नई दिल्ली,22 जुलाई (युआईटीवी)- डिजिटल भुगतान और फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी पेटीएम को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद कई प्रमुख ब्रोकरेज संस्थानों ने कंपनी के प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसके भविष्य को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि पेटीएम का फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार जून तिमाही में कंपनी का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेगमेंट रहा। कंपनी ने न केवल आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है,बल्कि खर्चों पर नियंत्रण बनाए रखते हुए मुनाफे में भी मजबूत सुधार दिखाया है। इसी आधार पर बर्नस्टीन ने पेटीएम पर अपनी ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का लक्ष्य मूल्य 1,500 रुपये निर्धारित किया है।
बर्नस्टीन के अनुसार,जून तिमाही के नतीजों ने उस निवेश दृष्टिकोण को और मजबूत किया है,जिसके तहत कंपनी के लिए आने वाले वर्षों में आय वृद्धि और ऑपरेटिंग लीवरेज के बल पर गैर-रैखिक मुनाफे की वृद्धि की संभावना जताई गई थी। ब्रोकरेज का मानना है कि पेटीएम ने जिस प्रकार अपने विभिन्न कारोबारों में संतुलित वृद्धि हासिल की है,उससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि कंपनी अब केवल डिजिटल भुगतान तक सीमित नहीं है,बल्कि वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान बना रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम के फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार की आय सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर 814 करोड़ रुपये पहुँच गई। इस तेज वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण कंपनी की क्रेडिट सेवाओं और अन्य वित्तीय उत्पादों की सफल क्रॉस-सेलिंग रणनीति रही। कंपनी ने अपने मौजूदा ग्राहकों को विभिन्न वित्तीय उत्पादों से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की,जिससे इस सेगमेंट की आय में मजबूत उछाल देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म पर पहले से मौजूद बड़े ग्राहक आधार का लाभ उठाते हुए वित्तीय सेवाओं का विस्तार करना पेटीएम की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत बनकर उभरा है। कंपनी अब केवल भुगतान सेवा प्रदाता नहीं रह गई है, बल्कि ऋण,बीमा,निवेश और अन्य वित्तीय उत्पादों के वितरण के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रही है।
जून तिमाही के दौरान कंपनी की कुल आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। बर्नस्टीन के अनुसार,पेटीएम की आय में सालाना आधार पर 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई,जबकि इसी अवधि में अप्रत्यक्ष खर्च केवल 6 प्रतिशत बढ़े। आय और खर्च के बीच इस संतुलन का सीधा प्रभाव कंपनी की लाभप्रदता पर दिखाई दिया। परिणामस्वरूप ईबीआईटीडीए में 182 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रोकरेज ने यह भी बताया कि यदि पेमेंट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड यानी पीआईडीएफ प्रोत्साहन को तुलना से अलग रखा जाए,तो ईबीआईटीडीए में लगभग दस गुना वृद्धि देखने को मिली। यह आँकड़ा इस बात का संकेत है कि कंपनी की परिचालन क्षमता लगातार मजबूत हो रही है और उसका व्यवसाय अब अधिक टिकाऊ लाभप्रदता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बर्नस्टीन ने कंपनी की लागत प्रबंधन रणनीति की भी विशेष रूप से सराहना की। रिपोर्ट में कहा गया कि मजबूत आय वृद्धि के बावजूद पेटीएम ने अपने खर्चों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा। विशेष रूप से प्लेटफॉर्म निर्माण से जुड़ी लागत में सालाना आधार पर 3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कंपनी ने इसी दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों और नए उत्पादों के विकास में निवेश जारी रखा।
ब्रोकरेज का मानना है कि नई तकनीकों में निवेश और लागत नियंत्रण का यह संतुलन भविष्य में भी कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगा। कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधान ग्राहकों को बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने के साथ-साथ परिचालन दक्षता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसी कारण बर्नस्टीन ने संकेत दिया कि कंपनी के सकारात्मक प्रदर्शन का यह रुझान आने वाले समय में भी जारी रह सकता है।
पेटीएम का भुगतान कारोबार भी जून तिमाही में मजबूत स्थिति में रहा। कंपनी का मर्चेंट ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू यानी व्यापारियों के माध्यम से होने वाला कुल लेनदेन सालाना आधार पर 31 प्रतिशत बढ़कर 7.1 लाख करोड़ रुपये पहुँच गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि अधिक से अधिक व्यापारी पेटीएम के डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं और कंपनी का कारोबारी नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है।
