मारिजैन कप्प के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत से छीनी जीत (तस्वीर क्रेडिट@Surendra21286)

विमेंस टी20 वर्ल्ड कप: मारिजैन कप्प के ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत से छीनी जीत,महिला टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका ने 6 विकेट से दर्ज की शानदार विजय

मैनचेस्टर,22 जून (युआईटीवी)- महिला टी20 विश्व कप 2026 में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए मुकाबले में दक्षिण अफ्रीकी टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 6 विकेट से हरा दिया। मैनचेस्टर के एमिरेट्स ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी ऑलराउंडर मारिजैन कप्प ने गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाई। दो विकेट लेने के बाद नाबाद 81 रन की मैच जिताऊ पारी खेलने वाली कप्प को उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।

इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट के ग्रुप-ए में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। तीन मैचों में दूसरी जीत हासिल करने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम अंक तालिका में तीसरे स्थान पर पहुँच गई है। वहीं भारतीय टीम को तीन मैचों में पहली हार का सामना करना पड़ा, हालाँकि,वह अभी भी दूसरे स्थान पर बनी हुई है। ऑस्ट्रेलिया लगातार तीन जीत के साथ समूह में शीर्ष स्थान पर कायम है।

मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए सकारात्मक रही,जब टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारतीय सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने तेज शुरुआत देते हुए दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने केवल 18 गेंदों में 30 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालाँकि,स्मृति मंधाना ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सकीं और 12 गेंदों में 17 रन बनाकर आउट हो गईं।

स्मृति के आउट होने के बाद शेफाली वर्मा ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने यास्तिका भाटिया के साथ दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी की और स्कोर को आगे बढ़ाया। शेफाली ने अपनी पारी के दौरान कुछ आकर्षक शॉट लगाए और मात्र 15 गेंदों में 31 रन बनाए। उनकी इस तेजतर्रार पारी में एक छक्का और चार चौके शामिल रहे,लेकिन भारतीय टीम को लगातार अंतराल पर झटके लगते रहे और 83 रन के स्कोर तक टीम अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा चुकी थी।

मध्यक्रम पर दबाव बढ़ने के बीच कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी सँभाली। उन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से निकालने का प्रयास किया। हरमनप्रीत ने दीप्ति शर्मा के साथ मिलकर पाँचवें विकेट के लिए 33 रनों की उपयोगी साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को स्थिरता प्रदान की और टीम को 100 रन के आँकड़ें के पार पहुँचाया।

हरमनप्रीत कौर ने 22 गेंदों में 24 रन बनाए,जिसमें दो चौके शामिल थे। हालाँकि,वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सकीं,लेकिन उन्होंने टीम को मुश्किल परिस्थिति से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके आउट होने के बाद दीप्ति शर्मा ने उपयोगी योगदान दिया और 29 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में मदद की। विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने भी अंत के ओवरों में 15 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली।

भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट खोकर 158 रन बनाए। यह स्कोर चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था,लेकिन दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी की गहराई को देखते हुए मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ था।

दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजी में मारिजैन कप्प और शबनीम इस्माइल सबसे सफल रहीं। दोनों ने दो-दो विकेट हासिल किए और भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसके अलावा नॉनकुलुलेको म्लाबा,अयाबोंगा खाका और नादिन डी क्लार्क ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम की सफलता में योगदान दिया।

159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में दबाव बनाया और दक्षिण अफ्रीका को दो बड़े झटके दिए। कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट 20 रन बनाकर आउट हो गईं,जबकि एनेरी डर्कसेन बिना खाता खोले पवेलियन लौट गईं। 5.4 ओवरों के भीतर दो विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि भारतीय टीम मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है।

लेकिन इसके बाद मारिजैन कप्प ने अपने अनुभव और शानदार बल्लेबाजी कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने ताजमिन ब्रित्ज के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीकी पारी को सँभाला और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 63 गेंदों में 97 रनों की शानदार साझेदारी की,जिसने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।

मारिजैन कप्प ने शुरुआत में सावधानी बरती,लेकिन जैसे-जैसे उनकी पारी आगे बढ़ी, उन्होंने भारतीय गेंदबाजों पर आक्रमण तेज कर दिया। उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को लगातार बनाए रखा। दूसरी ओर ताजमिन ब्रित्ज ने भी उनका भरपूर साथ दिया और भारतीय टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

कप्प ने केवल 45 गेंदों में नाबाद 81 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस मैच जिताऊ पारी में सात चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। उन्होंने अंत तक क्रीज पर रहते हुए अपनी टीम को जीत की मंजिल तक पहुँचाया। अंतिम क्षणों में क्लो ट्रायोन ने भी तेज बल्लेबाजी करते हुए चार गेंदों में नाबाद 10 रन बनाए और दक्षिण अफ्रीका ने 19.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

भारतीय गेंदबाजों में श्री चरणी का प्रदर्शन सबसे प्रभावशाली रहा। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 24 रन देकर तीन विकेट हासिल किए और दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी को चुनौती देने का प्रयास किया। इसके अलावा शेफाली वर्मा ने भी एक विकेट अपने नाम किया,लेकिन अन्य गेंदबाज अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में सफल नहीं रहे।

इस हार ने भारतीय टीम के लिए कुछ चिंताएँ जरूर बढ़ा दी हैं,खासकर मध्य ओवरों में गेंदबाजी और बड़े साझेदारियों को तोड़ने की क्षमता को लेकर। वहीं दक्षिण अफ्रीका के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित हुई है। मारिजैन कप्प का शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन इस मुकाबले की सबसे बड़ी विशेषता रहा,जिसने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह महिला क्रिकेट की सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक हैं।

अब टूर्नामेंट के अगले चरण में दोनों टीमों की नजरें अपनी स्थिति मजबूत करने पर होंगी। भारत इस हार से सबक लेकर वापसी की कोशिश करेगा,जबकि दक्षिण अफ्रीका इस जीत से मिले आत्मविश्वास के साथ सेमीफाइनल की दौड़ में अपनी दावेदारी और मजबूत करना चाहेगा।