हैदराबाद,5 फरवरी (युआईटीवी)- तेलंगाना का संक्षिप्त नाम ‘टीएस’ को बदलकर ‘टीजी’ करने का फैसला रविवार को तेलंगाना सरकार ने किया। यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में लिया गया।
केंद्र सरकार के राजपत्र में ‘टीएस’ की जगह ‘टीजी’ कैबिनेट के फैसले के बाद लेगा।
तेलंगाना का गठन 2014 में हुआ,उसके बाद राज्य के संक्षिप्त नाम के रूप में ‘टीएस’ को तत्कालीन टीआरएस सरकार ने चुना था।
कैबिनेट द्वारा लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए कहा कि पिछली सरकार ने किसी नियम का पालन किए बिना तेलंगाना का संक्षिप्त नाम ‘टीएस’ रखने का फैसला लिया। पिछली सरकार ने अपनी इच्छानुसार टीआरएस से तुकबंदी करते हुए ऐसा फैसला लिया था।
अब जब तेलंगाना का संक्षिप्त नाम ‘टीएस’ के बदले ‘टीजी’ होगा,तो वाहन पंजीकरण संख्या में अब उपसर्ग के रूप में ‘टीजी’ का उपयोग किया जाएगा ।
रेवंत रेड्डी द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान की गई एक घोषणा को लागू करने के लिए कैबिनेट का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा था कि ‘टीजी’ को ‘ टीआरएस पार्टी को खुश करने के लिए ही ‘टीएस’ से बदला गया था।
कैबिनेट ने तेलंगाना तल्ली प्रतिमा को तेलंगाना लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करने के लिए बदलने का भी फैसला लिया। इसने राज्यगीत के रूप में एंडेसरी के “जय जय हो तेलंगाना” को अपनाने का निर्णय लिया है। राज्य प्रतीक के बारे में निर्णय लिया गया है कि सभी हितधारकों के सलाह से एक नया राज्य प्रतीक भी डिजाइन किया जाएगा।
कैबिनेट ने राज्य विधानसभा सत्र का आयोजन 8 फरवरी से करने का निर्णय लिया। इसमें राज्यपाल के अभिभाषण को मंजूरी दी गई। दो गारंटी- घरों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली तथा 500 रुपये में गैस सिलेंडर को विधानसभा में चर्चा के बाद लागू करने का भी निर्णय लिया गया।
राज्य में जाति जनगणना करवाने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया । कैबिनेट की ओर से अन्य कई प्रमुख निर्णय जैसे – 65 सरकारी आईटीआई को उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्रों के रूप में अपग्रेड करना,कोडंगल क्षेत्र विकास प्राधिकरण को अधिसूचित करना,दोषियों को सजा में छूट देने के लिए दिशानिर्देश तैयार करना, उच्च न्यायालय के निर्माण के लिए 100 एकड़ भूमि का आवंटन इत्यादि लिए गए।