उपभोक्ता यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी यूपीआई भुगतान में भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के अनुसार,उपभोक्ता यूपीआई भुगतान मूल्य में 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई,जो पूरे उद्योग की औसत वृद्धि दर से दोगुने से भी अधिक है। इससे यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में पेटीएम की पकड़ लगातार मजबूत बनी हुई है और ग्राहक उसकी सेवाओं पर भरोसा जता रहे हैं।
कंपनी के सक्रिय ग्राहकों की संख्या में भी लगातार वृद्धि देखने को मिली। मासिक लेनदेन करने वाले उपयोगकर्ताओं की संख्या एक वर्ष पहले के 7.4 करोड़ से बढ़कर लगभग 8 करोड़ तक पहुँच गई। बर्नस्टीन ने इसे ग्राहकों की बढ़ती सक्रियता और प्लेटफॉर्म के साथ उनके मजबूत जुड़ाव का संकेत बताया। विशेषज्ञों के अनुसार,किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या भविष्य की आय वृद्धि का महत्वपूर्ण आधार होती है।
ब्रोकरेज ने कहा कि जून तिमाही की सबसे बड़ी सकारात्मक उपलब्धियों में मजबूत भुगतान वॉल्यूम,लागत पर कड़ा नियंत्रण और वित्तीय सेवाओं के कारोबार में तेज वृद्धि शामिल रही। रिपोर्ट में कहा गया कि कंपनी का लागत अनुशासन उसकी अपेक्षाओं के अनुरूप बना हुआ है और इसी वजह से भविष्य में भी आय वृद्धि की दिशा मजबूत दिखाई दे रही है।
बर्नस्टीन ने कंपनी के ऋण कारोबार से जुड़े संकेतकों को भी सकारात्मक बताया। रिपोर्ट के अनुसार,अपेक्षित क्रेडिट हानि और दोबारा ऋण लेने वाले ग्राहकों के आँकड़े संतोषजनक स्थिति में हैं। इसका अर्थ है कि कंपनी की ऋण वितरण रणनीति अपेक्षाकृत संतुलित बनी हुई है और ग्राहकों की पुनर्भुगतान क्षमता भी मजबूत दिखाई दे रही है। यह स्थिति भविष्य में वित्तीय सेवाओं के कारोबार के विस्तार के लिए अनुकूल मानी जा रही है।
पेटीएम को लेकर केवल बर्नस्टीन ही नहीं,बल्कि अन्य प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज संस्थानों का दृष्टिकोण भी सकारात्मक बना हुआ है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी कंपनी पर अपना भरोसा दोहराते हुए शेयर का लक्ष्य मूल्य 1,450 रुपये से बढ़ाकर 1,600 रुपये कर दिया है। इसके साथ ही उसने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। जेफरीज ने जून तिमाही को मजबूत विकास गति वाली तिमाही बताते हुए पेटीएम को अपनी पसंदीदा फिनटेक कंपनियों में शामिल किया है।
इसी प्रकार एमके ने भी पेटीएम पर ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखते हुए लक्ष्य मूल्य 1,500 रुपये से बढ़ाकर 1,700 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी लगातार नए ग्राहकों को जोड़ने और वित्तीय सेवाओं के कारोबार का विस्तार करने में सफल हो रही है। यही कारण है कि उसके सामने लंबी अवधि में मजबूत विकास की संभावनाएँ मौजूद हैं।
दोनों ब्रोकरेज संस्थानों का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में भी पेटीएम की आय वृद्धि की रफ्तार बनी रहेगी। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2029 तक कंपनी की आय में लगातार बढ़ोतरी होगी और ऑपरेटिंग लीवरेज मजबूत होने के कारण लाभ मार्जिन में भी लगातार सुधार देखने को मिलेगा। यदि कंपनी इसी प्रकार लागत नियंत्रण और आय विस्तार के बीच संतुलन बनाए रखती है,तो वह स्थायी लाभप्रदता हासिल करने की दिशा में और अधिक मजबूत स्थिति में पहुँच सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय डिजिटल भुगतान और फिनटेक बाजार अभी भी तेजी से विस्तार के दौर में है। ऐसे में पेटीएम जैसी कंपनियों के पास अपने ग्राहक आधार को और मजबूत करने,वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ाने तथा नई तकनीकों के माध्यम से बेहतर सेवाएँ उपलब्ध कराने के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। कंपनी की रणनीति अब केवल भुगतान सेवाओं तक सीमित नहीं रह गई है,बल्कि वह एक व्यापक डिजिटल वित्तीय प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी पहचान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
बर्नस्टीन,जेफरीज और एमके जैसी प्रमुख वैश्विक ब्रोकरेज फर्मों द्वारा लक्ष्य मूल्य में वृद्धि और सकारात्मक रेटिंग बनाए रखना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बाजार में पेटीएम की दीर्घकालिक संभावनाओं को लेकर विश्वास पहले की तुलना में और अधिक मजबूत हुआ है। लगातार बेहतर वित्तीय प्रदर्शन,नियंत्रित लागत,मजबूत भुगतान कारोबार, वित्तीय सेवाओं के विस्तार और तकनीकी निवेश के बल पर कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय फिनटेक क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों में अपनी स्थिति और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
