सिडनी,14 जुलाई (युआईटीवी)- न्यूजीलैंड के दिग्गज अभिनेता सैम नील का सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही वैश्विक फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। दशकों तक अपने दमदार अभिनय से करोड़ों दर्शकों का दिल जीतने वाले सैम नील ने न केवल न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की फिल्म इंडस्ट्री को नई पहचान दिलाई,बल्कि हॉलीवुड में भी अपनी अलग छाप छोड़ी। विशेष रूप से वर्ष 1993 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ में निभाए गए डॉ. एलन ग्रांट के किरदार ने उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमर पहचान दिलाई। उनके निधन पर न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष नेताओं सहित दुनिया भर के कलाकारों और प्रशंसकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
सैम नील के परिवार ने उनके आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से उनके निधन की पुष्टि की। परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह अत्यंत दुखद क्षण है और पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। बयान में बताया गया कि सैम नील अपने अंतिम समय में परिवार के बीच थे और उन्होंने पूरे सम्मान,गरिमा तथा शांति के साथ अंतिम सांस ली। परिवार ने यह भी कहा कि हाल के महीनों में वह कैंसर से मुक्त हो चुके थे और यही बात उनके लिए सबसे बड़ी राहत थी।
परिवार ने अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया,जिन्होंने कठिन समय में सैम नील की पूरी निष्ठा के साथ देखभाल की। बयान में सेंट विंसेंट प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ की सराहना करते हुए कहा गया कि उन्होंने हर संभव प्रयास किया और परिवार उनके सहयोग के लिए सदैव आभारी रहेगा। साथ ही परिवार ने इस कठिन समय में लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील भी की।
सैम नील पिछले कुछ वर्षों से रक्त कैंसर के एक दुर्लभ और आक्रामक प्रकार से जूझ रहे थे। बीमारी का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से अनेक लोगों को प्रेरित भी किया। इस वर्ष अप्रैल में उन्होंने सार्वजनिक रूप से बताया था कि वह कैंसर से मुक्त हो गए हैं। उनके इस बयान के बाद प्रशंसकों ने राहत की सांस ली थी और उनके स्वस्थ जीवन की कामना की थी। इसलिए उनके निधन की खबर ने दुनिया भर में उनके चाहने वालों को गहरे सदमे में डाल दिया।
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सैम नील को देश की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सैम नील उन महान व्यक्तित्वों में शामिल थे,जिन्होंने ऐसे समय में अभिनय की शुरुआत की,जब न्यूजीलैंड में फिल्म उद्योग अभी अपने शुरुआती दौर में था। उन्होंने पाँच दशकों से अधिक समय तक अपने अभिनय के माध्यम से न्यूजीलैंड की कहानियों,संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि सैम नील की प्रतिभा ने न्यूजीलैंड की फिल्म इंडस्ट्री को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी अभिनेता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सैम नील ने अनेक ऐसी फिल्मों और कहानियों में काम किया जो ऑस्ट्रेलिया के लोगों के दिलों के बेहद करीब हैं। उन्होंने कहा कि सैम ने अपनी बीमारी का सामना जिस साहस,गरिमा,हास्य और आत्मविश्वास के साथ किया,वही गुण उनके अभिनय की सबसे बड़ी पहचान भी रहे। प्रधानमंत्री ने कहा कि सैम नील का जाना केवल फिल्म जगत की क्षति नहीं है,बल्कि उन सभी लोगों के लिए व्यक्तिगत नुकसान है,जिन्होंने उनके अभिनय को पसंद किया और उनसे प्रेरणा ली।
