अटलांटा,19 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में गुरुवार को खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने शानदार जुझारूपन का परिचय देते हुए चेक गणराज्य के खिलाफ एक गोल से पिछड़ने के बाद वापसी की और मैच को 1-1 की बराबरी पर समाप्त कराया। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ए के इस मुकाबले में दोनों टीमों ने एक-एक अंक साझा किया। इस परिणाम के साथ दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अपना पहला अंक हासिल किया,जबकि चेक गणराज्य के खाते में भी दो मैचों के बाद एक अंक हो गया।
मुकाबले की शुरुआत से ही चेक गणराज्य ने आक्रामक खेल दिखाया। पहले मैच में हार झेलने के बाद टीम पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव था और खिलाड़ियों ने मैदान पर उतरते ही अपने इरादे साफ कर दिए। चेक गणराज्य के मुख्य कोच मिरोस्लाव कौबेक ने मैच से पहले कहा था कि उनकी टीम को तेज शुरुआत की जरूरत है और खिलाड़ियों ने उनकी उम्मीदों को निराश नहीं किया।
मैच के केवल छठे मिनट में चेक गणराज्य को बढ़त मिल गई। दाईं ओर से एडम हलोजेक ने शानदार क्रॉस दिया। इस क्रॉस को एलेक्जेंडर सोजका ने बेहद समझदारी के साथ पहली ही कोशिश में आगे बढ़ाया, जहाँ मौजूद मिखाल कैडिलैक ने बिना समय गंवाए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। दक्षिण अफ्रीका के गोलकीपर रोनवेन विलियम्स के पास इस शॉट को रोकने का कोई मौका नहीं था।
इस गोल ने स्टेडियम में मौजूद चेक समर्थकों को उत्साह से भर दिया। मिखाल कैडिलैक का यह गोल टूर्नामेंट के अब तक के सबसे तेज गोलों में शामिल हो गया। उन्होंने पाँच मिनट और आठ सेकंड में यह उपलब्धि हासिल की। इससे पहले जर्मनी के फेलिक्स नमेचा ने कुराकाओ के खिलाफ मुकाबले में तेज गोल किया था,लेकिन कैडिलैक का गोल उससे भी कुछ सेकंड तेज साबित हुआ।
शुरुआती बढ़त हासिल करने के बाद चेक गणराज्य ने खेल की गति पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की। टीम ने लगातार आक्रमण किए और दक्षिण अफ्रीका की रक्षापंक्ति को दबाव में रखा। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका ने धीरे-धीरे खुद को सँभाला और जवाबी हमलों के जरिए मैच में वापसी की कोशिश शुरू की।
पहले हाफ में दोनों टीमों को कुछ अच्छे अवसर मिले,लेकिन कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी बराबरी का गोल खोजते रहे,जबकि चेक गणराज्य अपनी बढ़त को दोगुना करने की कोशिश करता रहा। हालाँकि,दोनों टीमों के गोलकीपरों और रक्षापंक्तियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया,जिसके कारण हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 ही बना रहा।
दूसरे हाफ में दक्षिण अफ्रीका ने अधिक आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने गेंद पर कब्जा बढ़ाया और लगातार चेक गणराज्य के गोल क्षेत्र में दबाव बनाना शुरू किया। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने मिडफील्ड में बेहतर तालमेल दिखाया और कई बार विपक्षी रक्षा को परेशान किया। हालाँकि,चेक गणराज्य की टीम भी जवाबी हमलों में खतरनाक नजर आ रही थी।
जैसे-जैसे मैच अंतिम चरण में पहुँचा,दक्षिण अफ्रीका का दबाव बढ़ता गया। टीम जानती थी कि हार की स्थिति में उसके लिए अगले दौर की राह मुश्किल हो सकती है। इसी दबाव के बीच उसे मैच के 83वें मिनट में बड़ा अवसर मिला। रेफरी ने दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में पेनाल्टी का फैसला दिया। यह मौका टीम के लिए मुकाबले में लौटने का सुनहरा अवसर था।
पेनाल्टी लेने की जिम्मेदारी टेबोहो मोकोएना ने सँभाली। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाया और स्कोर 1-1 कर दिया। गोल होते ही दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। लंबे समय तक पिछड़ने के बाद टीम आखिरकार बराबरी हासिल करने में सफल रही।
गोल के बाद मुकाबला और भी रोमांचक हो गया। दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए अंतिम मिनटों में पूरी ताकत झोंक दी। चेक गणराज्य ने एक बार फिर बढ़त हासिल करने की कोशिश की,जबकि दक्षिण अफ्रीका भी जीत का गोल दागने के लिए प्रयास करता रहा। लेकिन दोनों टीमों की रक्षापंक्तियों ने कोई और गलती नहीं की और निर्धारित समय समाप्त होने तक स्कोर 1-1 ही बना रहा।
इस परिणाम के बाद ग्रुप ए की स्थिति और दिलचस्प हो गई है। दो मैचों के बाद चेक गणराज्य और दक्षिण अफ्रीका दोनों के खाते में एक-एक अंक हैं। वहीं मेक्सिको और कोरिया गणराज्य तीन-तीन अंकों के साथ समूह में शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं। बेहतर गोल अंतर के कारण मेक्सिको फिलहाल पहले स्थान पर है,जबकि कोरिया गणराज्य दूसरे स्थान पर मौजूद है।
दक्षिण अफ्रीका के लिए यह ड्रॉ मनोबल बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। टीम ने जिस तरह एक गोल से पीछे होने के बावजूद वापसी की,उससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा। दूसरी ओर चेक गणराज्य को इस बात का अफसोस जरूर रहेगा कि शुरुआती बढ़त हासिल करने के बावजूद वह तीन अंक नहीं जुटा सका।
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में हर अंक की अहमियत होती है और यही कारण है कि यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। अब दोनों देशों की निगाहें अपने अगले मुकाबलों पर होंगी,जहाँ जीत हासिल कर अगले दौर में पहुँचने की उम्मीदों को मजबूत करना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा। अटलांटा में खेला गया यह मुकाबला दर्शकों को अंत तक रोमांचित करता रहा और विश्व कप 2026 के यादगार मैचों में शामिल हो गया।
