अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

एशियन गेम्स 2026: अनंतजीत-परिनाज की जोड़ी ने जीता कांस्य,एशियन गेम्स में भारत का 15वां पदक

नागोया,24 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। निशानेबाजी में भारत के खाते में एक और पदक जुड़ गया है। अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल की भारतीय जोड़ी ने स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया। गुरुवार को खेले गए फाइनल में भारतीय जोड़ी ने 44 अंक हासिल किए और तीसरे स्थान पर रहते हुए पोडियम फिनिश किया। इस पदक के साथ एशियन गेम्स में भारत के कुल पदकों की संख्या 15 हो गई है,जबकि निशानेबाजी में भारत के पदकों की संख्या आठ पहुँच गई है।

भारतीय जोड़ी से फाइनल में पदक के साथ-साथ बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी। अनंतजीत और परिनाज ने क्वालीफिकेशन दौर में 138 का संयुक्त स्कोर हासिल कर फाइनल में जगह बनाई थी। वे क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे थे और अंतिम उपलब्ध स्थान हासिल करते हुए पदक दौर में पहुँचे थे। इसके बाद दोनों ने फाइनल में दबाव के बीच अपना प्रदर्शन जारी रखा और 44 का स्कोर हासिल करके कांस्य पदक सुनिश्चित किया।

फाइनल में चीन की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया। चीन ने 52 का स्कोर बनाकर नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया। दक्षिण कोरिया ने 51 के स्कोर के साथ रजत पदक जीता। भारत 44 के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहा। इस तरह स्कीट मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल के लिए यह एशियन गेम्स का दूसरा पदक है। इससे पहले दोनों ने स्कीट की टीम स्पर्धाओं में भी भारत को कांस्य पदक दिलाने में योगदान दिया था। अनंतजीत पुरुष स्कीट टीम का हिस्सा थे,जबकि परिनाज महिला स्कीट टीम में शामिल थीं। दोनों खिलाड़ियों के लगातार दूसरे पदक ने एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजी अभियान को और मजबूत किया है।

स्कीट स्पर्धाओं में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन इस बार खास तौर पर प्रभावशाली रहा है। मिश्रित टीम के कांस्य से पहले पुरुष स्कीट टीम ने भी देश के लिए पदक जीता था। पुरुष टीम में भवतेघ सिंह गिल,अनंतजीत सिंह नरुका और मैराज अहमद खान शामिल थे। तीनों निशानेबाजों ने टीम स्पर्धा में मजबूत प्रदर्शन करते हुए भारत को कांस्य पदक दिलाया। इसके बाद महिला स्कीट टीम ने भी पोडियम पर जगह बनाई। महिला टीम में परिनाज धालीवाल,राइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान शामिल थीं और टीम ने कांस्य पदक हासिल किया।

इस तरह स्कीट में भारत की पदक यात्रा लगातार आगे बढ़ी है। पुरुष टीम और महिला टीम के बाद अब मिश्रित टीम में भी भारतीय निशानेबाजों ने पदक हासिल किया। इससे स्कीट स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की निरंतरता दिखाई देती है।

भारतीय निशानेबाजी टीम ने एशियन गेम्स के शुरुआती दिनों से ही पदक जीतने का सिलसिला शुरू कर दिया था। महिला 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर और विदर्शा विनोद की तिकड़ी ने भारत को रजत पदक दिलाया था। इसके बाद इलावेनिल ने व्यक्तिगत 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में भी रजत पदक जीतकर अपने प्रदर्शन को और खास बनाया।

पुरुष 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भी भारत ने रजत पदक हासिल किया। हिमांशु ढिल्लों,पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए टीम स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल किया। इसके बाद व्यक्तिगत मुकाबले में हिमांशु ढिल्लों ने रजत और रुद्राक्ष पाटिल ने कांस्य पदक जीता। इस तरह एयर राइफल स्पर्धाओं में भी भारतीय निशानेबाजों ने लगातार पदक हासिल किए।

हालाँकि,बुधवार को 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत को कुछ निराशा भी मिली। पदक की दावेदार मानी जा रही मनु भाकर फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं और पदक से चूक गईं। इसी स्पर्धा की टीम स्पर्धा में ईशा सिंह, मनु भाकर और सुरुचि इंदर सिंह की भारतीय टीम भी पदक हासिल नहीं कर सकी। इसके बावजूद निशानेबाजी में भारत का पदक अभियान लगातार जारी रहा और स्कीट मिश्रित टीम में अनंतजीत और परिनाज ने एक और कांस्य पदक देश की झोली में डाल दिया।

अनंतजीत और परिनाज के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों ने अलग-अलग टीम स्पर्धाओं में पदक जीतने के बाद अब मिश्रित टीम में भी सफलता हासिल की है। क्वालीफिकेशन में 138 के स्कोर के साथ फाइनल में प्रवेश करने वाली भारतीय जोड़ी ने पदक दौर में अपनी जगह बनाए रखी। फाइनल में 44 के स्कोर के साथ कांस्य हासिल करना भारतीय निशानेबाजी के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गया।

भारत की पदक तालिका में निशानेबाजी लगातार महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। स्कीट में पुरुष और महिला टीमों के बाद मिश्रित टीम का पदक इस अभियान की एक और कड़ी है। वहीं,अनंतजीत और परिनाज के लगातार दूसरे पदक ने यह भी दिखाया कि भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग प्रारूपों में दबाव के बीच प्रदर्शन करने में सक्षम हैं।

अब एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों की नजर बाकी स्पर्धाओं पर होगी। देश को निशानेबाजी से आगे भी पदकों की उम्मीद है। फिलहाल अनंतजीत सिंह नरुका और परिनाज धालीवाल के कांस्य पदक ने भारत के पदक अभियान में एक और उपलब्धि जोड़ दी है। दोनों खिलाड़ियों ने 44 के स्कोर के साथ पोडियम पर जगह बनाकर एशियन गेम्स 2026 में भारत का 15वां पदक सुनिश्चित किया है।