नई दिल्ली,28 मई (युआईटीवी)- देशभर में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का त्योहार श्रद्धा,उत्साह और धार्मिक आस्था के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई प्रमुख नेताओं ने देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और इस पर्व को त्याग,समर्पण,बलिदान और मानवता की सेवा का प्रतीक बताया। नेताओं ने अपने संदेशों में देश में भाईचारे,प्रेम,शांति और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ईद-उल-अजहा के अवसर पर देशवासियों,खासकर मुस्लिम समुदाय को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने कहा कि यह त्योहार समर्पण,त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देता है, विशेष रूप से समाज के वंचित और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करने का संदेश देता है। राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि समाज में प्रेम,एकता और समरसता को बढ़ावा देने के लिए सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईद-उल-अजहा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह पर्व समाज में भाईचारे और खुशियों की भावना को और मजबूत करे। उन्होंने सभी लोगों की सफलता,अच्छे स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री का संदेश सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया,जहाँ लोगों ने भी एक-दूसरे को बकरीद की बधाइयाँ दीं।
ईद-उल-अजहा इस्लाम धर्म के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। यह त्योहार त्याग और बलिदान की भावना का प्रतीक है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते हैं,कुर्बानी की परंपरा निभाते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। इस पर्व का मुख्य संदेश इंसानियत,करुणा और दूसरों के प्रति दया की भावना को बढ़ावा देना है। देशभर में मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज अदा की गई और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।
Eid ul-Adha greetings! May this occasion deepen the spirit of brotherhood and happiness in our society. Praying for everyone’s success and good health.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 28, 2026
देश के विभिन्न राज्यों के नेताओं ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए समाज में एकता और भाईचारे का संदेश दिया। केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने संदेश में कहा कि बकरीद त्याग और निस्वार्थ भक्ति का शाश्वत संदेश लेकर आती है। उन्होंने कहा कि इस त्योहार के मूल्य केवल उत्सव तक सीमित नहीं रहने चाहिए,बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को मानवता और करुणा की दिशा में आगे बढ़ाने में ऐसे पर्व महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि त्योहारों की आध्यात्मिक रोशनी लोगों को हर चुनौती का सामना साहस और आशा के साथ करने की शक्ति देती है।
बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने भी ईद-उल-अजहा के अवसर पर देश और दुनिया में रहने वाले मुस्लिम समुदाय को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि बकरीद का त्योहार शांति,भाईचारे और सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। मायावती ने कहा कि सभी त्योहार यदि आपसी सद्भाव और शांति के वातावरण में मनाए जाएँ,तो यह देश और समाज के हित में बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि जब समाज में भाईचारा और शांति बनी रहती है,तभी देश और प्रदेश के विकास के लिए पूरी ऊर्जा और संसाधनों का सही उपयोग हो सकता है।
मायावती ने अपने संदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक समानता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के हित को ध्यान में रखते हुए शासन चलाना ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों को मिलजुलकर मनाएँ और समाज में सौहार्द बनाए रखें।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने भी बिहार सहित पूरे देशवासियों को ईद-उल-अजहा की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग,बलिदान,इबादत और आपसी सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने खुदा से देश में अमन-चैन,सलामती और खुशहाली की दुआ की। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि त्योहार समाज को जोड़ने का काम करते हैं और लोगों के बीच प्रेम और विश्वास को मजबूत बनाते हैं।
देशभर में बकरीद के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रखी गई। कई शहरों में प्रशासन ने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए। मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया,ताकि लोग शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार मना सकें। प्रशासन की ओर से लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की अपील भी की गई।
बकरीद केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है,बल्कि यह समाज को त्याग, सेवा और मानवता का संदेश भी देता है। इस दिन लोग जरूरतमंदों की मदद करते हैं और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खुशियाँ बाँटते हैं। यही वजह है कि यह पर्व सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है।
देश के शीर्ष नेताओं के संदेशों ने भी यही संकेत दिया कि भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता उसकी सबसे बड़ी ताकत है। विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग जब एक-दूसरे के त्योहारों में शामिल होते हैं और खुशियाँ बाँटते हैं,तब देश में सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता और मजबूत होती है। ईद-उल-अजहा के अवसर पर नेताओं द्वारा दिए गए संदेशों में भी यही भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी कि समाज में प्रेम,करुणा और भाईचारे को बढ़ावा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
