चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर भारत सेमीफाइनल में,कबड्डी में लगातार चौथी जीत (तस्वीर क्रेडिट@SportsArena1234)

एशियन गेम्स 2026: चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर भारत सेमीफाइनल में,कबड्डी में लगातार चौथी जीत

नागोया,24 सितंबर (युआईटीवी)- एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का शानदार अभियान जारी है। सुनील कुमार की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने ग्रुप चरण के अपने आखिरी मुकाबले में चीनी ताइपे को 37-21 से हराकर लगातार चौथी जीत दर्ज की। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप-ए में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। पहले ही अंतिम चार में पहुँचकर पदक सुनिश्चित कर चुकी भारतीय टीम ने चीनी ताइपे के खिलाफ भी दमदार प्रदर्शन किया और पूरे मुकाबले के दौरान अपनी बढ़त बनाए रखी।

भारत ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। भारतीय रेडरों ने लगातार अंक जुटाते हुए चीनी ताइपे के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। दूसरी ओर भारतीय डिफेंस भी बेहद मजबूत नजर आया और उसने विपक्षी रेडरों को ज्यादा मौके नहीं दिए। असलम इनामदार और राहुल सेठपाल ने शुरुआती दौर में रक्षात्मक मोर्चे पर प्रभावी प्रदर्शन किया। राहुल सेठपाल के एंकल होल्ड विशेष रूप से कारगर रहे,जिसकी मदद से भारत ने शुरुआती बढ़त बनाई और चीनी ताइपे पर ऑलआउट भी लगाया।

पहले हाफ में भारतीय टीम ने मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा। चीनी ताइपे के खिलाड़ी कुछ बोनस अंक और सुपर टैकल के जरिए स्कोर में बने रहने की कोशिश करते रहे, लेकिन भारतीय रेडिंग और डिफेंस के सामने उन्हें लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। भारत ने पहले हाफ के समाप्त होने तक 23-11 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी। इस दौरान भारतीय टीम ने रेडिंग के साथ-साथ डिफेंस में भी लगातार अंक जुटाए और विपक्षी टीम को वापसी का ज्यादा अवसर नहीं दिया।

दूसरे हाफ में चीनी ताइपे ने अपने खेल में सुधार किया और भारत पर दबाव बनाने की कोशिश की। टीम ने कुछ अतिरिक्त बोनस अंक हासिल किए और भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए सुपर टैकल का भी सहारा लिया। इसके बावजूद भारतीय टीम ने अपनी लय नहीं खोई। देवांक दलाल और अयान लोहचब ने रेडिंग में अंक जुटाते हुए टीम की बढ़त को बनाए रखा। भारत के डिफेंस ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर विपक्षी खिलाड़ियों को रोककर मुकाबले को एकतरफा होने से रोके रखा।

दूसरे हाफ में भारत ने 14 अंक हासिल किए, जबकि चीनी ताइपे की टीम 10 अंक ही जुटा सकी। इस तरह भारतीय टीम ने कुल 37 अंक के साथ मुकाबला अपने नाम किया। भारत की ओर से रेडिंग में 28 अंक आए,जबकि तीन बोनस अंक और छह अंक ऑलआउट से हासिल हुए। चीनी ताइपे ने नौ बोनस अंक और दो सुपर टैकल के जरिए अपने खाते में अंक जोड़े,लेकिन वह भारतीय टीम की मजबूत बढ़त को खत्म नहीं कर सकी।

भारतीय टीम ने इस प्रतियोगिता में शुरुआत से ही अपना दबदबा कायम रखा है। टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में भारत ने जापान को 49-24 से हराकर अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद दक्षिण कोरिया के खिलाफ टीम ने और भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 63-31 से बड़ी जीत दर्ज की। तीसरे मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 48-25 से हराया और इसी जीत के साथ सेमीफाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली थी।

ग्रुप चरण में चारों मुकाबले जीतने के बाद भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत हुआ है। जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और अब चीनी ताइपे के खिलाफ लगातार जीत ने भारत को ग्रुप-ए में शीर्ष पर पहुँचाया। इस प्रदर्शन के साथ टीम ने अपने खिताब बचाने के अभियान को भी मजबूत तरीके से आगे बढ़ाया है।

अब भारतीय पुरुष कबड्डी टीम की नजर सेमीफाइनल मुकाबले पर है। 25 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में भारत का सामना थाईलैंड से होगा। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला फाइनल की ओर बढ़ने का अगला कदम होगा। एशियन गेम्स की कबड्डी स्पर्धा में सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीमों को कांस्य पदक मिलता है,इसलिए भारत ने अंतिम चार में पहुँचने के साथ ही कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित कर लिया है।

एशियन गेम्स में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का इतिहास भी बेहद खास रहा है। कबड्डी को 1990 में एशियन गेम्स के कार्यक्रम में शामिल किया गया था और तब से भारतीय पुरुष टीम इस स्पर्धा में लगातार प्रमुख दावेदार रही है। अब तक भारत ने पुरुष कबड्डी में नौ पदक जीते हैं,जिनमें आठ स्वर्ण पदक शामिल हैं। 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में भारतीय टीम को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा अन्य संस्करणों में टीम ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।

इस बार भी भारतीय टीम ने अपने अभियान की शुरुआत मौजूदा चैंपियन के तौर पर की है। टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं,जो पहली बार एशियन गेम्स में हिस्सा ले रहे हैं,जबकि कप्तान सुनील कुमार और कुछ अनुभवी खिलाड़ियों पर टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है। शुरुआती चार मुकाबलों में टीम ने रेडिंग और डिफेंस दोनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया है। यही वजह है कि भारत ने ग्रुप चरण में विपक्षी टीमों को लगातार दबाव में रखा।

चीनी ताइपे के खिलाफ मुकाबले में भी भारतीय टीम ने यही रणनीति अपनाई। शुरुआत में डिफेंस ने विपक्षी रेडरों को रोकने का काम किया तो रेडरों ने लगातार अंक बटोरकर बढ़त को मजबूत किया। पहले हाफ में 23-11 की बढ़त हासिल करने के बाद भारत ने दूसरे हाफ में भी धैर्य बनाए रखा। चीनी ताइपे ने वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन भारतीय टीम ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल कर अपनी बढ़त को बरकरार रखा और अंत में 37-21 से मुकाबला जीत लिया।

अब सेमीफाइनल में थाईलैंड के खिलाफ भारतीय टीम के सामने चुनौती अलग होगी। ग्रुप चरण में अजेय रहने के बाद भारतीय खिलाड़ी अपने इसी प्रदर्शन को नॉकआउट मुकाबले में भी जारी रखना चाहेंगे। हालाँकि,सेमीफाइनल का परिणाम मुकाबले के दौरान प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। फिलहाल चार मैचों में चार जीत के साथ भारत ने अपने अभियान को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया है और एक और जीत टीम को सीधे स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुँचा देगी।