फीफा विश्व कप 2026 (तस्वीर क्रेडिट@NewsDeshbandhu)

फीफा विश्व कप 2026: ‘सिर्फ भाग लेने नहीं, इतिहास रचने उतरे हैं हम’,विश्व कप से पहले ब्राजील ने भरी हुंकार; छठे खिताब पर टिकी एंसेलोटी और विनीसियस की नजर

न्यू जर्सी,13 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में अपने अभियान की शुरुआत से पहले ब्राजील की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है। दुनिया की सबसे सफल फुटबॉल टीम मानी जाने वाली ब्राजील इस बार केवल अच्छा प्रदर्शन करने के इरादे से मैदान में नहीं उतर रही,बल्कि उसका लक्ष्य एक बार फिर विश्व फुटबॉल के शिखर पर पहुँचना और रिकॉर्ड छठा विश्व कप खिताब जीतना है। टूर्नामेंट के अपने पहले ग्रुप मुकाबले में मोरक्को से भिड़ने से पहले मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी और टीम के स्टार खिलाड़ी विनीसियस जूनियर ने स्पष्ट कर दिया है कि टीम की नजर सिर्फ और सिर्फ ट्रॉफी पर है।

ब्राजील के लिए यह विश्व कप कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है। वर्ष 2002 में आखिरी बार विश्व चैंपियन बनने के बाद से ब्राजील लगातार विश्व कप जीतने का सपना देख रहा है। पिछले 24 वर्षों में टीम कई बार मजबूत दावेदार के रूप में मैदान में उतरी,लेकिन हर बार किसी न किसी चरण में उसका अभियान समाप्त हो गया। खासकर पिछले दो विश्व कप में क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाने का दर्द अभी भी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के दिलों में ताजा है। ऐसे में इस बार ब्राजील पर उम्मीदों का बोझ भी है और इतिहास रचने की चुनौती भी।

विश्व कप की शुरुआत से पहले आयोजित प्रेस वार्ता में कार्लो एंसेलोटी ने टूर्नामेंट से जुड़ी भावनाओं और दबाव को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट से पहले घबराहट और तनाव महसूस करना बिल्कुल सामान्य है। उनके अनुसार डर और दबाव को हमेशा नकारात्मक नजरिए से नहीं देखना चाहिए,क्योंकि यही भावनाएँ खिलाड़ियों और कोचों को अधिक सतर्क,अनुशासित और केंद्रित बनाती हैं।

एंसेलोटी ने कहा कि जीवन में डर एक स्वाभाविक भावना है और यह कई बार व्यक्ति को गलतियों से बचाने में मदद करता है। यदि कोई खिलाड़ी या टीम किसी चुनौती को हल्के में लेती है,तो उसके लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसा टूर्नामेंट ऐसा मंच है,जहाँ छोटी सी चूक भी भारी पड़ सकती है। इसलिए वह मानते हैं कि थोड़ा तनाव और दबाव टीम को बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करता है।

ब्राजील के कोच ने यह भी स्पष्ट किया कि आधुनिक फुटबॉल में अब कोई भी मुकाबला आसान नहीं रह गया है। उन्होंने विशेष रूप से मोरक्को की टीम का उल्लेख करते हुए कहा कि अफ्रीकी टीम ने पिछले विश्व कप में जो प्रदर्शन किया था,उसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया था। मोरक्को ने कतर विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचकर इतिहास रच दिया था और इस दौरान उसने स्पेन तथा पुर्तगाल जैसी मजबूत टीमों को हराया था।

एंसेलोटी के अनुसार मोरक्को को कम आँकना किसी भी टीम के लिए बड़ी भूल साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम प्रतिद्वंद्वी का पूरा सम्मान करती है और जानती है कि जीत हासिल करने के लिए मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने खिलाड़ियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में महँगी साबित हो सकती है।

ब्राजील के लिए यह विश्व कप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्लो एंसेलोटी पहली बार राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच के रूप में विश्व कप में हिस्सा ले रहे हैं। क्लब फुटबॉल में असाधारण सफलता हासिल कर चुके एंसेलोटी ने अपने करियर में लगभग हर बड़ा खिताब जीता है,लेकिन विश्व कप का अनुभव उनके लिए नया है। उन्होंने स्वीकार किया कि दुनिया की सबसे सफल राष्ट्रीय टीम का नेतृत्व करना गर्व की बात है,लेकिन इसके साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।

उन्होंने कहा कि ब्राजील जैसी टीम के साथ जुड़ना हर कोच का सपना होता है। इस टीम का इतिहास,परंपरा और उपलब्धियाँ इसे दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टीमों में शामिल करती हैं। एंसेलोटी का मानना है कि उनके पास प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का ऐसा समूह है,जो किसी भी टीम को चुनौती देने की क्षमता रखता है।

दूसरी ओर टीम के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर भी पूरी तरह उत्साहित नजर आए। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धियों से ज्यादा महत्वपूर्ण टीम की सफलता है। विनीसियस ने कहा कि वह इस टूर्नामेंट में किसी व्यक्तिगत पुरस्कार,गोल्डन बॉल या अन्य सम्मान को लक्ष्य बनाकर नहीं आए हैं। उनका एकमात्र सपना ब्राजील को छठा विश्व कप खिताब दिलाने में योगदान देना है।

विनीसियस ने कहा कि जब कोई खिलाड़ी ब्राजील की राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनता है,तो उसके सामने सबसे बड़ा लक्ष्य देश के लिए ट्रॉफी जीतना होता है। उन्होंने कहा कि विश्व कप जीतना किसी भी फुटबॉलर का सबसे बड़ा सपना होता है और वह इस अवसर का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं। उनके अनुसार टीम पिछले कई महीनों से इस प्रतियोगिता की तैयारी कर रही है और सभी खिलाड़ी मानसिक तथा शारीरिक रूप से पूरी तरह तैयार हैं।

ब्राजील के युवा स्टार ने 2022 विश्व कप की यादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्रोएशिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में मिली हार टीम के लिए बेहद दर्दनाक थी। उस मुकाबले में ब्राजील जीत के बेहद करीब पहुँच गया था,लेकिन कुछ क्षणों की चूक ने पूरे अभियान को समाप्त कर दिया। विनीसियस का मानना है कि उस हार ने टीम को कई महत्वपूर्ण सबक सिखाए हैं।

उन्होंने कहा कि विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में मैच समाप्त होने तक पूरी एकाग्रता बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। कई बार एक छोटी सी गलती पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकती है। उनके अनुसार ब्राजील के खिलाड़ी अब पहले से ज्यादा अनुभवी हैं और वे जानते हैं कि बड़े मुकाबलों में हर मिनट कितना महत्वपूर्ण होता है।

रियल मैड्रिड के लिए शानदार प्रदर्शन कर चुके विनीसियस ने यह भी कहा कि इस बार वह पहले की तुलना में अधिक परिपक्व और आत्मविश्वासी खिलाड़ी के रूप में मैदान में उतर रहे हैं। क्लब और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पिछले कुछ वर्षों में मिले अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया है। उन्होंने कहा कि अब वह दबाव को बेहतर तरीके से सँभालना जानते हैं और टीम के लिए अधिक जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।

विनीसियस ने अपने कोच कार्लो एंसेलोटी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एंसेलोटी खिलाड़ियों पर अनावश्यक दबाव नहीं डालते और उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली में खेलने की आजादी देते हैं। यही वजह है कि खिलाड़ी मैदान पर अधिक आत्मविश्वास महसूस करते हैं। उनके अनुसार एंसेलोटी का सबसे बड़ा गुण यह है कि वह खिलाड़ियों को मानसिक रूप से सहज रखते हैं और साथ ही अनुशासन तथा एकाग्रता बनाए रखने पर जोर देते हैं।

उन्होंने कहा कि एंसेलोटी लगातार टीम को यह याद दिलाते रहते हैं कि विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में छोटी-छोटी बातें ही जीत और हार के बीच अंतर पैदा करती हैं। चाहे वह रक्षात्मक संगठन हो,गेंद पर नियंत्रण हो या फिर अंतिम क्षणों तक फोकस बनाए रखना हो,हर पहलू महत्वपूर्ण होता है। ब्राजील की टीम इसी सोच के साथ मैदान में उतरने वाली है।

ब्राजील का फुटबॉल इतिहास गौरवशाली रहा है। टीम ने 1958, 1962, 1970, 1994 और 2002 में विश्व कप जीतकर दुनिया की सबसे सफल राष्ट्रीय टीम होने का गौरव हासिल किया। हालाँकि,दो दशक से अधिक समय से ट्रॉफी से दूर रहने के कारण इस बार प्रशंसकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। देशभर के फुटबॉल प्रेमी चाहते हैं कि उनकी टीम एक बार फिर विश्व फुटबॉल के सिंहासन पर बैठे।

मोरक्को के खिलाफ पहला मुकाबला ब्राजील के लिए केवल तीन अंक हासिल करने का अवसर नहीं होगा,बल्कि पूरे अभियान की दिशा तय करने वाला मैच भी साबित हो सकता है। टीम चाहती है कि वह टूर्नामेंट की शुरुआत जीत के साथ करे और अपने प्रतिद्वंद्वियों को स्पष्ट संदेश दे कि वह इस बार खिताब जीतने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विश्व कप के मंच पर इतिहास,परंपरा,उम्मीदें और दबाव सभी एक साथ मौजूद हैं,लेकिन एंसेलोटी और विनीसियस के बयानों से यह साफ है कि ब्राजील की टीम इन चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अपनी ताकत में बदलना चाहती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि मैदान पर यह आत्मविश्वास किस हद तक परिणामों में बदलता है और क्या ब्राजील आखिरकार 24 वर्षों का इंतजार खत्म कर छठी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा कर पाता है।