नई दिल्ली,21 अगस्त (युआईटीवी)- रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक बार फिर अमेरिका और अपने पश्चिमी साझेदारों से वायु रक्षा के लिए जरूरी मिसाइलें उपलब्ध कराने की माँग दोहराई है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली के लिए मिसाइलों की तत्काल जरूरत है और उनका देश इन हथियारों को खरीदने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन मुफ्त सैन्य सहायता की माँग नहीं कर रहा है,बल्कि अपनी जरूरत के हथियारों के लिए भुगतान करने को तैयार है। उन्होंने अमेरिका से इस संबंध में जल्द निर्णय लेने की अपील की है।
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यूक्रेन को पैट्रियट प्रणाली के लिए मिसाइलों की जरूरत है और इन्हें उपलब्ध कराने की क्षमता उसके साझेदार देशों के पास है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन उन हथियारों को खरीदने के लिए तैयार है,जिनकी उसे जरूरत है। उनके मुताबिक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि फैसले लिए जाएँ और इसकी शुरुआत अमेरिका से हो। उन्होंने यूक्रेन की जान बचाने में मदद कर रहे सभी लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि आने वाली सर्दियों से पहले वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करना उनके देश की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके साथ ही बैलिस्टिक मिसाइलों से बचाव की क्षमता बढ़ाना भी जरूरी है। रूस की ओर से लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बीच यूक्रेन के लिए अपने शहरों,ऊर्जा प्रतिष्ठानों और नागरिक बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। ऐसे में जेलेंस्की का पैट्रियट मिसाइलों पर जोर देना यूक्रेन की तत्काल सैन्य जरूरत को दर्शाता है।
जेलेंस्की ने अपनी सरकार और रक्षा तंत्र के बीच बेहतर तालमेल पर भी जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रक्षा मंत्रालय और देश की रक्षा एवं सुरक्षा एजेंसियाँ एक-दूसरे के साथ पूरी तरह समन्वय बनाकर काम करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को अपने साझेदार देशों के साथ हुए सभी समझौतों की समीक्षा करनी चाहिए। इसमें यह देखा जाना जरूरी है कि कौन से समझौते लागू हो चुके हैं और कौन से अभी लागू किए जाने बाकी हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति का कहना है कि युद्ध की बदलती परिस्थितियों में सैन्य सहायता से जुड़े सभी समझौतों को प्रभावी ढंग से लागू करना जरूरी है। उनका जोर इस बात पर है कि जिन हथियारों और रक्षा प्रणालियों का वादा यूक्रेन के साझेदार देशों ने किया है,वे समय पर उपलब्ध हों। खास तौर पर वायु रक्षा से जुड़ी क्षमता को मजबूत करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि रूसी हमलों में मिसाइलों और ड्रोन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
जेलेंस्की ने अपने बयान में येवेनी खमारा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खमारा के पास गहरे और दूर तक मार करने वाले अभियानों का व्यापक अनुभव है,जो उन्होंने यूक्रेन की सुरक्षा सेवा में अपने कार्यकाल के दौरान हासिल किया है। जेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि ऐसे अभियानों की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि खमारा इस विषय की व्यक्तिगत रूप से निगरानी जारी रखेंगे। इससे संकेत मिलता है कि यूक्रेन रूस के खिलाफ लंबी दूरी की सैन्य क्षमताओं को भी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इस बीच यूक्रेन में रूसी हमले लगातार जारी हैं। जेलेंस्की ने बुधवार देर रात हुए रूसी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि रूस ने इसकी लंबे समय से तैयारी की थी। उनके मुताबिक रूस ने बैलिस्टिक मिसाइलों,क्रूज मिसाइलों और ड्रोन समेत कई तरह के हथियारों का एक साथ इस्तेमाल किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि हमलों का उद्देश्य नागरिक बुनियादी ढाँचे को अधिक से अधिक नुकसान पहुँचाना था।
रूस के हमलों से राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों के अलावा ओडेसा और चेर्निहीव क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ है। जेलेंस्की ने बताया कि कीव में कई रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुँचा है। इनमें एक ऊँची इमारत भी शामिल है,जिसकी ऊपरी मंजिलें पूरी तरह तबाह हो गईं। हमलों के दौरान एक बच्चों का अस्पताल और एक स्कूल भी क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। नागरिक इलाकों और सार्वजनिक संस्थानों को हुए नुकसान ने यूक्रेन की वायु रक्षा जरूरतों को और गंभीर बना दिया है।
