फीफा विश्व कप 2026 में काबो वर्डे का कमाल जारी (तस्वीर क्रेडिट@AlexDorgo24)

फीफा विश्व कप 2026 में काबो वर्डे का कमाल जारी,दो बार की चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोका

मियामी,22 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार हिस्सा ले रही काबो वर्डे की टीम लगातार अपने प्रदर्शन से दुनिया को प्रभावित कर रही है। टूर्नामेंट के अपने दूसरे मुकाबले में काबो वर्डे ने दो बार की विश्व चैंपियन उरुग्वे को 2-2 की बराबरी पर रोककर एक बार फिर साबित कर दिया कि वह केवल भाग लेने नहीं,बल्कि बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने आई है। मियामी स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में काबो वर्डे ने साहस,अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया और मुकाबले के अंत तक मजबूत उरुग्वेई टीम को जीत से दूर रखा।

इस परिणाम के साथ काबो वर्डे ने टूर्नामेंट में लगातार दूसरा ड्रॉ दर्ज किया। इससे पहले टीम ने अपने पहले मुकाबले में स्पेन जैसी मजबूत टीम को भी बराबरी पर रोककर सबको चौंका दिया था। अब दो मैचों में दो अंक हासिल करने के बाद काबो वर्डे राउंड ऑफ 32 में पहुँचने की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। वहीं उरुग्वे के लिए यह परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा,क्योंकि मैच के एक चरण में वह जीत के काफी करीब नजर आ रही थी।

मुकाबले की शुरुआत से ही काबो वर्डे ने आत्मविश्वास भरा खेल दिखाया। विश्व कप में पदार्पण कर रही इस टीम ने किसी भी तरह का दबाव अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और शुरुआत से ही उरुग्वे को कड़ी चुनौती दी। काबो वर्डे के खिलाड़ियों ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण बनाए रखा और आक्रमण में भी लगातार सक्रिय दिखाई दिए।

मैच का पहला बड़ा क्षण 21वें मिनट में आया,जब काबो वर्डे ने सभी को चौंकाते हुए बढ़त हासिल कर ली। टीम को फ्री किक का अवसर मिला और टेल्मो अर्कांजो ने शानदार गेंद बॉक्स के भीतर पहुँचाई। वहाँ मौजूद केविन पिना ने बेहतरीन फिनिशिंग करते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। यह गोल केवल मैच का पहला गोल नहीं था,बल्कि काबो वर्डे के विश्व कप इतिहास का पहला गोल भी बन गया। गोल होते ही स्टेडियम में मौजूद काबो वर्डे के समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।

हालाँकि,उरुग्वे जैसी अनुभवी टीम ने इस झटके के बाद तेजी से वापसी की कोशिश शुरू कर दी। दक्षिण अमेरिकी टीम ने गेंद पर नियंत्रण बढ़ाया और काबो वर्डे के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू किया। इसका परिणाम पहले हाफ के अंतिम चरण में देखने को मिला,जब उरुग्वे ने स्कोर बराबर कर दिया।

उरुग्वे के लिए पहला गोल मैक्सी अराउजो ने किया। रोड्रिगो बेंटानकुर का हेडर गोलपोस्ट से टकराकर वापस मैदान में आया। गेंद सीधे मैक्सी अराउजो के पास पहुँचीं और उन्होंने बिना समय गंवाए शानदार शॉट लगाकर गेंद को जाल में पहुँचा दिया। इस गोल ने उरुग्वे को मुकाबले में वापस ला दिया और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया।

पहले हाफ के समाप्त होने से ठीक पहले उरुग्वे ने एक और झटका काबो वर्डे को दिया। स्टॉपेज टाइम में मैनुअल उगार्ते ने शानदार क्रॉस दिया, जिस पर मैक्सी अराउजो ने हेडर लगाया। हालाँकि,गेंद सीधे गोल की दिशा में नहीं जा रही थी,लेकिन अगस्टिन कैनोबिओ ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद का रुख बदल दिया और उसे गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ उरुग्वे ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।

पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित कर चुका है। दो गोल करने के बाद टीम आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही थी और काबो वर्डे के डिफेंस पर लगातार हमले कर रही थी। दूसरी ओर काबो वर्डे को वापसी के लिए कुछ खास करने की जरूरत थी।

दूसरे हाफ में काबो वर्डे के कोच ने महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव किया और 57वें मिनट में टीम के स्टार खिलाड़ी हेलियो वरेला को मैदान पर उतारा। यह फैसला कुछ ही मिनटों में सही साबित हो गया। मैदान पर आने के तुरंत बाद वरेला ने अपनी मौजूदगी का प्रभाव दिखाया और मैच का रुख बदल दिया।

60वें मिनट में उरुग्वे के डिफेंडर ओलिवेरा ने पास देने की कोशिश की,लेकिन गेंद सीधे हेलियो वरेला के पास पहुँच गई। वरेला ने इस गलती का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने शानदार नियंत्रण के साथ गेंद को आगे बढ़ाया और फिर गोलकीपर को छकाते हुए बेहतरीन फिनिशिंग कर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया। इस गोल ने काबो वर्डे के खिलाड़ियों और समर्थकों में नया जोश भर दिया।

इसके बाद मुकाबला और रोमांचक हो गया। दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए। उरुग्वे ने अपनी आक्रामक शैली बरकरार रखी और कई मौकों पर गोल करने के करीब पहुँचा,लेकिन काबो वर्डे की रक्षापंक्ति ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं काबो वर्डे ने भी जवाबी हमलों के जरिए उरुग्वे को परेशान किया और कई बार विपक्षी गोलपोस्ट पर खतरा पैदा किया।

मैच के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों के पास निर्णायक गोल करने के अवसर आए,लेकिन कोई भी टीम उन्हें भुना नहीं सकी। आखिरकार निर्धारित समय समाप्त होने पर स्कोर 2-2 पर ही रुका और दोनों टीमों को एक-एक अंक से संतोष करना पड़ा।

काबो वर्डे के लिए यह परिणाम किसी जीत से कम नहीं माना जा रहा है। विश्व कप में पहली बार खेल रही टीम ने लगातार दूसरे मुकाबले में एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया है। पहले स्पेन और अब उरुग्वे जैसी प्रतिष्ठित टीमों को ड्रॉ पर रोककर काबो वर्डे ने साबित कर दिया है कि वह टूर्नामेंट की सबसे बड़ी सरप्राइज टीमों में से एक बन चुकी है।

अब काबो वर्डे की नजर अपने अगले मुकाबले पर होगी,जहाँ जीत हासिल कर वह नॉकआउट चरण में पहुँचने के अपने सपने को और मजबूत करना चाहेगी। दूसरी ओर उरुग्वे को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा,क्योंकि इस ड्रॉ ने उसके अभियान को थोड़ा मुश्किल जरूर बना दिया है।