अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता यूएस ओपन 2026 का खिताब (तस्वीर क्रेडिट@CGTNSportsScene)

अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने जीता यूएस ओपन 2026 का खिताब,बेन शेल्टन को हराकर दूसरी ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी अपने नाम की

न्यूयॉर्क,14 सितंबर (युआईटीवी)- जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने यूएस ओपन 2026 के पुरुष एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल में ज्वेरेव ने अमेरिका के बेन शेल्टन को चार सेट तक चले रोमांचक मुकाबले में 6-3, 7-6(2), 5-7, 6-2 से हराकर अपने करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता। तीन घंटे 33 मिनट तक चले मुकाबले में ज्वेरेव ने महत्वपूर्ण मौकों पर अपने अनुभव का शानदार इस्तेमाल किया और शेल्टन की चुनौती को खत्म करते हुए इस साल का दूसरा मेजर खिताब अपने नाम किया।

ज्वेरेव के लिए यह जीत इसलिए भी खास रही, क्योंकि इस साल उन्होंने जो दो खिताब जीते हैं, वे दोनों ग्रैंड स्लैम ट्रॉफियाँ हैं। मेजर टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन इस पूरे सत्र में बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने इस साल ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में 25 जीत दर्ज की हैं, जबकि उन्हें सिर्फ दो हार का सामना करना पड़ा है। लगातार बड़े मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन ने उन्हें साल के अंत में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बनने की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया है।

यूएस ओपन का फाइनल ज्वेरेव का करियर का छठा ग्रैंड स्लैम फाइनल था। इससे पहले वह कई बार इस स्तर तक पहुँच चुके थे,लेकिन हर बार खिताब हासिल करने में सफल नहीं हो पाए थे। इस बार उन्होंने किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश नहीं छोड़ी और फाइनल में अपनी रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू किया। दूसरी ओर, 23 वर्षीय बेन शेल्टन पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुँचे थे। अनुभव के मामले में ज्वेरेव की तुलना में पीछे होने के बावजूद उन्होंने मुकाबले में कई मौकों पर शानदार चुनौती पेश की।

पहले सेट में ज्वेरेव ने शुरुआत से ही नियंत्रण बनाए रखा। उनकी सर्विस और बेसलाइन से लगाए गए सटीक शॉट्स ने शेल्टन को लगातार दबाव में रखा। अमेरिकी खिलाड़ी ने कुछ मौकों पर आक्रामक खेल दिखाने की कोशिश की,लेकिन ज्वेरेव ने अपनी लय बनाए रखी। जर्मनी के खिलाड़ी ने शुरुआती सेट को 6-3 से जीतकर फाइनल में बढ़त बना ली।

दूसरे सेट में मुकाबला और अधिक कड़ा हो गया। शेल्टन ने अपनी सर्विस पर पकड़ मजबूत की और ज्वेरेव को आसानी से अंक हासिल नहीं करने दिए। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी सर्विस बचाते हुए सेट को टाई-ब्रेक तक पहुँचा दिया। यहाँ ज्वेरेव का अनुभव काम आया। उन्होंने टाई-ब्रेक में शानदार प्रदर्शन करते हुए 7-2 से जीत हासिल की और मैच में 2-0 की बढ़त बना ली।

लगातार दो सेट गंवाने के बाद शेल्टन ने हार नहीं मानी। तीसरे सेट में उन्होंने अपनी सर्विस की गति और आक्रामक खेल का बेहतर इस्तेमाल किया। ज्वेरेव पर दबाव बढ़ता गया और अमेरिकी खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल किए। शेल्टन ने तीसरा सेट 7-5 से जीतकर मुकाबले को रोमांचक बना दिया। इस सेट के बाद ऐसा लगने लगा कि वह फाइनल में बड़ी वापसी कर सकते हैं।

