टोक्यो,15 जुलाई (युआईटीवी)- जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित प्रतिष्ठित जापान ओपन 2026 में भारत ने सकारात्मक शुरुआत करते हुए महिला एकल और मिश्रित युगल वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने पहले ही मुकाबले में दमदार जीत दर्ज कर दूसरे दौर में जगह बना ली,जबकि ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की मिश्रित युगल जोड़ी ने भी प्रभावशाली खेल दिखाते हुए अगले चरण का टिकट हासिल किया। हालाँकि,पुरुष युगल और एक अन्य मिश्रित युगल मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा हाथ लगी। कुल मिलाकर टूर्नामेंट के पहले दिन भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा,लेकिन सिंधु और ध्रुव-तनीषा की जीत ने भारतीय चुनौती को मजबूती प्रदान की।
विश्व बैडमिंटन महासंघ के सुपर 750 स्तर के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों की निगाहें न केवल खिताब पर टिकी हैं,बल्कि अगले महीने होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप और वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले एशियाई खेलों के लिए महत्वपूर्ण रैंकिंग अंक हासिल करने पर भी हैं। ऐसे में पहले दौर में मिली जीत खिलाड़ियों के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
भारत की सबसे अनुभवी महिला शटलर पीवी सिंधु ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की। उन्होंने मलेशिया की वोंग लिंग चिंग को सीधे गेमों में 21-14, 21-11 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। यह मुकाबला केवल 36 मिनट तक चला और पूरे मैच के दौरान सिंधु ने अपने अनुभव और आक्रामक खेल का बेहतरीन प्रदर्शन किया। पहले गेम में शुरुआती कुछ अंक बराबरी के रहे,लेकिन इसके बाद सिंधु ने लगातार अंक जुटाकर बढ़त बना ली और बिना किसी दबाव के पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में भी भारतीय खिलाड़ी ने शुरुआत से ही विपक्षी खिलाड़ी पर दबाव बनाए रखा। उनकी सटीक स्मैश,तेज रिटर्न और कोर्ट कवरेज ने मलेशियाई खिलाड़ी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। सिंधु ने पूरे मुकाबले में संयम बनाए रखा और आसान गलतियों से बचते हुए सीधे गेमों में जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन ने यह संकेत भी दिया कि वह एक बार फिर अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
वर्ष 2019 की विश्व चैंपियन और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में उन्हें फिटनेस और निरंतरता से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। अब जापान ओपन में शानदार शुरुआत ने उनके आत्मविश्वास को नई मजबूती दी है और भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदें भी बढ़ा दी हैं।
मिश्रित युगल वर्ग में भारत की ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए स्कॉटलैंड के अलेक्जेंडर डन और जूली मैकफर्सन को 21-16, 21-14 से हराकर दूसरे दौर में प्रवेश किया। भारतीय जोड़ी ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और नेट पर शानदार नियंत्रण दिखाया। पहले गेम में कुछ समय तक मुकाबला बराबरी का रहा,लेकिन निर्णायक क्षणों में ध्रुव और तनीषा ने लगातार अंक जुटाकर बढ़त बना ली।
दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी ने विपक्षी खिलाड़ियों को वापसी का मौका नहीं दिया। ध्रुव की तेज स्मैश और तनीषा की बेहतरीन नेट प्ले ने स्कॉटलैंड की जोड़ी को लगातार दबाव में रखा। दोनों खिलाड़ियों के बीच तालमेल भी शानदार दिखाई दिया,जिसका परिणाम सीधे गेमों में जीत के रूप में सामने आया। यह जीत आने वाले मुकाबलों के लिए भारतीय जोड़ी का मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी।
