अहमदाबाद,28 मई (युआईटीवी)- अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में लगातार तेजी के बीच समूह का कुल बाजार मूल्यांकन करीब 20 लाख करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। वर्ष 2026 की शुरुआत से अब तक समूह की सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त मार्केटकैप में लगभग 5 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन,बड़े बुनियादी ढाँचा प्रोजेक्ट्स में प्रगति और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को इस उछाल की मुख्य वजह माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में अदाणी समूह ने जिस तरह अपने कारोबार का विस्तार किया है और परियोजनाओं के निष्पादन में तेजी दिखाई है,उससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।
समूह की कंपनियों में सबसे बड़ा योगदान अदाणी पावर का रहा है। कंपनी का मौजूदा बाजार पूँजीकरण 4,79,167 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है,जिससे यह समूह की सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। केवल 2026 में अब तक कंपनी के मार्केटकैप में 2,02,511 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। ऊर्जा क्षेत्र में लगातार बढ़ती माँग और कंपनी की उत्पादन क्षमता में विस्तार को इस तेजी का प्रमुख कारण माना जा रहा है। निवेशकों का मानना है कि बिजली क्षेत्र में दीर्घकालिक संभावनाओं और निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी का फायदा अदाणी पावर को मिल रहा है।
अदाणी समूह की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन है,जिसका बाजार पूँजीकरण 4,20,611 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। देश के बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कंपनी की मजबूत स्थिति और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार में बढ़ती गतिविधियों के कारण इसके शेयरों में मजबूती देखने को मिली है। इस साल की शुरुआत से अब तक कंपनी के बाजार मूल्यांकन में 82,222 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में निर्यात और आयात गतिविधियों के विस्तार के साथ बंदरगाह कारोबार में दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना बनी हुई है,जिसका लाभ कंपनी को मिल रहा है।
अदाणी एंटरप्राइजेज भी इस तेजी में पीछे नहीं रही। कंपनी का बाजार पूँजीकरण बढ़कर 3,82,634 करोड़ रुपए हो गया है। वर्ष 2026 में अब तक इसके मार्केटकैप में 93,051 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई है। यह कंपनी समूह की प्रमुख इनक्यूबेशन इकाई मानी जाती है,जो नए क्षेत्रों में निवेश और विस्तार की रणनीति पर काम करती है। डेटा सेंटर,हवाई अड्डों,हरित ऊर्जा और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में कंपनी की सक्रियता ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है।
हरित ऊर्जा क्षेत्र में भी अदाणी समूह की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है। अदाणी ग्रीन एनर्जी का बाजार पूँजीकरण बढ़कर 2,44,177 करोड़ रुपए तक पहुँच गया है। इस समीक्षा अवधि में कंपनी के बाजार मूल्यांकन में करीब 77,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में भारत सरकार के बढ़ते फोकस और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश के कारण इस क्षेत्र की कंपनियों को अच्छा समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में तेजी से विस्तार की संभावना है,जिससे कंपनी को और लाभ मिल सकता है।
इसी तरह अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का बाजार पूँजीकरण भी बढ़कर 1,83,700 करोड़ रुपए हो गया है। इस वर्ष अब तक कंपनी के मार्केटकैप में 60,780 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। ऊर्जा ट्रांसमिशन और वितरण क्षेत्र में कंपनी की मजबूत उपस्थिति और नए प्रोजेक्ट्स को निवेशकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
सीमेंट कारोबार में भी समूह ने अपनी स्थिति मजबूत की है। अंबुजा सीमेंट का बाजार मूल्यांकन 1,13,012 करोड़ रुपए तक पहुँच चुका है। समूह की अन्य सूचीबद्ध कंपनियों में अदाणी टोटल गैस,एसीसी,ओरिएंट सीमेंट,सांघी इंडस्ट्रीज और एनडीटीवी भी शामिल हैं। इन कंपनियों में भी बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला है।
इस तेजी का असर देश की शीर्ष सूचीबद्ध कंपनियों की रैंकिंग पर भी दिखाई दिया है। अदाणी समूह की तीन कंपनियाँ अब बाजार पूँजीकरण के आधार पर भारत की शीर्ष 20 कंपनियों में शामिल हो गई हैं। अदाणी पावर 11वें स्थान पर है,जबकि अदाणी पोर्ट्स 15वें और अदाणी एंटरप्राइजेज 20वें स्थान पर पहुँच गई है। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कुछ वर्ष पहले तक समूह को बाजार में भारी उतार-चढ़ाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के महीनों में वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों की सकारात्मक टिप्पणियों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन की हालिया रिपोर्ट में समूह की निष्पादन क्षमता,बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की क्षमता और दीर्घकालिक विकास संभावनाओं की सराहना की गई थी। इसके बाद विदेशी और घरेलू निवेशकों की रुचि समूह की कंपनियों में बढ़ी है।
विश्लेषकों का मानना है कि अदाणी समूह का फोकस उन क्षेत्रों पर है,जिन्हें आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख आधार माना जा रहा है। इनमें ऊर्जा,बंदरगाह,लॉजिस्टिक्स,हरित ऊर्जा,हवाई अड्डे और बुनियादी ढाँचा शामिल हैं। सरकार की विकास योजनाओं और निजी निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों का फायदा भी समूह को मिल रहा है।
हालाँकि,कुछ विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि इतनी तेज वृद्धि के बाद निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है,क्योंकि बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना हमेशा बनी रहती है। फिर भी वर्तमान समय में समूह की कंपनियों के प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि निवेशकों का भरोसा फिर से मजबूत हुआ है और बाजार अदाणी समूह की दीर्घकालिक विकास रणनीति को सकारात्मक रूप से देख रहा है।
अदाणी समूह की कंपनियों में आई इस तेजी ने भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर समूह की मजबूत मौजूदगी को स्थापित किया है। आने वाले समय में कंपनी की परियोजनाओं की प्रगति,वित्तीय प्रदर्शन और वैश्विक निवेशकों की प्रतिक्रिया पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