हालाँकि,चौथे सेट में ज्वेरेव ने अपनी रणनीति बदलते हुए शुरुआत से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने शेल्टन को बेसलाइन से पीछे रखने की कोशिश की और रैलियों में धैर्य बनाए रखा। शेल्टन के कुछ शॉट्स में जल्दबाजी दिखाई दी,जिसका ज्वेरेव ने पूरा फायदा उठाया। जर्मन खिलाड़ी ने लगातार महत्वपूर्ण अंक अपने नाम किए और चौथे सेट में 6-2 से जीत दर्ज कर मैच खत्म कर दिया।

फाइनल जीतने के साथ ही ज्वेरेव ने एटीपी लाइव रेस टू ट्यूरिन में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अब वह जैनिक सिनर से 700 अंक आगे हो गए हैं। यह रैंकिंग साल के अंत में एटीपी के नंबर एक खिलाड़ी के लिए होने वाली दौड़ में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। यूएस ओपन में मिली सफलता ने ज्वेरेव को इस दौड़ में एक मजबूत दावेदार बना दिया है।

खिताबी जीत के बाद ज्वेरेव ने अपनी माँ को विशेष रूप से याद किया और अपनी सफलता के पीछे उनके मजबूत समर्थन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके जीवन में ग्रैंड स्लैम नहीं जीत पाना सबसे कठिन चुनौती नहीं रही। ज्वेरेव ने अपने परिवार के एक कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि जब उनके चार साल के बेटे को मधुमेह का पता चला और डॉक्टरों ने उसके जीवन तथा खेल से जुड़ी सीमाओं को लेकर चिंता जताई,तब उनकी माँ ने बेहद मजबूत रवैया अपनाया।

ज्वेरेव ने कहा कि डॉक्टरों के कमरे से बाहर निकलकर यह कहना कि उनका बेटा जो करना चाहेगा,वही करेगा,इसके लिए एक बेहद मजबूत माँ की जरूरत थी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनका बेटा टेनिस खिलाड़ी बनना चाहता है,तो वह टेनिस खिलाड़ी बनेगा और अगर वह कुछ और करना चाहता है,तो उसे वही करने दिया जाएगा। बीमारी उनकी पहचान तय नहीं करेगी। ज्वेरेव ने कहा कि उन्हें खुशी है कि परिवार ने इस चुनौती का मिलकर सामना किया और आज वे वह सब कर पा रहे हैं,जो करना चाहते हैं।

वहीं,बेन शेल्टन के लिए हार के बावजूद यूएस ओपन 2026 का सफर बेहद खास रहा। वह 23 साल पहले एंडी रॉडिक के बाद किसी अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी के रूप में मेजर खिताब जीतने वाले पहले खिलाड़ी बनने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा वह 1975 में आर्थर ऐश के बाद इस स्तर पर ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने वाले दूसरे अफ्रीकी-अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल करने की कोशिश में भी थे। हालाँकि,वह दुनिया के नंबर एक वरीय ज्वेरेव की चुनौती को पार नहीं कर सके।

शेल्टन ने फाइनल में पहुँचने से पहले शानदार प्रदर्शन किया था। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मौजूदा चैंपियन कार्लोस अल्काराज को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद उन्होंने सेमीफाइनल में भी दमदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में हार के बावजूद उनके इस अभियान ने उनकी क्षमता और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता को साबित किया है।

यूएस ओपन में शानदार प्रदर्शन का शेल्टन को एटीपी रैंकिंग में भी फायदा मिलेगा। वह टूर्नामेंट के बाद अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ चौथी रैंकिंग पर पहुँच जाएँगे। दूसरी ओर,ज्वेरेव के लिए यह खिताब सिर्फ एक और ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी नहीं है,बल्कि साल के अंत में नंबर एक बनने की उनकी दावेदारी को भी मजबूत करने वाली बड़ी उपलब्धि है। चार सेट और साढ़े तीन घंटे से ज्यादा चले फाइनल के बाद ज्वेरेव ने आखिरकार न्यूयॉर्क में अपनी दूसरी ग्रैंड स्लैम ट्रॉफी उठाई और एक शानदार सत्र में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी।