अमेरिका में ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए बड़ा बदलाव (तस्वीर क्रेडिट@np_nationpress)

अमेरिका में ग्रीन कार्ड आवेदकों के लिए बड़ा बदलाव,18 सितंबर से नया फॉर्म लागू; पुराने आवेदन होंगे खारिज

वॉशिंगटन,21 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका में स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज ने घोषणा की है कि वह अगले महीने स्थायी निवास के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म आई-485 का नया संस्करण लागू करेगी। एजेंसी ने साफ कर दिया है कि नया संस्करण प्रभावी होने के बाद पुराने फॉर्म का इस्तेमाल करके भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएँगे। ऐसे में अमेरिका में पहले से रह रहे और ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए आवेदन जमा करने की तारीख और सही फॉर्म का इस्तेमाल बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।

अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज के अनुसार,फॉर्म आई-485 का नया संस्करण 18 सितंबर 2026 को जारी किया जाएगा। इस नए फॉर्म पर 18 सितंबर 2026 की संस्करण तिथि दर्ज होगी और यह 20 जनवरी 2025 वाले पुराने संस्करण की जगह लेगा। फॉर्म आई-485 का इस्तेमाल उन पात्र लोगों द्वारा किया जाता है,जो पहले से अमेरिका में रह रहे हैं और अपने आव्रजन दर्जे को समायोजित कर कानूनी स्थायी निवासी का दर्जा यानी ग्रीन कार्ड हासिल करना चाहते हैं।

एजेंसी ने आवेदकों और इमिग्रेशन वकीलों को नए फॉर्म और उससे जुड़े निर्देशों की जानकारी भी उपलब्ध कराई है,ताकि बदलाव लागू होने से पहले लोग अपनी तैयारी पूरी कर सकें। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नए और पुराने फॉर्म के बीच कोई ग्रेस पीरियड नहीं होगा। इसका मतलब है कि 18 सितंबर के बाद कुछ समय तक पुराने और नए दोनों संस्करणों को स्वीकार करने की व्यवस्था नहीं होगी। आवेदन की तारीख के आधार पर केवल संबंधित संस्करण ही स्वीकार किया जाएगा।

नियम के मुताबिक, 20 जनवरी 2025 वाला पुराना फॉर्म आई-485 तभी स्वीकार किया जाएगा,जब उसे 18 सितंबर 2026 से पहले डाक के जरिए भेजा गया हो या उससे पहले ऑनलाइन जमा किया गया हो। यदि कोई आवेदक पुराने संस्करण को 18 सितंबर या उसके बाद डाक से भेजता है अथवा ऑनलाइन जमा करता है,तो अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी उस आवेदन को सीधे अस्वीकार कर सकती है। ऐसी स्थिति में आवेदन की सामग्री पर विचार किए जाने से पहले ही प्रक्रिया रुक सकती है।

वहीं नए संस्करण को लेकर भी एजेंसी ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। 18 सितंबर 2026 की संस्करण तिथि वाला नया फॉर्म आई-485 उसकी प्रभावी तिथि से पहले जमा नहीं किया जाना चाहिए। एजेंसी इसे तभी स्वीकार करेगी,जब आवेदन 18 सितंबर या उसके बाद डाक से भेजा गया हो अथवा उसी तारीख या उसके बाद ऑनलाइन जमा किया गया हो। इसलिए आवेदकों को यह ध्यान रखना होगा कि केवल सही फॉर्म डाउनलोड करना ही पर्याप्त नहीं है,बल्कि उसे सही तारीख पर जमा करना भी जरूरी है।

यह बदलाव भारतीय नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिका की रोजगार आधारित आव्रजन व्यवस्था में बड़ी संख्या में भारतीय पेशेवर शामिल हैं। तकनीक,चिकित्सा,इंजीनियरिंग,वित्त और अन्य विशेष क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नागरिक लंबे समय से अमेरिकी स्थायी निवास के लिए आवेदन करते रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है,जो रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में हैं और अपने इमिग्रेंट वीजा नंबर उपलब्ध होने का इंतजार कर रहे हैं।

भारतीय आवेदकों के लिए यह प्रक्रिया कई बार लंबी हो जाती है। अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में प्रति देश निर्धारित वार्षिक वीजा सीमा के कारण भारत जैसे बड़े आवेदक समूह वाले देशों के नागरिकों को रोजगार आधारित स्थायी निवास हासिल करने के लिए वर्षों तक इंतजार करना पड़ सकता है। इस वजह से भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए ग्रीन कार्ड आवेदन की प्रक्रिया का हर चरण महत्वपूर्ण हो जाता है। फॉर्म में मामूली गलती या गलत संस्करण का इस्तेमाल भी आवेदन की प्रक्रिया में अतिरिक्त देरी पैदा कर सकता है।

