लॉर्ड्स टेस्ट में भारत का दबदबा (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

लॉर्ड्स में भारत की ऐतिहासिक जीत, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर रचा नया इतिहास

लंदन,14 जुलाई (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने सोमवार को क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन के विशाल अंतर से हराकर एक यादगार उपलब्धि अपने नाम कर ली। यह केवल एक शानदार जीत नहीं,बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय भी बन गई। भारत लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर महिला टेस्ट मैच जीतने वाला पहला देश बन गया है। खास बात यह रही कि लॉर्ड्स में खेला गया यह पहला महिला टेस्ट मैच था और भारत ने इस ऐतिहासिक अवसर को शानदार जीत के साथ अपने नाम कर लिया। टीम इंडिया ने बल्लेबाजी,गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों में शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को पूरी तरह से मुकाबले से बाहर कर दिया।

मैच की शुरुआत इंग्लैंड द्वारा टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित करने के साथ हुई। भारतीय टीम ने धैर्य और अनुशासन के साथ बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 285 रन बनाए। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने एक बार फिर अपनी क्लास का प्रदर्शन करते हुए 83 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाजों का आत्मविश्वास से सामना किया और भारतीय पारी को मजबूत आधार दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 58 रन बनाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मध्यक्रम में दीप्ति शर्मा ने भी 57 रनों का उपयोगी योगदान दिया। इन तीनों बल्लेबाजों की पारियों ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन सबसे सफल गेंदबाज रहीं और उन्होंने तीन विकेट हासिल किए,लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने अन्य गेंदबाजों को ज्यादा प्रभावी नहीं होने दिया।

पहली पारी में 285 रन बनाने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में ला दिया। मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और मात्र 47 रन के स्कोर तक उसने अपने चार महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों के बाद कप्तान नैट साइवर-ब्रंट और एमी जोन्स ने पांचवें विकेट के लिए 84 रनों की साझेदारी कर टीम को सँभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम के साथ खेलते हुए भारतीय गेंदबाजों का सामना किया,लेकिन जैसे ही यह साझेदारी टूटी,इंग्लैंड की पूरी बल्लेबाजी फिर बिखर गई।

नैट साइवर-ब्रंट 44 रन बनाकर आउट हुईं,जबकि एमी जोन्स ने 52 रनों की उपयोगी पारी खेली। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका और पूरी इंग्लैंड टीम 170 रन पर सिमट गई। भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 37 रन देकर पाँच विकेट झटके। उनका यह प्रदर्शन मैच का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। उनकी सटीक लाइन और लेंथ के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी बेबस नजर आई। पहली पारी के आधार पर भारत ने 115 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली।

दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाजों ने एक बार फिर इंग्लैंड के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। टीम ने आक्रामक और सकारात्मक बल्लेबाजी करते हुए अपनी बढ़त को लगातार बढ़ाया। इस पारी में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 70 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को तेज शुरुआत दिलाई। वहीं यास्तिका भाटिया ने ऐतिहासिक शतक जड़ते हुए 113 रन बनाए। उनकी यह पारी भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बेहद खास रही। यास्तिका ने धैर्य,तकनीक और आक्रामकता का शानदार मिश्रण पेश किया और इंग्लैंड के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनके शतक की बदौलत भारत ने अपनी बढ़त 400 रन के पार पहुँचा दी और इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।

इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखाई दी। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार सटीक गेंदबाजी करते हुए बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। महज 59 रन तक इंग्लैंड के पाँच बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। टीम एक बार फिर मुश्किल में थी और भारतीय गेंदबाज पूरी तरह हावी नजर आ रहे थे।

इसके बाद मैडी विलियर्स और एमी जोन्स ने छठे विकेट के लिए 67 रनों की साझेदारी कर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया। दोनों बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों का सामना करते हुए मैच को थोड़ा आगे बढ़ाया,लेकिन जैसे ही यह साझेदारी टूटी,इंग्लैंड की उम्मीदें भी समाप्त हो गईं। एमी जोन्स ने दूसरी पारी में भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 54 रन बनाए,जबकि सोफी एक्लेस्टोन ने निचले क्रम में संघर्ष करते हुए छह चौकों की मदद से 50 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। हालांकि उनके प्रयास टीम को हार से नहीं बचा सके और पूरी इंग्लैंड टीम 186 रन पर सिमट गई।

भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में भी शानदार अनुशासन और विविधता का प्रदर्शन किया। अनुभवी स्पिनर स्नेह राणा ने सबसे प्रभावशाली गेंदबाजी करते हुए चार विकेट अपने नाम किए। उन्होंने बीच के ओवरों में इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। वहीं सयाली सतघारे,क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने दो-दो विकेट लेकर टीम की जीत सुनिश्चित की। तेज और स्पिन गेंदबाजों के बेहतरीन तालमेल ने इंग्लैंड की बल्लेबाजी को कोई मौका नहीं दिया।

270 रनों की इस शानदार जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ अपने नाम कर लीं। लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर महिला टेस्ट मैच जीतने वाली भारत पहली टीम बन गई। यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं,बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लगातार बढ़ते स्तर,खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और टीम के सामूहिक प्रदर्शन का प्रमाण भी है।

इस मुकाबले में भारतीय टीम ने हर विभाग में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बल्लेबाजों ने दोनों पारियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया,गेंदबाजों ने इंग्लैंड की दोनों पारियों को नियंत्रित रखा और क्षेत्ररक्षकों ने भी कोई बड़ी गलती नहीं की। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के संतुलन ने टीम को मजबूती प्रदान की और यही इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी वजह रही।

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर मिली यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए लंबे समय तक याद रखी जाएगी। इस प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय महिला टीम अब दुनिया की किसी भी मजबूत टीम को उसके घरेलू मैदान पर चुनौती देने और हराने का दम रखती है। यह ऐतिहासिक सफलता आने वाले समय में भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊर्जा,नया आत्मविश्वास और नई पहचान देने का काम करेगी।