टोरंटो,18 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में घाना ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में करते हुए पनामा को 1-0 से हरा दिया। ग्रुप एल के इस रोमांचक मुकाबले में दोनों टीमों ने पूरे मैच में कड़ा संघर्ष किया,लेकिन अंतिम क्षणों में कालेब यिरेंकी के गोल ने घाना को महत्वपूर्ण जीत दिला दी। यह गोल यिरेंकी के अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला गोल भी रहा,जिसने इस जीत को उनके लिए और भी यादगार बना दिया।
मुकाबले की शुरुआत से ही पनामा ने आक्रामक रुख अपनाया और घाना की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाने की कोशिश की। शुरुआती मिनटों में पनामा के खिलाड़ी आमिर मुरिलो ने दाईं ओर से शानदार लो क्रॉस दिया,जिस पर सेसिलियो वाटरमैन को गोल करने का बेहतरीन मौका मिला। हालाँकि,घाना के गोलकीपर बेंजामिन असारे ने शानदार डाइव लगाकर गेंद को गोल लाइन पार नहीं करने दिया। इस बचाव ने घाना को शुरुआती झटके से बचा लिया।
पनामा को इसके बाद भी एक और बड़ा अवसर मिला। एक कॉर्नर के दौरान असारे का पंच सही तरीके से क्लियर नहीं हो पाया और गेंद सीधे जियोवानी रामोस के पास पहुँच गई। रामोस के पास गोल करने का सुनहरा मौका था,लेकिन वह दबाव में गेंद को सही दिशा नहीं दे सके और पनामा बढ़त लेने से चूक गया। शुरुआती दौर में पनामा का दबदबा साफ दिखाई दे रहा था,जबकि घाना अपनी लय तलाशने की कोशिश कर रहा था।
धीरे-धीरे घाना ने भी जवाबी हमले शुरू किए और मुकाबला संतुलित होता गया। दोनों टीमों के मिडफील्डरों ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की और खेल तेज गति से आगे बढ़ता रहा। पहले हाफ में गोल नहीं होने के बावजूद मैच में रोमांच लगातार बना रहा।
दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने और अधिक आक्रामक खेल दिखाया। पनामा ने एक बार फिर बढ़त लेने का मौका बनाया,जब क्रिस्टियन मार्टिनेज ने एक ढीली गेंद पर शॉट लगाने की कोशिश की। उनका प्रयास गोल के काफी करीब था,लेकिन गेंद साइड नेटिंग में जाकर लगी। यह पनामा के लिए एक बड़ा मौका था,जिसे वे भुना नहीं सके।
घाना के कोच कार्लोस क्वेरोज ने मैच के दौरान रणनीतिक बदलाव करते हुए दूसरे हाफ में दो नए खिलाड़ियों को मैदान पर उतारा। इन बदलावों का असर तुरंत दिखाई देने लगा। सब्स्टीट्यूट ब्रैंडन थॉमस-असांटे ने अपनी गति और आक्रामकता से पनामा की रक्षा पंक्ति को परेशान करना शुरू कर दिया। उन्होंने दाईं ओर से शानदार रन बनाते हुए जॉर्डन अयू को एक बेहतरीन पास दिया,लेकिन पनामा के डिफेंडरों ने समय रहते हस्तक्षेप कर खतरे को टाल दिया।
मुकाबला जैसे-जैसे अंतिम चरण में पहुँच रहा था,दोनों टीमों के बीच जीत के लिए संघर्ष और तेज होता जा रहा था। घाना ने लगातार हमले किए,जबकि पनामा भी जवाबी आक्रमण के जरिए गोल की तलाश में लगा रहा। एक समय ऐसा लग रहा था कि मैच बिना किसी गोल के समाप्त हो जाएगा और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ेगा।
हालाँकि, मैच के अंतिम क्षणों में घाना ने निर्णायक हमला किया। ब्रैंडन थॉमस-असांटे ने बाईं ओर से शानदार मूव बनाते हुए पनामा के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश की। इसी दबाव के बीच गेंद कालेब यिरेंकी तक पहुँचीं और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए सटीक शॉट लगाकर गेंद को नेट में पहुँचा दिया। स्टेडियम में मौजूद घाना के समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई,क्योंकि यह गोल टीम को जीत दिलाने वाला साबित हुआ।
यिरेंकी के लिए यह पल बेहद खास था। यह उनके अंतर्राष्ट्रीय करियर का पहला गोल था और वह भी विश्व कप जैसे बड़े मंच पर। युवा खिलाड़ी ने अपने इस प्रदर्शन से साबित कर दिया कि वह बड़े मौकों पर टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गोल के बाद पनामा ने बराबरी करने के लिए अंतिम प्रयास किए,लेकिन घाना की रक्षा पंक्ति और गोलकीपर बेंजामिन असारे ने मजबूती से खेलते हुए किसी भी खतरे को सफल नहीं होने दिया। आखिरकार रेफरी की अंतिम सीटी के साथ घाना ने 1-0 की जीत दर्ज कर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल कर लिए।
इस मुकाबले में घाना के कोच कार्लोस क्वेरोज ने भी एक खास उपलब्धि अपने नाम की। वह लगातार पाँच विश्व कप में अलग-अलग टीमों को कोचिंग देने वाले दुनिया के केवल दूसरे कोच बन गए हैं। उन्होंने 2010 में पुर्तगाल, 2014 में ईरान,2018 में रूस,2022 में कतर और अब 2026 में घाना की टीम का नेतृत्व किया है। इससे पहले यह उपलब्धि बोरा मिलुटिनोविक ने हासिल की थी।
घाना के लिए यह जीत केवल तीन अंक हासिल करने तक सीमित नहीं है,बल्कि यह टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली सफलता भी है। पहले मैच में जीत के साथ अभियान शुरू करने से टीम को आगे के मुकाबलों में सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। वहीं,पनामा के लिए यह हार निराशाजनक जरूर रही,लेकिन टीम ने कई मौकों पर अच्छा खेल दिखाया और वह आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगी।
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में शुरुआती जीत का महत्व बहुत अधिक होता है। घाना ने यह महत्वपूर्ण कदम सफलतापूर्वक उठाया है और अब उसकी नजरें अगले मुकाबलों में अपनी बढ़त बनाए रखने पर होंगी। दूसरी ओर,पनामा को अगले मैचों में वापसी करने के लिए अपनी फिनिशिंग और रक्षात्मक गलतियों पर काम करना होगा।