हालांकि मिश्रित युगल वर्ग में भारत को एक झटका भी लगा। रोहन कपूर और रुत्विका शिवानी की जोड़ी को चीन के शीर्ष वरीयता प्राप्त फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग के खिलाफ सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव और तेज खेल का प्रदर्शन करते हुए भारतीय खिलाड़ियों को 21-11, 21-10 से पराजित किया। पूरे मुकाबले में भारतीय जोड़ी लय हासिल नहीं कर सकी और चीन के खिलाड़ियों ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज कर ली।
पुरुष युगल वर्ग में भी भारतीय चुनौती को निराशा हाथ लगी। हरिहरन अमसाकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने मुकाबले में शानदार वापसी की कोशिश की। पहला गेम हारने के बाद उन्होंने दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुँचाया,लेकिन अंतिम गेम में चीनी ताइपे की ली जे-हुई और यांग पो-ह्सुआन की जोड़ी ने अपना दबदबा कायम रखते हुए 21-13, 17-21, 21-7 से जीत हासिल कर ली। निर्णायक गेम में भारतीय खिलाड़ियों की लय पूरी तरह टूट गई और वे लगातार अंक गंवाते चले गए।
भारत को सबसे बड़ा झटका पुरुष युगल की स्टार जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के रूप में लगा। जून में इंडोनेशिया ओपन से हटने के बाद यह जोड़ी पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उतरी थी। डेनमार्क के डेनियल और मैड्स वेस्टरगार्ड के खिलाफ मुकाबले में भारतीय जोड़ी पहला गेम 19-21 से हार गई। इसके बाद सात्विक के कंधे की पुरानी चोट फिर उभर आने के कारण दोनों खिलाड़ियों ने मुकाबला बीच में ही छोड़ने का फैसला किया।
सात्विक की चोट ने भारतीय बैडमिंटन के लिए चिंता बढ़ा दी है। जानकारी के अनुसार यही चोट उन्हें पिछले एक महीने से प्रतियोगिताओं से दूर रखे हुए थी और अब इसके दोबारा उभरने के कारण वे अगले सप्ताह होने वाले चाइना ओपन में भी हिस्सा नहीं ले पाएँगे। भारतीय टीम का पूरा ध्यान अब अगले महीने भारत में आयोजित होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप की तैयारियों पर रहेगा,जहाँ सात्विक और चिराग से एक बार फिर पदक की उम्मीद की जा रही है।
करीब 9.5 लाख अमेरिकी डॉलर की इनामी राशि वाला जापान ओपन विश्व बैडमिंटन महासंघ के सबसे प्रतिष्ठित सुपर 750 टूर्नामेंटों में शामिल है। इस प्रतियोगिता में विश्व के लगभग सभी शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं और यहाँ मिलने वाले रैंकिंग अंक खिलाड़ियों के भविष्य के अभियानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
भारत के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास है क्योंकि अब तक कोई भी भारतीय खिलाड़ी जापान ओपन का खिताब अपने नाम नहीं कर सका है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी इस बार इतिहास बदलने के इरादे से कोर्ट पर उतरे हैं। पहले दिन पीवी सिंधु और ध्रुव-तनीषा की जीत ने इस उम्मीद को और मजबूत किया है कि भारत इस बार टूर्नामेंट में यादगार प्रदर्शन कर सकता है।
अब दूसरे दौर में भारतीय खिलाड़ियों के सामने चुनौती और कठिन होगी। सिंधु से उम्मीद रहेगी कि वह अपनी शानदार लय बरकरार रखें और खिताब की दौड़ में आगे बढ़ें। वहीं ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी भी लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हुए भारत को मिश्रित युगल वर्ग में बड़ी सफलता दिलाने का प्रयास करेगी। दूसरी ओर सात्विक और चिराग की चोट ने भारतीय खेमे की चिंताएँ बढ़ा दी हैं,क्योंकि आगामी विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में यह जोड़ी भारत की सबसे बड़ी पदक उम्मीदों में शामिल है।
जापान ओपन के पहले दिन भारत को भले ही मिश्रित परिणाम मिले हों,लेकिन पीवी सिंधु की आत्मविश्वास से भरी जीत और ध्रुव-तनीषा की मजबूत शुरुआत ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में लंबी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। आने वाले मुकाबलों में सभी की नजरें अब भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी,जहाँ वे देश को पहली बार जापान ओपन का खिताब दिलाने का सपना साकार करने की कोशिश करेंगे।
