वैंकूवर,22 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में मिस्र ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए न्यूजीलैंड को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज कर ली। ग्रुप जी के इस रोमांचक मुकाबले में मिस्र की टीम ने शानदार वापसी का प्रदर्शन करते हुए पिछड़ने के बावजूद जीत हासिल की। इस जीत के साथ मिस्र ने न केवल विश्व कप में अपने अभियान को नई ऊर्जा दी,बल्कि अपने 92 साल लंबे फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया। विश्व कप में पदार्पण के 92 साल और 25 दिन बाद मिली यह जीत मिस्र के फुटबॉल इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई है।
इस ऐतिहासिक जीत के केंद्र में टीम के स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सालाह रहे जिन्होंने एक बार फिर अपने अनुभव और प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। सालाह ने टीम के लिए निर्णायक गोल दागा और कई महत्वपूर्ण मौकों पर आक्रमण की अगुवाई की। उनके गोल ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया और मिस्र को जीत की दिशा में आगे बढ़ाया। इसके साथ ही सालाह विश्व कप के दो अलग-अलग संस्करणों में गोल करने वाले मिस्र के पहले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एक और रिकॉर्ड अपने नाम करते हुए मिस्र की ओर से विश्व कप में गोल करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का दर्जा भी हासिल कर लिया।
मैच की शुरुआत न्यूजीलैंड के आक्रामक खेल के साथ हुई। शुरुआत से ही न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने मिस्र पर दबाव बनाना शुरू कर दिया और गेंद पर बेहतर नियंत्रण दिखाया। उनकी रणनीति का असर 15वें मिनट में देखने को मिला,जब टीम को कॉर्नर किक का मौका मिला। इस अवसर का पूरा फायदा उठाते हुए फिन सुरमन ने शानदार हेडर लगाया और गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल ने न्यूजीलैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी और स्टेडियम में मौजूद उनके समर्थकों में उत्साह भर दिया।
गोल खाने के बाद मिस्र ने जवाबी हमला करने की कोशिश की,लेकिन न्यूजीलैंड का रक्षा तंत्र काफी मजबूत नजर आया। पहले हाफ के दौरान न्यूजीलैंड ने मिस्र के आक्रमण को प्रभावी ढंग से रोके रखा और मिस्र के खिलाड़ियों को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरी ओर न्यूजीलैंड लगातार जवाबी हमलों के जरिए दबाव बनाए रखने में सफल रहा। पहले हाफ की समाप्ति तक स्कोर 1-0 रहा और मिस्र पहली बार किसी विश्व कप मुकाबले में हाफ टाइम तक पीछे चल रहा था।
हालाँकि,दूसरे हाफ में मैदान पर एक अलग मिस्र की टीम दिखाई दी। कोच की रणनीति और खिलाड़ियों की आक्रामक मानसिकता ने मैच की तस्वीर बदल दी। मिस्र ने शुरुआत से ही तेज गति के साथ खेलना शुरू किया और लगातार न्यूजीलैंड के गोल पर हमले किए। मोहम्मद सालाह और इमाम अशौर ने कई अच्छे अवसर बनाए,लेकिन न्यूजीलैंड के गोलकीपर ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बनाए रखी।
दूसरी तरफ मिस्र के गोलकीपर मुस्तफा शोबेर ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने न्यूजीलैंड के कई खतरनाक हमलों को नाकाम किया और अपनी टीम को मुकाबले में बनाए रखा। उनके महत्वपूर्ण बचावों ने मिस्र को वापसी का अवसर दिया।
मिस्र को आखिरकार 58वें मिनट में बराबरी का गोल मिल गया। एक शानदार आक्रमण के दौरान जिको को फ्री हेडर का मौका मिला और उन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 से बराबर हो गया और मिस्र के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया। इस गोल ने मैच में नई जान डाल दी और दोनों टीमों के बीच मुकाबला और रोमांचक हो गया।
बराबरी के गोल के बाद मिस्र ने अपनी आक्रामकता और बढ़ा दी। टीम लगातार न्यूजीलैंड के डिफेंस पर दबाव बनाती रही। इसका परिणाम नौ मिनट बाद देखने को मिला,जब मोहम्मद सालाह ने अपनी विश्वस्तरीय क्षमता का परिचय दिया। एक शानदार टीम मूव के बाद उन्हें गेंद मिली और उन्होंने बेहद सटीक निचला शॉट लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुँचा दिया। इस गोल ने मिस्र को 2-1 की बढ़त दिला दी और मैच पूरी तरह मिस्र के पक्ष में झुक गया।
सालाह का यह गोल कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। इसके साथ वह विश्व कप के दो संस्करणों में गोल करने वाले मिस्र के पहले खिलाड़ी बने। इसके अलावा 34 वर्ष और 9 दिन की उम्र में गोल कर उन्होंने मिस्र के लिए विश्व कप में सबसे उम्रदराज गोलकर्ता बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मैग्डी अब्देलघनी के नाम था, जिन्होंने 1990 विश्व कप में 30 वर्ष और 320 दिन की उम्र में गोल किया था।
गोल खाने के बाद न्यूजीलैंड ने मुकाबले में वापसी की पूरी कोशिश की। टीम ने आक्रमण तेज किया और बराबरी का गोल खोजने के लिए लगातार प्रयास किए,लेकिन मिस्र की रक्षापंक्ति ने बेहद अनुशासित प्रदर्शन किया और विरोधी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। मिस्र के खिलाड़ी हर गेंद के लिए संघर्ष करते दिखाई दिए और अपनी बढ़त को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
मैच के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड ने जोखिम उठाते हुए अधिक खिलाड़ियों को आक्रमण में भेजा,लेकिन इसका फायदा मिस्र को मिला। 82वें मिनट में ट्रेजेगुएट ने शानदार गोल करते हुए मिस्र की बढ़त को 3-1 कर दिया। इस गोल ने मुकाबले का परिणाम लगभग तय कर दिया और न्यूजीलैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
अंतिम सीटी बजते ही मिस्र के खिलाड़ी और समर्थक जश्न में डूब गए। यह केवल तीन अंक हासिल करने वाली जीत नहीं थी,बल्कि एक ऐसा ऐतिहासिक क्षण था जिसका इंतजार मिस्र के फुटबॉल प्रेमी दशकों से कर रहे थे। विश्व कप में पहली जीत के साथ मिस्र ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी दमदार प्रदर्शन करने की क्षमता रखता है।
इस जीत ने ग्रुप जी में प्रतिस्पर्धा को और रोमांचक बना दिया है। मोहम्मद सालाह की अगुआई में मिस्र अब अगले मुकाबलों में भी आत्मविश्वास के साथ उतरेगा और नॉकआउट चरण में पहुँचने की अपनी उम्मीदों को मजबूत करने का प्रयास करेगा। वहीं न्यूजीलैंड को इस हार से सबक लेते हुए आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा यदि उसे टूर्नामेंट में अपनी चुनौती बनाए रखनी है।
