मेक्सिको सिटी,18 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में लंबे इंतजार के बाद वापसी कर रही कोलंबिया की टीम ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार अंदाज में की। मेक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप के मुकाबले में कोलंबिया ने विश्व कप में पदार्पण कर रहे उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपने इरादे साफ कर दिए। इस जीत के नायक रहे स्टार खिलाड़ी लुइस डियाज,जिन्होंने एक गोल दागने के साथ-साथ एक गोल में अहम भूमिका निभाई और टीम की जीत की नींव रखी।
कोलंबिया के लिए यह मुकाबला केवल तीन अंक हासिल करने का अवसर नहीं था,बल्कि पिछले विश्व कप में जगह नहीं बना पाने की निराशा को पीछे छोड़ने का भी मौका था। वर्ष 2022 के विश्व कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाने के बाद टीम पहली बार इस प्रतिष्ठित मंच पर उतरी थी। ऐसे में खिलाड़ियों पर अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव भी था। हालाँकि,टीम ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास दिखाया और पूरे मैच में अपने अनुभव तथा आक्रामक खेल का परिचय दिया।
मुकाबले की शुरुआत तेज गति के साथ हुई। दोनों टीमों ने शुरुआती मिनटों से ही आक्रमण पर जोर दिया। उज्बेकिस्तान,जो पहली बार विश्व कप में खेल रहा था,किसी भी तरह से दबाव में नजर नहीं आया। उसने कोलंबिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खुलकर खेल दिखाया और शुरुआती दौर में कई अच्छे मूव बनाए। दूसरी ओर कोलंबिया ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखते हुए लगातार विरोधी गोलपोस्ट की ओर हमले किए।
कोलंबिया को पहला बड़ा मौका 17वें मिनट में मिला,जब जॉन एरियास ने दूर से शानदार शॉट लगाया। हालाँकि,उनकी कोशिश गोल में तब्दील नहीं हो सकी और गेंद साइड नेटिंग से टकराकर बाहर चली गई। इसके बावजूद इस प्रयास ने उज्बेकिस्तान की रक्षा पंक्ति को चेतावनी दे दी कि कोलंबियाई खिलाड़ी किसी भी क्षण मैच का रुख बदल सकते हैं।
समय के साथ कोलंबिया का दबाव बढ़ता गया। टीम के मिडफील्ड और अटैक के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। 32वें मिनट में यह दबाव आखिरकार गोल में बदल गया। लुइस डियाज ने शानदार व्यक्तिगत कौशल का प्रदर्शन करते हुए डेनियल मुनोज के लिए बेहतरीन अवसर तैयार किया। मुनोज ने मौके का पूरा फायदा उठाया और सटीक फिनिश के साथ गेंद को जाल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ कोलंबिया ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।
पहले हाफ के बाकी समय में कोलंबिया का नियंत्रण बना रहा। टीम ने गेंद पर कब्जा बनाए रखा और लगातार मौके बनाने की कोशिश की। हालाँकि,उज्बेकिस्तान की रक्षापंक्ति ने कई बार मजबूती दिखाई और स्कोर को 1-0 पर ही बनाए रखा। पहले हाफ के अंत तक ऐसा लग रहा था कि कोलंबिया पूरी तरह मैच पर हावी है,लेकिन दूसरे हाफ में कहानी बदलने वाली थी।
ब्रेक के बाद उज्बेकिस्तान नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरा। टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और कोलंबिया की रक्षा पंक्ति पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। इस रणनीति का असर भी जल्द दिखाई दिया। दोस्तोनबेक खामदामोव के प्रयास और एल्डोर शोमुर्दोव के शानदार क्रॉस के बाद अब्बोसबेक फैज़ुल्लाएव सही समय पर सही जगह पहुँचे और उन्होंने शानदार हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुँचा दिया।
यह गोल कई मायनों में ऐतिहासिक था। यह उज्बेकिस्तान के विश्व कप इतिहास का पहला गोल था। जैसे ही गेंद जाल में गई, स्टेडियम में मौजूद उज्बेक समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस गोल ने स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया और मुकाबला पूरी तरह खुल गया।
हालाँकि,कोलंबिया ने इस झटके को ज्यादा देर तक अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। अनुभवी खिलाड़ियों से सजी टीम ने तुरंत जवाब दिया। बराबरी के कुछ ही समय बाद लुइस डियाज ने अपनी प्रतिभा का परिचय देते हुए शानदार गोल दागा। उन्होंने नीचे की ओर सटीक शॉट लगाया,जिसे गोलकीपर उतकिर युसुपोव पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सके। गेंद उनके हाथों से फिसलते हुए गोल लाइन पार कर गई और कोलंबिया एक बार फिर बढ़त में आ गया।
यह गोल लुइस डियाज के लिए भी विशेष रहा,क्योंकि यह उनके विश्व कप करियर का पहला गोल था। गोल करने के बाद डियाज का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। उनकी खुशी यह दर्शा रही थी कि विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर गोल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए कितना बड़ा क्षण होता है।
इसके बाद उज्बेकिस्तान ने हार नहीं मानी। टीम ने बराबरी हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किए। कई मौकों पर उसने कोलंबिया के गोल क्षेत्र में दबाव भी बनाया,लेकिन कोलंबिया के रक्षापंक्ति खिलाड़ियों ने संयम बनाए रखा। अनुभवी डिफेंडरों ने विरोधी टीम को कोई स्पष्ट अवसर नहीं दिया और अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा।
जैसे-जैसे मैच अंतिम चरण की ओर बढ़ा,उज्बेकिस्तान ने अधिक खिलाड़ियों को आक्रमण में लगाया। इससे उसके पीछे की जगह खुलने लगी और कोलंबिया को जवाबी हमलों के अवसर मिलने लगे। इंजरी टाइम में ऐसा ही एक मौका कोलंबिया के हाथ लगा। कुचो हर्नांडेज ने दाईं ओर से शानदार दौड़ लगाई और सटीक पास जैमिंटन कैम्पाज को दिया। कैम्पाज ने बेहतरीन हेडर लगाकर गेंद को गोल में पहुँचा दिया और कोलंबिया की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी।
तीसरे गोल के साथ ही उज्बेकिस्तान की वापसी की उम्मीदें समाप्त हो गईं। अंतिम सीटी बजते ही कोलंबियाई खिलाड़ी और उनके समर्थक जश्न में डूब गए। यह जीत केवल तीन अंकों की नहीं थी,बल्कि विश्व कप में शानदार वापसी का संदेश भी थी।
इस मुकाबले ने यह भी साबित किया कि कोलंबिया की टीम इस बार टूर्नामेंट में बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। वहीं,हार के बावजूद उज्बेकिस्तान ने अपने पहले विश्व कप मैच में साहस और जुझारूपन का परिचय दिया। विशेष रूप से उनका पहला विश्व कप गोल आने वाले वर्षों तक देश के फुटबॉल इतिहास में याद किया जाएगा।
कोलंबिया के लिए यह जीत आत्मविश्वास बढ़ाने वाली साबित होगी,जबकि उज्बेकिस्तान अगले मुकाबलों में इसी जज्बे के साथ बेहतर परिणाम हासिल करने की कोशिश करेगा। विश्व कप के इस रोमांचक मुकाबले ने प्रशंसकों को शानदार फुटबॉल का आनंद दिया और टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में ही उत्साह को नई ऊँचाई पर पहुँचा दिया।