सैम नील का जन्म 14 सितंबर 1947 को उत्तरी आयरलैंड में हुआ था। बचपन में उनका परिवार न्यूजीलैंड चला गया,जहाँ उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी की और बाद में फिल्म जगत में कदम रखा। अभिनय की दुनिया में आने से पहले उन्होंने लगभग छह वर्षों तक न्यूजीलैंड नेशनल फिल्म यूनिट में निर्देशक,संपादक और पटकथा लेखक के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने फिल्म निर्माण की बारीकियों को गहराई से समझा,जिसका लाभ उन्हें आगे चलकर अपने अभिनय करियर में भी मिला।
सत्तर के दशक में उन्होंने अभिनय की शुरुआत की और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 1977 में रिलीज हुई न्यूजीलैंड की चर्चित फिल्म ‘स्लीपिंग डॉग्स’ उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। इस फिल्म में उनके अभिनय को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और पहली बार वैश्विक फिल्म जगत का ध्यान उनकी ओर गया। इसके बाद वर्ष 1979 में ऑस्ट्रेलियाई फिल्म ‘माई ब्रिलियंट करियर’ में उनकी प्रभावशाली भूमिका ने उन्हें एक संवेदनशील और प्रतिभाशाली अभिनेता के रूप में स्थापित कर दिया।
हालाँकि,सैम नील को सबसे बड़ी वैश्विक पहचान वर्ष 1993 में मिली,जब उन्होंने प्रसिद्ध निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जुरासिक पार्क’ में डायनासोर विशेषज्ञ डॉ. एलन ग्रांट की भूमिका निभाई। इस फिल्म ने दुनिया भर में अभूतपूर्व सफलता हासिल की और सैम नील का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया। वैज्ञानिक की भूमिका में उनके संयमित,गंभीर और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें हॉलीवुड के शीर्ष अभिनेताओं की श्रेणी में पहुँचा दिया। बाद में उन्होंने ‘जुरासिक पार्क’ श्रृंखला की अन्य फिल्मों में भी अपनी भूमिका निभाई और नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच भी अपनी लोकप्रियता बनाए रखी।
सैम नील ने केवल फिल्मों तक ही अपने अभिनय को सीमित नहीं रखा। उन्होंने अनेक टेलीविजन धारावाहिकों और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में भी यादगार अभिनय किया। लोकप्रिय श्रृंखला ‘पीकी ब्लाइंडर्स’ में उनकी भूमिका को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न शैलियों की फिल्मों में काम करते हुए यह साबित किया कि वह हर तरह के किरदार को सहजता और गहराई के साथ निभाने की क्षमता रखते हैं।
अपने लंबे करियर के दौरान सैम नील ने रोमांटिक,ऐतिहासिक,विज्ञान-फंतासी,साहसिक और मनोवैज्ञानिक फिल्मों सहित अनेक विधाओं में अभिनय किया। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वह हर किरदार को वास्तविकता के करीब ले आते थे। उनके अभिनय में सहजता,भावनात्मक गहराई और सादगी का अनूठा मेल दिखाई देता था,जिसने उन्हें विश्वभर के दर्शकों का प्रिय कलाकार बना दिया।
अभिनय के अलावा सैम नील अपने विनम्र स्वभाव,हास्यबोध और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए भी जाने जाते थे। वह सामाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते थे और पर्यावरण संरक्षण सहित कई जनहित विषयों का समर्थन करते थे। कठिन बीमारी के दौरान भी उन्होंने जीवन के प्रति आशावादी दृष्टिकोण बनाए रखा और अपने अनुभवों के माध्यम से लोगों को साहस के साथ चुनौतियों का सामना करने का संदेश दिया।
सैम नील के निधन के साथ अंतर्राष्ट्रीय सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपने अभिनय से कई पीढ़ियों को प्रभावित किया। उनकी फिल्मों और निभाए गए किरदारों को आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। ‘जुरासिक पार्क’ के डॉ. एलन ग्रांट से लेकर ‘पीकी ब्लाइंडर्स’ जैसे चर्चित प्रोजेक्ट्स तक,उन्होंने हर भूमिका में अपनी अमिट छाप छोड़ी। न्यूजीलैंड,ऑस्ट्रेलिया और पूरी दुनिया के सिनेमा प्रेमियों के लिए उनका जाना एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान,उनकी प्रतिभा और उनकी विरासत हमेशा फिल्म इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी रहेगी और आने वाली पीढ़ियों के कलाकारों को प्रेरणा देती रहेगी।
