जापान और स्वीडन के बीच रोमांचक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

फीफा वर्ल्ड कप 2026: जापान और स्वीडन के बीच रोमांचक मुकाबला 1-1 से ड्रॉ,दोनों टीमों ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह

आर्लिंगटन,26 जून (युआईटीवी)- फीफा वर्ल्ड कप 2026 में ग्रुप एफ का एक बेहद रोमांचक और प्रतिस्पर्धी मुकाबला जापान और स्वीडन के बीच खेला गया,जो 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ। डलास स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दोनों टीमों ने जीत के लिए भरपूर संघर्ष किया,लेकिन निर्धारित समय तक कोई भी टीम निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सकी। हालाँकि,इस ड्रॉ का फायदा दोनों टीमों को मिला। जापान ने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहते हुए सीधे राउंड ऑफ 32 में जगह बना ली,जबकि स्वीडन ने सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली आठ टीमों में शामिल होकर नॉकआउट चरण का टिकट हासिल कर लिया। इस परिणाम के साथ दोनों टीमों के समर्थकों में खुशी का माहौल देखने को मिला,क्योंकि विश्व कप के अगले दौर में पहुँचने का लक्ष्य दोनों ने पूरा कर लिया।

मुकाबले से पहले ग्रुप एफ की स्थिति काफी दिलचस्प थी। जापान के सामने समीकरण साफ था कि यदि वह स्वीडन के खिलाफ मुकाबला ड्रॉ भी करा लेता है,तो उसकी नॉकआउट चरण में जगह पक्की हो जाएगी। दूसरी ओर स्वीडन के लिए स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण थी। टीम को सीधे दूसरे स्थान पर पहुँचने के लिए हर हाल में जीत की जरूरत थी। हालाँकि,मैच बराबरी पर समाप्त होने के बाद भी स्वीडन अंक तालिका में सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में शामिल होने में सफल रहा और अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया।

मैच की शुरुआत से ही जापान ने अपने इरादे स्पष्ट कर दिए। टीम ने गेंद पर शानदार नियंत्रण बनाए रखा और शुरुआती मिनटों से ही स्वीडन के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। जापानी खिलाड़ियों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला और उन्होंने छोटे-छोटे पासों के जरिए कई बार स्वीडिश रक्षापंक्ति को चुनौती दी। दूसरी ओर स्वीडन ने भी संयम बनाए रखते हुए जवाबी हमलों की रणनीति अपनाई और मौके मिलने पर तेज आक्रमण करने का प्रयास किया।

पहले हाफ में जापान को कई अच्छे अवसर मिले,लेकिन टीम उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। डाइजेन माएडा ने हेडर के जरिए गोल करने की कोशिश की,लेकिन गेंद गोल पोस्ट के बाहर चली गई। इसके बाद युकिनारी सुगावारा ने लंबी दूरी से शानदार प्रयास किया, जिसे स्वीडन के गोलकीपर जैकब जेटरस्ट्रॉम ने बेहतरीन अंदाज में रोक दिया। जापान के एक और हमले में कीटो नाकामुरा ने गोल करने का प्रयास किया,लेकिन एक बार फिर जेटरस्ट्रॉम ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम को पीछे होने से बचा लिया।

स्वीडन ने भी पहले हाफ में कुछ अच्छे मौके बनाए,लेकिन जापान का मजबूत रक्षात्मक प्रदर्शन उसके सामने दीवार बनकर खड़ा रहा। दोनों टीमों ने तेज गति से खेलते हुए लगातार आक्रमण किए,लेकिन पहले 45 मिनट के खेल में कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो सकी। पहले हाफ की समाप्ति तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा और दोनों टीमों के बीच संघर्ष पूरी तरह संतुलित दिखाई दिया।

