रोनाल्डो के दो गोलों से पुर्तगाल की धमाकेदार जीत (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

फीफा विश्व कप 2026: रोनाल्डो के दो गोलों से पुर्तगाल की धमाकेदार जीत,उज्बेकिस्तान को 5-0 से हराकर मजबूत की नॉकआउट की दावेदारी

नई दिल्ली,24 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल ने अपने अभियान को नई ऊँचाई देते हुए उज्बेकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया और 5-0 की एकतरफा जीत दर्ज की। ह्यूस्टन स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पुर्तगाल ने शुरुआत से अंत तक पूरी तरह दबदबा बनाए रखा। टीम की जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो रहे,जिन्होंने दो शानदार गोल दागकर न केवल अपनी टीम को बड़ी जीत दिलाई बल्कि विश्व कप इतिहास में एक और रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ पुर्तगाल ने राउंड ऑफ 32 में पहुँचने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है और दो मैचों के बाद चार अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है।

डीआर कांगो के खिलाफ पहले मुकाबले में 1-1 की बराबरी पर रुकने के बाद पुर्तगाल पर जीत का दबाव था,लेकिन टीम ने इस चुनौती का जवाब बेहद प्रभावशाली अंदाज में दिया। मैच की शुरुआत होते ही पुर्तगाल ने आक्रामक रुख अपनाया और उज्बेकिस्तान को संभलने का मौका नहीं दिया। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के बेहतरीन तालमेल ने शुरुआत से ही यह संकेत दे दिया था कि पुर्तगाल इस मुकाबले में किसी भी तरह की चूक नहीं करना चाहता।

मुकाबले के केवल छठे मिनट में ही क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपना जादू दिखा दिया। उन्होंने सटीक फिनिशिंग के साथ गेंद को गोल में पहुँचाकर पुर्तगाल को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल केवल मैच का पहला गोल नहीं था,बल्कि फुटबॉल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी लेकर आया। इस गोल के साथ रोनाल्डो छह अलग-अलग विश्व कप टूर्नामेंट में गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उम्र बढ़ने के बावजूद उनका प्रभाव और खेल के प्रति समर्पण पहले जैसा ही मजबूत है।

पहले गोल के बाद पुर्तगाल का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने लगातार उज्बेकिस्तान के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। 17वें मिनट में नूनो मेंडेस ने शानदार फ्री किक का फायदा उठाते हुए दूसरा गोल दागा और स्कोर 2-0 कर दिया। यह गोल तकनीक और सटीकता का बेहतरीन नमूना था। उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति इस हमले को रोकने में पूरी तरह असफल रही और पुर्तगाल ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली।

उज्बेकिस्तान ने भी बीच-बीच में जवाबी हमला करने की कोशिश की। 29वें मिनट में अजीजजोन गनीव ने एक बेहतरीन मूव के बाद गेंद को गोल में पहुँचा दिया था। कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा कि उज्बेकिस्तान मुकाबले में वापसी कर सकता है,लेकिन रेफरी ने फाउल के कारण गोल को अमान्य घोषित कर दिया। यह फैसला उज्बेकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ क्योंकि टीम को मैच में लौटने का सुनहरा अवसर गंवाना पड़ा।

उधर पुर्तगाल ने अपने आक्रमण की रफ्तार कम नहीं होने दी। 39वें मिनट में एक बार फिर रोनाल्डो ने अपनी शानदार क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने दूसरा व्यक्तिगत और टीम का तीसरा गोल दागते हुए उज्बेकिस्तान की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया। इस गोल के साथ पुर्तगाल ने पहले हाफ का अंत 3-0 की मजबूत बढ़त के साथ किया। पहले हाफ में पुर्तगाल का प्रदर्शन हर विभाग में शानदार रहा। आक्रमण,मिडफील्ड और रक्षापंक्ति तीनों ने मिलकर ऐसा खेल दिखाया जिससे उज्बेकिस्तान लगातार दबाव में बना रहा।

