नागपुर,18 जून (युआईटीवी)- महाराष्ट्र के नागपुर में सामने आए कथित जबरन धर्मांतरण मामले ने नया मोड़ ले लिया है। भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक मौलवी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पहले से ही मुख्य आरोपी और उसके एक सहयोगी को हिरासत में लिया जा चुका है। अब मौलवी की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां पूरे मामले की तह तक पहुँचने का प्रयास कर रही हैं। महिला ने अपनी शिकायत में दुष्कर्म,ब्लैकमेल,जबरन धर्म परिवर्तन,मानसिक प्रताड़ना और कथित तौर पर काला जादू जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं,जिसके बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार किए गए मौलवी की पहचान हजरत मौलाना के रूप में हुई है। उसे मध्य प्रदेश से हिरासत में लिया गया और बाद में आगे की पूछताछ के लिए नागपुर लाया गया। जाँच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी मौलवी की भूमिका कथित धर्म परिवर्तन और निकाह की प्रक्रिया में रही है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में उसकी भागीदारी कितनी गहरी थी और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब भारतीय वायु सेना के एक अधिकारी की 24 वर्षीय पत्नी ने पुलिस में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई। महिला ने अपने पूर्व सहपाठी और उसके कुछ साथियों पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि आरोपी ने पहले दोस्ती का लाभ उठाया और बाद में उसे कथित तौर पर एक सुनियोजित साजिश का शिकार बनाया। महिला के आरोपों के अनुसार उसके साथ न केवल यौन उत्पीड़न किया गया,बल्कि उसे लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के माध्यम से नियंत्रित करने की कोशिश भी की गई।
मामले ने उस समय और अधिक तूल पकड़ लिया,जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में कथित तौर पर एक व्यक्ति महिला का हाथ पकड़े हुए दिखाई देता है और धार्मिक आयतें पढ़ता नजर आता है। वीडियो में महिला भावुक और परेशान दिखाई दे रही है। वीडियो के सामने आने के बाद लोगों के बीच नाराजगी बढ़ी और मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग तेज हो गई। इसके बाद पुलिस ने अपनी जाँच को और तेज कर दिया तथा संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपी अयाज मदारे और उसका सहयोगी अमीन शेख पहले से ही हिरासत में हैं। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जाँचकर्ताओं का मानना है कि इस मामले में कई घटनाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं और पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए सभी पहलुओं की गहन जाँच जरूरी है। मौलवी की गिरफ्तारी को भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
महिला द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार घटनाक्रम की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी। शिकायत में कहा गया है कि 8 फरवरी को मुख्य आरोपी उसे एक होटल में लेकर गया। वहाँ उसके पेय पदार्थ में कथित रूप से नशीला पदार्थ मिला दिया गया। महिला का आरोप है कि पेय पदार्थ पीने के बाद वह बेहोश हो गई। इसी दौरान उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए गए। बाद में इन तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल उसे ब्लैकमेल करने के लिए किया गया।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने महिला को धमकी दी कि यदि वह उसकी बात नहीं मानेगी,तो तस्वीरें और वीडियो उसके पति तथा परिवार के अन्य सदस्यों को भेज दिए जाएँगे। इसके अलावा उन्हें सोशल मीडिया पर भी वायरल करने की धमकी दी गई। महिला का आरोप है कि इसी दबाव का इस्तेमाल करते हुए आरोपी ने कई बार उसका यौन शोषण किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने उससे करीब चार लाख रुपये भी वसूल लिए।
महिला ने अपनी शिकायत में वायरल वीडियो का भी उल्लेख किया है। उसके अनुसार वीडियो में वह लगातार रो रही थी और खुद को छोड़ने की गुहार लगा रही थी। जबकि दूसरी ओर आरोपी धार्मिक आयतें पढ़ रहा था। महिला का दावा है कि इसके बाद उसे बताया गया कि उसका धर्म परिवर्तन करा दिया गया है। उसने आरोप लगाया कि इसके बाद उसके साथ दोबारा यौन उत्पीड़न का प्रयास भी किया गया।
इस मामले का एक और पहलू कथित काला जादू और सम्मोहन से जुड़ा हुआ है। महिला ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी नियमित रूप से उसे एक प्लास्टिक की बोतल में रखा तरल पदार्थ पीने के लिए मजबूर करता था। उसका दावा है कि तरल पदार्थ पिलाने के बाद आरोपी उर्दू में कुछ मंत्र या आयतें पढ़ता था और उसके चेहरे पर फूँक मारता था। महिला का आरोप है कि आरोपी इस प्रक्रिया को सम्मोहन या काला जादू बताता था और दावा करता था कि इससे वह उसके प्रभाव में बनी रहेगी।
पुलिस फिलहाल इन आरोपों की भी जाँच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप का सत्यापन किया जा रहा है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जाँच दल इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों,मोबाइल रिकॉर्ड, वीडियो सामग्री और अन्य दस्तावेजों की भी जाँच कर रहा है।
प्राथमिकी के अनुसार 31 मई को महिला को कथित रूप से कलमेश्वर क्षेत्र में ले जाया गया। वहाँ एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। महिला का आरोप है कि इसी कार्यक्रम के दौरान हजरत मौलाना ने उससे उसकी इच्छा के विरुद्ध ‘कबूल है’ कहलवाया। शिकायत के अनुसार इसके बाद उसका धर्म परिवर्तन घोषित किया गया और फिर अयाज के साथ निकाह की प्रक्रिया पूरी कराई गई। महिला का कहना है कि यह सब उसकी इच्छा के खिलाफ हुआ और उसे लगातार दबाव में रखा गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौलवी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आने की उम्मीद है। जाँच एजेंसियाँ यह जानने का प्रयास कर रही हैं कि कथित धार्मिक अनुष्ठान किन परिस्थितियों में आयोजित किया गया था और उसमें कौन-कौन लोग मौजूद थे। इसके अलावा यह भी जाँच की जा रही है कि क्या पूरे घटनाक्रम की पहले से योजना बनाई गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जाँच को प्राथमिकता दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष और विस्तृत जाँच की जाएगी। किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सभी पक्षों के बयान,उपलब्ध साक्ष्य और तकनीकी जानकारी का परीक्षण किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
इस बीच मामले ने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा को जन्म दिया है। सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जाँच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। वहीं कुछ लोगों ने जाँच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर न पहुँचने की सलाह दी है।
फिलहाल नागपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जाँच कर रही है। मुख्य आरोपी,उसके सहयोगी और गिरफ्तार मौलवी से लगातार पूछताछ की जा रही है। जाँच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पूछताछ और साक्ष्यों के विश्लेषण से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। इस बहुचर्चित मामले पर अब सभी की नजरें जाँच के अगले चरण और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