यूक्रेन लंबे समय से अपने पश्चिमी सहयोगियों से आधुनिक वायु रक्षा प्रणालियों और उनसे संबंधित मिसाइलों की माँग करता रहा है। पैट्रियट प्रणाली को यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है,खासकर बैलिस्टिक मिसाइलों से उत्पन्न खतरे को देखते हुए। रूस के पास विभिन्न प्रकार की मिसाइलों और ड्रोन की बड़ी क्षमता है,जिसके कारण यूक्रेन को लगातार अपनी वायु रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पड़ती है।
जेलेंस्की का ताजा बयान ऐसे समय में आया है,जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध में हमलों की तीव्रता लगातार बनी हुई है। रूस की ओर से रात के समय ड्रोन और मिसाइल हमलों का इस्तेमाल किया जाता रहा है,जबकि यूक्रेन भी रूस के सैन्य ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण लक्ष्यों के खिलाफ लंबी दूरी के हमले करता रहा है। ऐसे में दोनों पक्ष अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
यूक्रेन के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक सीमित वायु रक्षा संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करना है। रूस द्वारा एक साथ अलग-अलग प्रकार के हथियारों का इस्तेमाल किए जाने से यूक्रेन को बड़ी संख्या में इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत पड़ती है। जेलेंस्की लगातार अपने साझेदार देशों से इस कमी को पूरा करने का आग्रह कर रहे हैं। अब उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका देश हथियारों की खरीद के लिए भुगतान करने को तैयार है।
जेलेंस्की की इस पेशकश का उद्देश्य अमेरिका और अन्य साझेदार देशों के सामने यूक्रेन की तत्काल जरूरत को स्पष्ट करना है। उनका कहना है कि यूक्रेन को केवल सहायता का इंतजार नहीं करना है,बल्कि वह अपनी रक्षा क्षमता मजबूत करने के लिए आवश्यक हथियार खरीदने को तैयार है। हालाँकि,इसके लिए उपलब्धता,उत्पादन क्षमता और राजनीतिक निर्णय जैसे कई कारक महत्वपूर्ण होंगे।
आने वाली सर्दियों को लेकर भी यूक्रेन की चिंता बढ़ी हुई है। युद्ध के पिछले दौरों में रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया है। सर्दियों के दौरान बिजली और ऊर्जा आपूर्ति पर किसी बड़े हमले का असर नागरिक आबादी पर गंभीर पड़ सकता है। इसी कारण जेलेंस्की वायु रक्षा को सर्दियों से पहले मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कर रहे हैं।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने रक्षा और सुरक्षा संस्थानों को साझेदार देशों के साथ किए गए समझौतों की समीक्षा करने का निर्देश देने की बात कही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि यूक्रेन केवल नई सहायता की मांग ही नहीं कर रहा,बल्कि पहले से किए गए समझौतों के क्रियान्वयन पर भी नजर रख रहा है। कीव चाहता है कि जिन सैन्य संसाधनों का वादा किया गया है, उनकी आपूर्ति समय पर हो और युद्ध की जरूरतों के मुताबिक उनका इस्तेमाल किया जा सके।
रूस के ताजा हमलों में रिहायशी इमारतों,अस्पताल और स्कूल को नुकसान पहुँचने का दावा यूक्रेन के लिए नागरिक सुरक्षा के खतरे को भी रेखांकित करता है। जेलेंस्की लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि मजबूत वायु रक्षा केवल सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए नहीं,बल्कि आम नागरिकों की जान बचाने के लिए भी जरूरी है।
कुल मिलाकर,जेलेंस्की का ताजा बयान यूक्रेन की तत्काल वायु रक्षा जरूरतों और रूस के लगातार मिसाइल एवं ड्रोन हमलों के बीच सामने आया है। यूक्रेन पैट्रियट प्रणाली के लिए मिसाइलें चाहता है और इसके लिए भुगतान करने को तैयार है। जेलेंस्की की नजर अब अमेरिका के फैसले पर है। साथ ही वह आने वाली सर्दियों से पहले वायु रक्षा मजबूत करने,बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ सुरक्षा बढ़ाने और साझेदार देशों के साथ हुए समझौतों को तेजी से लागू कराने पर जोर दे रहे हैं। रूस के हमले जारी रहने के बीच यूक्रेन के लिए आने वाले सप्ताह उसकी हवाई सुरक्षा और नागरिक बुनियादी ढाँचे की रक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
