नई दिल्ली,26 जून (युआईटीवी)- भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज का आगाज शुक्रवार, 26 जून से होने जा रहा है। इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है,लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर हो रही है। क्रिकेट जगत की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इतनी कम उम्र में अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित करने वाले वैभव को पहले ही मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी या फिर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। इस बीच भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि टीम प्रबंधन किसी खिलाड़ी को केवल वैभव को मौका देने के लिए बाहर नहीं करेगा।
मैच से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सितांशु कोटक ने कहा कि टीम चयन हमेशा प्रदर्शन और संतुलन को ध्यान में रखकर किया जाता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी खिलाड़ी को सिर्फ इसलिए बाहर करना उचित नहीं होगा क्योंकि किसी युवा प्रतिभा को अवसर देना है। उनका मानना है कि यदि कोई खिलाड़ी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और टीम के लिए रन बना रहा है,तो उसे केवल प्रयोग के नाम पर बाहर करना उसके साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि टीम प्रबंधन इस बात का पूरा ध्यान रखेगा कि किसी भी खिलाड़ी के साथ गलत व्यवहार न हो और चयन पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से किया जाए।
सितांशु कोटक ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी को भविष्य में अपनी क्षमता साबित करने के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि टीम चयन का अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान की रणनीति पर निर्भर करेगा। हर मुकाबले की परिस्थितियाँ अलग होती हैं और उसी के अनुसार अंतिम एकादश का चयन किया जाता है। ऐसे में यह देखना होगा कि आयरलैंड के खिलाफ पहले मुकाबले में टीम किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है।
बल्लेबाजी कोच ने यह भी कहा कि किसी नए खिलाड़ी को अवसर देने और पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ी के साथ न्याय करने के बीच बहुत बारीक अंतर होता है। टीम प्रबंधन का प्रयास यही रहता है कि दोनों पहलुओं के बीच संतुलन बना रहे। उन्होंने कहा कि युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है,लेकिन साथ ही उन खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को भी बनाए रखना आवश्यक है जो लगातार टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।
हालाँकि, वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा को लेकर सितांशु कोटक ने खुलकर तारीफ की। उन्होंने युवा बल्लेबाज को बेहद लाजवाब खिलाड़ी बताया और कहा कि उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास,तकनीक और सकारात्मक सोच साफ दिखाई देती है। कोटक का मानना है कि वैभव केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं हैं,बल्कि उनकी मानसिक परिपक्वता भी उनकी उम्र के हिसाब से काफी बेहतर है। यही कारण है कि उन्हें इतनी कम उम्र में भारतीय टीम के साथ जुड़ने का अवसर मिला है।
कोटक ने बताया कि वैभव लंबे समय से भारतीय क्रिकेट के विकास कार्यक्रम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने अंडर-19,भारत ए और एमर्जिंग टीम जैसे विभिन्न स्तरों पर खेलते हुए काफी अनुभव हासिल किया है। इसी वजह से उन्हें भारतीय टीम के माहौल और कार्यशैली को समझने में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि वैभव पहले से ही भारतीय क्रिकेट की संस्कृति से परिचित हैं और उनके लिए राष्ट्रीय टीम का माहौल पूरी तरह नया नहीं है।
उन्होंने यह भी बताया कि टीम प्रबंधन ने वैभव को किसी तरह का अतिरिक्त दबाव नहीं लेने की सलाह दी है। कोच के अनुसार,युवा खिलाड़ी से कहा गया है कि वह इस अवसर का पूरा आनंद लें और बिना किसी डर या झिझक के अपना स्वाभाविक खेल खेलें। साथ ही उन्हें यह भरोसा भी दिलाया गया है कि यदि उनके मन में कोई सवाल हो या किसी तरह की सलाह की जरूरत महसूस हो तो वह बेझिझक टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से बात कर सकते हैं।
सितांशु कोटक ने कहा कि इस स्तर पर खेलने वाले खिलाड़ियों में सामान्य तौर पर अच्छी परिपक्वता होती है। वे परिस्थितियों के अनुसार सही फैसले लेने की क्षमता रखते हैं और खेल के प्रति उनका नजरिया भी सकारात्मक होता है। उन्होंने कहा कि वैभव में भी यही गुण देखने को मिलते हैं। उनका खेल केवल आक्रामकता तक सीमित नहीं है,बल्कि वह परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता भी रखते हैं। यही वजह है कि टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देख रहा है।
कोच ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी युवा खिलाड़ी के विकास के लिए सबसे जरूरी चीज सकारात्मक माहौल होता है। यदि खिलाड़ी को यह महसूस हो कि वह टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उसे खुलकर खेलने की पूरी आजादी है,तो उसका आत्मविश्वास काफी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का प्रयास हमेशा ऐसा वातावरण तैयार करने का रहता है,जहाँ हर खिलाड़ी बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सके।
भारत और आयरलैंड के बीच होने वाली यह टी20 सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर मानी जा रही है। टीम प्रबंधन भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए कई नए खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए है। ऐसे में यदि वैभव सूर्यवंशी को इस सीरीज में मौका मिलता है,तो यह उनके करियर का एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है। वहीं अगर उन्हें पहले मुकाबले में अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलती है,तब भी टीम प्रबंधन के बयान से साफ है कि उनके लिए भविष्य के दरवाजे पूरी तरह खुले हैं।
क्रिकेट प्रेमियों के बीच वैभव सूर्यवंशी को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। उनकी उम्र, प्रतिभा और अब तक के प्रदर्शन ने उन्हें चर्चा का केंद्र बना दिया है। हालाँकि,टीम प्रबंधन फिलहाल जल्दबाजी के बजाय संतुलित रणनीति अपनाने के पक्ष में दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि पहले टी20 मुकाबले में भारत किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरता है और क्या युवा वैभव सूर्यवंशी को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला कदम रखने का मौका मिलता है या उन्हें अपने अवसर के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ता है। फिलहाल इतना तय है कि भारतीय टीम का कोचिंग स्टाफ इस युवा बल्लेबाज की प्रतिभा से बेहद प्रभावित है और उसे भविष्य का अहम खिलाड़ी मान रहा है।