दूसरे हाफ में भी मुकाबले की तस्वीर ज्यादा नहीं बदली। पुर्तगाल ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और उज्बेकिस्तान को ज्यादा मौके नहीं दिए। दूसरी ओर उज्बेकिस्तान की टीम गोल अंतर कम करने के लिए संघर्ष करती रही,लेकिन पुर्तगाल की संगठित रक्षापंक्ति के सामने उसे सफलता नहीं मिली।

मैच का चौथा गोल उज्बेकिस्तान के लिए दुर्भाग्यपूर्ण साबित हुआ। गोलकीपर नेमातोव से हुई एक बड़ी गलती के कारण गेंद अपने ही गोल में चली गई। आत्मघाती गोल ने उज्बेकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दीं तथा स्कोर 4-0 हो गया। यह क्षण टीम के मनोबल पर भी भारी पड़ा,क्योंकि इसके बाद खिलाड़ियों के चेहरे पर निराशा साफ दिखाई देने लगी।

पुर्तगाल हालाँकि,यहीं नहीं रुका। टीम लगातार हमले करती रही और अंतिम समय तक गोल करने के अवसर तलाशती रही। मुकाबले के 87वें मिनट में राफेल लियाओ ने शानदार गोल करते हुए स्कोर 5-0 कर दिया। उनके इस गोल ने पुर्तगाल की यादगार जीत पर अंतिम मुहर लगा दी। मैच के अंतिम मिनटों में भी पुर्तगाल का खेल उतना ही ऊर्जावान दिखाई दिया जितना शुरुआत में था।

इस मुकाबले में पुर्तगाल की सबसे बड़ी ताकत उसका सामूहिक प्रदर्शन रहा। जहाँ रोनाल्डो ने दो गोल कर सुर्खियाँ बटोरीं,वहीं नूनो मेंडेस,राफेल लियाओ और पूरी टीम ने भी अपने-अपने स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दिया। मिडफील्ड ने खेल की गति नियंत्रित की,जबकि डिफेंडरों ने उज्बेकिस्तान को ज्यादा अवसर नहीं दिए। गोलकीपर को भी बहुत कम चुनौती का सामना करना पड़ा क्योंकि टीम का सामूहिक दबदबा पूरे मैच में बना रहा।

दूसरी ओर उज्बेकिस्तान के लिए यह मुकाबला कई सीख लेकर आया है। टीम ने कुछ अच्छे मूव जरूर बनाए,लेकिन निर्णायक क्षणों में वह प्रभाव छोड़ने में असफल रही। रक्षापंक्ति पर लगातार दबाव बना रहा और आक्रमण भी अपेक्षित स्तर का प्रदर्शन नहीं कर सका। आत्मघाती गोल ने स्थिति को और कठिन बना दिया।

इस बड़ी जीत के साथ पुर्तगाल ने न केवल अपने गोल अंतर में सुधार किया है,बल्कि ग्रुप में शीर्ष स्थान भी हासिल कर लिया है। चार अंकों के साथ टीम अब नॉकआउट चरण की ओर मजबूत कदम बढ़ा चुकी है। रोनाल्डो की शानदार फॉर्म और टीम के संतुलित प्रदर्शन ने समर्थकों की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है।

अब पुर्तगाल की नजर अपने अगले मुकाबले पर होगी,जहाँ वह इसी लय को बरकरार रखते हुए ग्रुप चरण का समापन जीत के साथ करना चाहेगा। यदि टीम इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखती है,तो वह इस विश्व कप में खिताब की प्रबल दावेदारों में से एक बन सकती है। ह्यूस्टन में मिली यह शानदार जीत निश्चित रूप से पुर्तगाल के आत्मविश्वास को नई मजबूती देगी और टूर्नामेंट में उसके अभियान को नई दिशा प्रदान करेगी।