भारत बना महिला एशिया कप 2026 चैंपियन (तस्वीर क्रेडिट@deepakdilse)

भारत बना महिला एशिया कप 2026 चैंपियन,लेकिन नकवी से ट्रॉफी लेने से किया इनकार

दुबई,14 सितंबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने महिला एशिया कप 2026 के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए मौजूदा चैंपियन श्रीलंका को 72 रन से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार खिताब अपने नाम कर लिया। हालाँकि, खिताबी जीत के बाद पुरस्कार समारोह में एक अलग घटनाक्रम देखने को मिला, जब भारतीय टीम ने एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। मैच अधिकारियों और श्रीलंका की खिलाड़ियों को पदक प्रदान करने के बाद पुरस्कार समारोह समाप्त कर दिया गया,जबकि भारतीय टीम इस समारोह में शामिल नहीं हुई।

दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को खेले गए फाइनल में हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी,दोनों विभागों में बेहतरीन प्रदर्शन किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका के सामने 184 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। इसके जवाब में श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के सामने 111 रन पर सिमट गई। भारत ने मुकाबला 72 रन से जीतकर एक बार फिर एशिया की चैंपियन टीम बनने का गौरव हासिल किया।

भारतीय टीम की जीत में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की अहम भूमिका रही। दोनों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया और भारत को मजबूत आधार दिया। दोनों बल्लेबाजों ने अर्धशतकीय पारियाँ खेलीं और पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रन की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारतीय पारी को वह मजबूती दी, जिसके दम पर टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल रही।

स्मृति मंधाना ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से पारी को सँभाला,जबकि शेफाली वर्मा ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए। दोनों की बल्लेबाजी में संयम और तेजी का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला। श्रीलंकाई गेंदबाज शुरुआती विकेट के लिए संघर्ष करती रहीं, लेकिन भारतीय सलामी जोड़ी ने उन्हें सफलता हासिल करने का कोई आसान मौका नहीं दिया। 129 रन की साझेदारी टूटने के बाद भी भारतीय टीम ने अपनी रन गति बनाए रखी और मजबूत स्कोर तक पहुँचने में सफलता हासिल की।

भारत के 184 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम से बेहतर शुरुआत की उम्मीद थी,लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। श्रीलंका की बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने लगातार दबाव में नजर आईं और नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रहीं। एक समय ऐसा आया जब श्रीलंका के लिए लक्ष्य तक पहुँचना लगभग असंभव हो गया।

भारतीय गेंदबाज श्री चरणी ने फाइनल में सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने चार विकेट लेकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। उनके अलावा दीप्ति शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए तीन विकेट अपने नाम किए। क्रांति गौड़,शेफाली वर्मा और प्रेमा रावत ने एक-एक विकेट हासिल कर श्रीलंका को किसी बड़ी साझेदारी का मौका नहीं दिया। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन का नतीजा रहा कि श्रीलंकाई टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 111 रन पर ऑलआउट हो गई।

खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम का ट्रॉफी लेने से इनकार करना चर्चा का विषय बन गया। एशियाई क्रिकेट परिषद के अध्यक्ष मोहसिन नकवी पुरस्कार समारोह में मौजूद थे। भारतीय टीम ने उनसे ट्रॉफी स्वीकार नहीं की। इसके बाद मैच अधिकारियों और उपविजेता श्रीलंकाई खिलाड़ियों को पदक दिए जाने के बाद कार्यक्रम समाप्त हो गया। चैंपियन भारतीय टीम समारोह का हिस्सा नहीं बनी।

यह पहला मौका नहीं है,जब किसी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से एशिया कप की ट्रॉफी लेने से इनकार किया हो। वर्ष 2025 में पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय पुरुष टीम ने नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। उस समय भारतीय टीम को चैंपियन बनने के बावजूद ट्रॉफी नहीं मिली थी। अब महिला एशिया कप 2026 में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली और भारतीय टीम खिताब जीतने के बावजूद पुरस्कार समारोह में ट्रॉफी लेने के लिए आगे नहीं आई।

मैदान पर भारत का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में प्रभावशाली रहा। भारतीय टीम अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए बिना कोई मैच गंवाए फाइनल में पहुँचीं थी। उसके अभियान में पाकिस्तान के खिलाफ दर्ज की गई रिकॉर्ड जीत भी शामिल रही। टीम ने टूर्नामेंट के दौरान लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और फाइनल में भी अपने दबदबे को कायम रखा।

दूसरी ओर,श्रीलंका भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहते हुए अपराजित रहकर फाइनल तक पहुँचीं थी। चमारी अथापथु की कप्तानी वाली टीम ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को कड़े मुकाबले में हराकर खिताबी मैच में जगह बनाई थी। हालाँकि,फाइनल में भारतीय टीम ने उसे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में पूरी तरह पीछे छोड़ दिया।

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने महिला एशिया कप के इतिहास में अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है। भारत अब तक 10 बार फाइनल में पहुँच चुका है और इनमें से आठ बार खिताब जीतने में सफल रहा है। इस रिकॉर्ड के साथ भारतीय टीम महिला एशिया कप के इतिहास की सबसे सफल टीम बन गई है।

श्रीलंका के खिलाफ टी20 क्रिकेट में भी भारत का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 32 टी20 मुकाबलों में भारतीय टीम ने 26 मैचों में जीत दर्ज की है। महिला एशिया कप के इस फाइनल में मिली 72 रन की जीत ने एक बार फिर दोनों टीमों के बीच भारत की मजबूत स्थिति को दर्शाया।

हरमनप्रीत कौर की अगुआई में भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने उसकी गहराई और संतुलन को साबित किया। फाइनल में स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने बल्ले से शानदार योगदान दिया,जबकि श्री चरणी और दीप्ति शर्मा की अगुआई में गेंदबाजों ने जीत को सुनिश्चित किया। इस तरह भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन के दम पर रिकॉर्ड आठवीं बार महिला एशिया कप का खिताब अपने नाम कर लिया,जबकि ट्रॉफी समारोह से जुड़ा घटनाक्रम खिताबी जीत के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।