दूसरे हाफ की शुरुआत पहले हाफ से भी अधिक आक्रामक रही। जापान ने लगातार गेंद अपने कब्जे में रखते हुए स्वीडन पर दबाव बढ़ाना जारी रखा। आखिरकार टीम की मेहनत 56वें मिनट में रंग लाई। रित्सु दोआन ने शानदार थ्रू पास देते हुए डाइजेन माएडा को गोल करने का सुनहरा अवसर दिया। माएडा ने इस मौके को पूरी तरह भुनाया और बेहतरीन फिनिश के साथ गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुँचाकर जापान को 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इस गोल के बाद जापानी खिलाड़ियों और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

हालाँकि,जापान की यह खुशी ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। गोल खाने के बाद स्वीडन ने अपने खेल की गति और तेज कर दी तथा बराबरी हासिल करने के लिए लगातार हमले शुरू कर दिए। टीम का यह दबाव 62वें मिनट में रंग लाया,जब एंथनी एलंगा ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए मैच को फिर से बराबरी पर ला दिया। एलंगा ने दाहिने विंग से तेज दौड़ लगाई,फिर अंदर की ओर कट करते हुए बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया। उनका यह सटीक प्रयास जापानी गोलकीपर की पहुँच से दूर गोल पोस्ट के कोने में जाकर लगा और स्कोर 1-1 हो गया।

बराबरी का गोल करने के बाद स्वीडन का आत्मविश्वास काफी बढ़ गया। टीम ने जीत के लिए लगातार आक्रमण करना शुरू किया और जापान के डिफेंस की कड़ी परीक्षा ली। स्वीडन के स्टार स्ट्राइकर अलेक्जेंडर इसाक ने हेडर के जरिए गोल करने का शानदार प्रयास किया,लेकिन जापान के गोलकीपर जायन सुजुकी ने असाधारण फुर्ती दिखाते हुए गेंद को क्रॉसबार के ऊपर धकेल दिया। यह मैच का सबसे महत्वपूर्ण बचाव माना गया,क्योंकि यदि यह गेंद गोल में चली जाती तो जापान मुकाबला हार सकता था।

जायन सुजुकी ने इसके बाद भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए। एंथनी एलंगा ने एक बार फिर तेज हमला करते हुए गोल करने की कोशिश की,लेकिन जापानी गोलकीपर ने शानदार प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को रोक लिया। सुजुकी के लगातार बेहतरीन प्रदर्शन ने जापान को हार से बचाए रखा और टीम को बहुमूल्य एक अंक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मैच के अंतिम मिनटों में दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। जापान ने भी कुछ जवाबी हमले किए,जबकि स्वीडन लगातार आगे बढ़कर निर्णायक गोल की तलाश करता रहा। हालाँकि,दोनों टीमों के डिफेंस और गोलकीपरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया,जिसके कारण निर्धारित समय तक कोई और गोल नहीं हो सका और मुकाबला 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ।

इस परिणाम के साथ जापान ने ग्रुप एफ में दूसरा स्थान हासिल करते हुए सीधे राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया। अब जापान का सामना 30 जून को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल ब्राजील से होगा। यह मुकाबला जापान के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि ब्राजील अपनी आक्रामक शैली और विश्व स्तरीय खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है। दूसरी ओर स्वीडन भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में जगह बनाने में सफल रहा है। हालाँकि,उसे अपने अगले प्रतिद्वंद्वी का इंतजार करना होगा,जिसका फैसला अन्य ग्रुपों के मुकाबलों के बाद होगा।

पूरे मैच में जापान ने तकनीकी रूप से बेहद प्रभावशाली प्रदर्शन किया,जबकि स्वीडन ने संघर्ष और धैर्य का शानदार उदाहरण पेश किया। दोनों टीमों ने अपनी-अपनी रणनीति के अनुरूप खेल दिखाया और अंततः दोनों को नॉकआउट चरण का टिकट मिल गया। इस मुकाबले ने एक बार फिर साबित कर दिया कि फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर हर मुकाबला बेहद प्रतिस्पर्धी होता है और अंतिम सीटी बजने तक किसी भी नतीजे की भविष्यवाणी करना आसान नहीं होता। अब दोनों टीमें अगले दौर में और बेहतर प्रदर्शन कर टूर्नामेंट में अपनी चुनौती को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगी।