करने से चूक गया।

दूसरी ओर क्रोएशिया ने भी हार नहीं मानी। टीम ने जवाबी हमलों के जरिए बराबरी का गोल खोजने की कोशिश की। मार्को पासालिक का एक शक्तिशाली शॉट इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की परीक्षा लेने पहुँचा,लेकिन पिकफोर्ड ने बेहतरीन प्रतिक्रिया दिखाते हुए शानदार बचाव किया। इस बचाव ने इंग्लैंड की बढ़त को सुरक्षित बनाए रखा और टीम का मनोबल भी ऊंचा किया।

जैसे-जैसे मैच अंतिम चरण की ओर बढ़ा, क्रोएशिया ने जोखिम उठाते हुए अधिक खिलाड़ियों को आक्रमण में लगाया। इससे इंग्लैंड को जवाबी हमलों के अवसर मिलने लगे। मैच के अंतिम पलों में इंग्लैंड को वही मौका मिला,जिसका वह इंतजार कर रहा था। सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मार्कस रैशफोर्ड ने अपनी गति और कौशल का शानदार प्रदर्शन करते हुए रक्षकों को छकाया और गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल ने इंग्लैंड की 4-2 की जीत पर मुहर लगा दी।

इस जीत के साथ इंग्लैंड ने विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए तीन महत्वपूर्ण अंक अपने खाते में जोड़ लिए। टीम ने यह भी साबित किया कि वह इस बार खिताब की प्रबल दावेदारों में शामिल है। आक्रमण में धार,मिडफील्ड में नियंत्रण और दबाव की स्थिति में वापसी करने की क्षमता ने इंग्लैंड को एक संतुलित और मजबूत टीम के रूप में पेश किया।

कप्तान हैरी केन के लिए यह मुकाबला व्यक्तिगत रूप से भी बेहद खास रहा। दो गोल करने के साथ उन्होंने विश्व कप इतिहास में एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वह अब विश्व कप इतिहास में पेनल्टी शूटआउट को छोड़कर सबसे अधिक पेनल्टी गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। यह उपलब्धि उनके शानदार करियर में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ती है।

वहीं जूड बेलिंगहैम ने भी अपने प्रदर्शन से यह दिखा दिया कि वह इंग्लैंड के भविष्य ही नहीं,वर्तमान के भी सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। उनके गोल और पूरे मैच में दिखाए गए आत्मविश्वास ने टीम की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई।

विश्व कप के पहले मुकाबले में मिली इस जीत ने इंग्लैंड को ग्रुप एल में मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया है। दूसरी ओर क्रोएशिया को हार के बावजूद अपने संघर्षपूर्ण प्रदर्शन से कुछ सकारात्मक बातें जरूर मिली हैं। अब दोनों टीमों की नजरें अपने अगले मुकाबलों पर होंगी, जहाँ इंग्लैंड जीत की लय बरकरार रखना चाहेगा,जबकि क्रोएशिया वापसी कर अंक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने का प्रयास करेगा।