फॉर्म आई-485 उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है,जो अमेरिका के भीतर रहते हुए स्थायी निवासी का दर्जा हासिल करना चाहते हैं। रोजगार आधारित आव्रजन के अलावा परिवार आधारित आव्रजन की कुछ श्रेणियों में पात्र आवेदक भी इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए नए संस्करण के लागू होने का असर केवल रोजगार आधारित आवेदकों तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि पात्र परिवार आधारित आवेदकों को भी नए नियमों के अनुसार आवेदन करना होगा।

अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की ओर से जारी चेतावनी का सबसे अहम पहलू यह है कि गलत संस्करण इस्तेमाल करने पर आवेदन सीधे अस्वीकार किया जा सकता है। इसका अर्थ है कि आवेदक द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों,पात्रता या अन्य जानकारियों की समीक्षा शुरू होने से पहले ही आवेदन वापस किया जा सकता है। इससे आवेदन प्रक्रिया में समय की अतिरिक्त हानि हो सकती है और कुछ मामलों में आवेदक को दोबारा आवेदन तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।

ऐसे में आवेदकों को अपनी आवेदन रणनीति बनाते समय डाक और ऑनलाइन जमा करने की तारीख का विशेष ध्यान रखना होगा। यदि कोई व्यक्ति 18 सितंबर से पहले आवेदन भेजना चाहता है,तो उसे 20 जनवरी 2025 वाले संस्करण का ही इस्तेमाल करना होगा। वहीं 18 सितंबर या उसके बाद आवेदन करने वाले लोगों को नए संस्करण का इस्तेमाल करना होगा। दोनों संस्करणों को अपनी सुविधा के अनुसार मिलाकर इस्तेमाल करने की कोई व्यवस्था नहीं होगी।

इस बदलाव के कारण उन लोगों के लिए समय प्रबंधन भी महत्वपूर्ण हो गया है,जिनका आवेदन लगभग तैयार है। यदि कोई आवेदक पुराने संस्करण पर आवेदन तैयार कर चुका है और उसे 18 सितंबर से पहले जमा कर सकता है,तो उसे एजेंसी के निर्धारित नियमों के अनुसार उसी संस्करण का इस्तेमाल करना होगा। दूसरी ओर,यदि आवेदन 18 सितंबर या उसके बाद जमा किया जाना है,तो नए संस्करण पर आवेदन तैयार करना जरूरी होगा।

इमिग्रेशन विशेषज्ञों के लिए भी यह बदलाव महत्वपूर्ण है,क्योंकि उन्हें अपने ग्राहकों के आवेदन तैयार करते समय नए फॉर्म और उसके निर्देशों का पालन करना होगा। फॉर्म में बदलाव होने के बाद पुराने प्रारूप का इस्तेमाल करने से आवेदन की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए आवेदकों को आवेदन भेजने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म पर दर्ज संस्करण तिथि अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी की निर्धारित तारीख के अनुरूप है।

भारतीय पेशेवरों के संदर्भ में यह बदलाव ऐसे समय में आया है,जब बड़ी संख्या में लोग रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में आगे बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। कई भारतीय नागरिक अमेरिका में लंबे समय से काम कर रहे हैं और स्थायी निवास हासिल करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। प्रति देश वीजा सीमा और बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों के कारण उनके लिए पहले ही प्रतीक्षा अवधि लंबी है। ऐसे में आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी या प्रशासनिक गलती से होने वाली अतिरिक्त देरी से बचना जरूरी हो जाता है।

अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ने नए फॉर्म से जुड़े निर्देश पहले से उपलब्ध कराकर आवेदकों को तैयारी का अवसर दिया है। हालाँकि,एजेंसी की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि पुराने और नए फॉर्म के बीच कोई संक्रमण अवधि नहीं होगी। इसलिए 18 सितंबर 2026 की तारीख इस पूरी प्रक्रिया में निर्णायक होगी।

कुल मिलाकर,अमेरिका में ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों को अब फॉर्म आई-485 के नए संस्करण को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। 18 सितंबर से पहले भेजे गए आवेदन के लिए 20 जनवरी 2025 वाला संस्करण स्वीकार किया जाएगा, जबकि 18 सितंबर या उसके बाद जमा किए जाने वाले आवेदन के लिए 18 सितंबर 2026 वाला नया संस्करण अनिवार्य होगा। गलत संस्करण इस्तेमाल करने पर आवेदन खारिज हो सकता है। खासकर लंबे समय से ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे भारतीय पेशेवरों और उनके परिवारों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है,क्योंकि आवेदन में किसी भी तरह की तकनीकी गलती उनकी पहले से लंबी चल रही स्थायी निवास प्रक्रिया में और देरी कर सकती है।