शेनझेन (चीन),5 सितंबर (युआईटीवी)- भारत के स्टार पुरुष डबल्स खिलाड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बना ली है। शुक्रवार को खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने डेनमार्क के किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन की मजबूत जोड़ी को तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-13, 16-21, 21-18 से शिकस्त दी। भारतीय जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया,लेकिन डेनमार्क की जोड़ी ने दूसरे गेम में शानदार वापसी करते हुए मैच को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुँचा दिया। हालाँकि,दबाव के क्षणों में सात्विक और चिराग ने संयम बनाए रखा और निर्णायक गेम में बेहतर प्रदर्शन करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
मुकाबले के पहले गेम में सात्विक और चिराग ने शुरुआत से ही अपनी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया। भारतीय खिलाड़ियों ने तेज रैलियों के साथ डेनमार्क की जोड़ी पर दबाव बनाया और लगातार अंक जुटाते हुए बढ़त हासिल की। किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन ने वापसी की कोशिश की,लेकिन भारतीय जोड़ी ने उन्हें ज्यादा मौके नहीं दिए। सात्विक की ताकतवर स्मैश और चिराग की नेट के पास शानदार मौजूदगी ने भारतीय जोड़ी को बढ़त बनाए रखने में मदद की। सात्विक-चिराग ने पहला गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली।
दूसरे गेम में डेनमार्क की जोड़ी ने अपने खेल का स्तर बढ़ाया। एस्ट्रुप और रासमुसेन ने भारतीय खिलाड़ियों की आक्रामक शैली का बेहतर जवाब दिया और रैलियों को लंबा खींचते हुए सात्विक और चिराग को लगातार दबाव में रखा। भारतीय जोड़ी ने कई मौकों पर वापसी करने की कोशिश की,लेकिन डेनमार्क के खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण अंकों पर धैर्य बनाए रखा। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी और डेनमार्क ने 21-16 से गेम जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
इसके बाद मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुँच गया,जहाँ दोनों जोड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। तीसरे गेम में हर अंक का महत्व बढ़ गया था और दोनों पक्षों के खिलाड़ी जोखिम लेने से बचते हुए अपनी रणनीति के अनुसार खेलने की कोशिश कर रहे थे। सात्विक और चिराग ने इस दौरान धैर्य का परिचय दिया। उन्होंने अनावश्यक गलतियों से बचते हुए महत्वपूर्ण मौकों पर आक्रामक शॉट लगाए। मैच के अंतिम चरण में भारतीय जोड़ी ने अपनी पकड़ मजबूत की और 21-18 से तीसरा गेम जीत लिया। इस जीत के साथ ही सात्विक और चिराग ने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
चाइना मास्टर्स में भारतीय जोड़ी का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से लगातार शानदार रहा है। सात्विक और चिराग 2019 के बाद से इस टूर्नामेंट के हर संस्करण में सेमीफाइनल तक पहुँचने में सफल रहे हैं। दोनों ने 2023 और 2025 में चाइना मास्टर्स का फाइनल भी खेला था,लेकिन दोनों मौकों पर उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा। ऐसे में इस बार भारतीय जोड़ी की नजर खिताब जीतने पर होगी। क्वार्टर फाइनल में मिली जीत ने उनके अभियान को और मजबूत कर दिया है।
किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन के खिलाफ चाइना मास्टर्स में यह सात्विक और चिराग की दूसरी जीत है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने 2024 के क्वार्टर फाइनल में भी डेनमार्क के खिलाड़ियों को मात दी थी। एक बार फिर उसी चरण में दोनों जोड़ियों की भिड़ंत हुई और भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव के बावजूद जीत दर्ज की। लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में डेनमार्क की इस जोड़ी को हराना सात्विक और चिराग के आत्मविश्वास के लिए भी अहम माना जा सकता है।
वहीं,भारत के अनुभवी पुरुष सिंगल्स खिलाड़ी किदांबी श्रीकांत का चाइना मास्टर्स में सफर क्वार्टर फाइनल में समाप्त हो गया। शेनझेन एरिना में श्रीकांत को हांगकांग के ली चेुक यियू के खिलाफ सीधे गेमों में 16-21, 16-21 से हार का सामना करना पड़ा। हालाँकि,टूर्नामेंट में श्रीकांत का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। पिछले तीन वर्षों में यह पहली बार था जब वह बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर सुपर 750 या उससे बड़े स्तर के किसी टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुँचे थे।
ली चेुक यियू के खिलाफ हार के साथ ही श्रीकांत की मुश्किल भी बढ़ गई है। हांगकांग के इस खिलाड़ी के खिलाफ वह लगातार चार मुकाबले गंवा चुके हैं। दोनों के बीच करियर रिकॉर्ड में श्रीकांत की केवल एक जीत है, जो 2018 इंडिया ओपन के पहले दौर में मिली थी। इसके बाद ली ने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय खिलाड़ी पर अपना दबदबा कायम कर लिया है।
श्रीकांत ने हालाँकि,चाइना मास्टर्स में अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने चीनी ताइपे के दुनिया के 21वें नंबर के खिलाड़ी ची यू-जेन को महज 35 मिनट में 21-16, 21-15 से हराया था। इसके बाद प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने कनाडा के दुनिया के नौवें नंबर के खिलाड़ी और हालिया विश्व चैंपियनशिप के कांस्य पदक विजेता विक्टर लाई को 21-18, 21-19 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इन जीतों के बाद श्रीकांत ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई,लेकिन ली के खिलाफ वह अपनी लय को बरकरार नहीं रख सके।
इस टूर्नामेंट में भारतीय महिला सिंगल्स का अभियान भी समाप्त हो चुका है। गुरुवार को तन्वी शर्मा को जापान की टोमोका मियाजाकी के खिलाफ तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-17, 18-21, 21-16 से हार का सामना करना पड़ा। तन्वी ने मुकाबले में संघर्ष किया और दूसरे गेम में वापसी भी की,लेकिन निर्णायक गेम में जापानी खिलाड़ी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल कर ली।
भारत की मिक्स्ड डबल्स जोड़ी ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो का सफर भी दूसरे दौर में समाप्त हो गया था। उन्हें चीनी ताइपे की लियू कुआंग-हेंग और सू यिन-हुई की जोड़ी ने सीधे गेमों में 21-18, 21-18 से हराया था। ऐसे में अब चाइना मास्टर्स में भारतीय उम्मीदें मुख्य रूप से सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी पर टिकी हैं।
सेमीफाइनल में पहुँचने के साथ सात्विक और चिराग ने एक बार फिर साबित किया है कि वह सुपर 750 स्तर के टूर्नामेंटों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली दुनिया की शीर्ष जोड़ियों में शामिल हैं। दो बार उपविजेता रह चुकी भारतीय जोड़ी इस बार खिताब से एक कदम और करीब पहुँच गई है। अब सेमीफाइनल में उनका सामना किस जोड़ी से होगा और वहाँ वे अपने प्रदर्शन को किस स्तर तक ले जा पाते हैं,इस पर सभी की नजरें रहेंगी। फिलहाल क्वार्टर फाइनल में मिली कठिन जीत ने भारतीय जोड़ी के आत्मविश्वास को जरूर बढ़ाया है और चाइना मास्टर्स में उनका खिताबी अभियान मजबूती से जारी है।
