अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप का बड़ा दावा,एक साल में अमेरिका को मिले 19.1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव,अर्थव्यवस्था में रिकॉर्ड उछाल का किया जिक्र

वॉशिंगटन,24 जून (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी आर्थिक नीतियों को देश की मजबूती का आधार बताते हुए दावा किया है कि उनके नेतृत्व में अमेरिका दुनिया का सबसे आकर्षक निवेश केंद्र बन गया है। पेंसिलवेनिया के मैकुंगी स्थित मैक ट्रक्स की विनिर्माण इकाई में कर्मचारियों और समर्थकों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिका को 19.1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने इसे अपनी सरकार की आर्थिक नीतियों की बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा पहले से कहीं अधिक अमेरिका की ओर बढ़ा है।

अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक अमेरिका की स्थिति ऐसी थी कि दुनिया के कई देश और निवेशक उसकी आर्थिक संभावनाओं को लेकर संदेह जताते थे। उन्होंने दावा किया कि उस समय अमेरिका को वैश्विक मंच पर कमजोर अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जा रहा था,लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उनके अनुसार,दुनिया भर की सरकारें और बड़ी कंपनियाँ अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था में निवेश करने के लिए उत्सुक हैं।

ट्रंप ने अपने भाषण में एक दिलचस्प प्रसंग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब वह कुछ वर्ष पहले सऊदी अरब गए थे,तब वहाँ के नेतृत्व ने अमेरिका की आर्थिक स्थिति को लेकर टिप्पणी की थी। ट्रंप के अनुसार,उन्हें बताया गया था कि कुछ समय पहले तक अमेरिका को एक कमजोर और ठहरी हुई अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता था,लेकिन अब वह दुनिया का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन उनकी आर्थिक नीतियों और उद्योग समर्थक फैसलों का परिणाम है।

राष्ट्रपति ने दावा किया कि मध्य पूर्व के कई देशों ने अमेरिका में बड़े पैमाने पर निवेश करने की घोषणा की है। उनके अनुसार,कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने अमेरिका में संयुक्त रूप से लगभग दो ट्रिलियन डॉलर निवेश करने का वादा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि बहरीन,कुवैत और अन्य कई देशों की कंपनियां भी अमेरिकी बाजार में निवेश के अवसर तलाश रही हैं। ट्रंप ने कहा कि दुनिया भर से आने वाले इन निवेश प्रस्तावों ने अमेरिका की आर्थिक क्षमता और वैश्विक प्रभाव को और मजबूत किया है।

अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने वर्तमान आर्थिक प्रदर्शन की तुलना पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल से भी की। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के चार वर्षों के दौरान अमेरिका को एक ट्रिलियन डॉलर से भी कम का नया निवेश प्राप्त हुआ था। इसके विपरीत, उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के सत्ता में लौटने के बाद एक वर्ष से भी कम समय में 19.1 ट्रिलियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं। ट्रंप ने इसे अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह आँकड़ा अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ी निवेश प्रतिबद्धताओं में से एक है।

राष्ट्रपति ने शेयर बाजार के प्रदर्शन को भी अपनी आर्थिक नीतियों की सफलता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद से अमेरिकी शेयर बाजार ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है और कई नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ट्रंप के अनुसार,चुनाव के बाद से अब तक शेयर बाजार 73 बार नए उच्चतम स्तर पर पहुँच चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल निवेशकों का उत्साह नहीं दर्शाता,बल्कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रति बढ़ते विश्वास का भी संकेत है।

ट्रंप ने आम अमेरिकी नागरिकों को मिलने वाले लाभों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शेयर बाजार में तेजी का सीधा असर लोगों की सेवानिवृत्ति बचत योजनाओं पर पड़ा है। उनके अनुसार, सामान्य 401(के) रिटायरमेंट प्लान में औसतन लगभग 30 हजार डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगभग 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बराबर है। उन्होंने कहा कि इससे लाखों अमेरिकी परिवारों की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है और भविष्य को लेकर उनका भरोसा बढ़ा है।

अपने भाषण में ट्रंप ने निवेश और औद्योगिक विकास के पीछे अपनी टैरिफ नीति को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार द्वारा लागू किए गए आयात शुल्कों ने कंपनियों को विदेशों पर निर्भर रहने के बजाय अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। उनके अनुसार,अब अनेक कंपनियाँ विदेशी बाजारों से सामान आयात करने के बजाय अमेरिकी धरती पर ही उत्पादन इकाइयां स्थापित कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि देश भर में नई फैक्ट्रियाँ स्थापित हो रही हैं और कई परियोजनाएँ पहले ही शुरू हो चुकी हैं। ट्रंप के मुताबिक,यह केवल निवेश की घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक औद्योगिक विस्तार के रूप में भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि इससे लाखों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र को नई ऊर्जा मिल रही है।

पेंसिलवेनिया का उदाहरण देते हुए राष्ट्रपति ने कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दवा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एली लिली ने राज्य में 3.5 अरब डॉलर की नई विनिर्माण इकाई स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा दूरसंचार क्षेत्र की कंपनी नोकिया अपने परिचालन का विस्तार कर रही है और चिकित्सा उपकरण बनाने वाली कंपनी बी. ब्रॉन भी बड़े निवेश की दिशा में आगे बढ़ रही है। ट्रंप ने कहा कि ये परियोजनाएँ केवल आर्थिक गतिविधियों को नहीं बढ़ाएँगी,बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और विकास के नए अवसर भी लेकर आएँगी।

राष्ट्रपति ने रोजगार के आँकड़ों को भी अपनी उपलब्धियों में शामिल किया। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में अमेरिकी इतिहास के किसी भी अन्य दौर की तुलना में अधिक लोग काम कर रहे हैं। उनके अनुसार,श्रम बाजार में मजबूती और औद्योगिक विस्तार ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं,जिससे बेरोजगारी दर में कमी आई है और लोगों की आय में वृद्धि हुई है।

ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से जुड़े आँकड़ों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और विदेशी बाजारों में अमेरिकी उत्पादों की माँग लगातार बढ़ रही है। उनके अनुसार,दुनिया के विभिन्न देशों को होने वाले अमेरिकी निर्यात में लगभग 150 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने इसे अमेरिकी उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और वैश्विक बाजार में उनकी बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह भाषण आगामी आर्थिक एजेंडे और औद्योगिक नीति की दिशा को स्पष्ट करता है। राष्ट्रपति लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि घरेलू उत्पादन,विनिर्माण क्षेत्र का विस्तार और विदेशी निवेश आकर्षित करना उनकी आर्थिक रणनीति के प्रमुख स्तंभ हैं। उनका तर्क है कि मजबूत औद्योगिक आधार ही दीर्घकालिक आर्थिक विकास और राष्ट्रीय समृद्धि की कुंजी है।

हालाँकि,ट्रंप के इन दावों को लेकर राजनीतिक और आर्थिक हलकों में बहस भी जारी है। समर्थकों का मानना है कि उनकी नीतियों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और अमेरिकी उद्योगों को नई गति दी है। वहीं आलोचकों का कहना है कि निवेश प्रतिबद्धताओं और वास्तविक निवेश के बीच अंतर को भी ध्यान में रखना चाहिए। इसके बावजूद यह स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन आर्थिक उपलब्धियों को अपनी प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

पेंसिलवेनिया में दिए गए इस भाषण के माध्यम से राष्ट्रपति ट्रंप ने यह संदेश देने की कोशिश की कि अमेरिका आर्थिक रूप से एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार,बढ़ता निवेश,मजबूत शेयर बाजार,रोजगार में वृद्धि और औद्योगिक विस्तार इस बात के संकेत हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर पहले से अधिक प्रभावशाली और प्रतिस्पर्धी बन रही है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निवेश संबंधी ये घोषणाएँ किस हद तक वास्तविक परियोजनाओं और आर्थिक परिणामों में परिवर्तित होती हैं।