लॉस एंजिल्स,23 जून (युआईटीवी)- अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य में जंगल की आग का खतरा इस वर्ष पारंपरिक आग के मौसम के चरम पर पहुँचने से पहले ही गंभीर रूप ले चुका है। बढ़ते तापमान,लंबे समय तक बने रहने वाले सूखे और तेजी से सूख रही वनस्पतियों ने पूरे राज्य को ऐसी स्थिति में ला खड़ा किया है,जहाँ जंगल की आग अब केवल एक मौसमी चुनौती नहीं रह गई है। अधिकारियों का मानना है कि बदलती जलवायु परिस्थितियों ने आग लगने के पैटर्न को पूरी तरह बदल दिया है और अब “फायर सीजन” की जगह “फायर ईयर” यानी पूरे साल आग का खतरा बने रहने वाली स्थिति अधिक उपयुक्त शब्द बनता जा रहा है।
राज्य की अग्निशमन एजेंसियों के अनुसार इस वर्ष अब तक 2,580 से अधिक जंगल की आग की घटनाएँ दर्ज की जा चुकी हैं। इन आगों ने लगभग 80 हजार एकड़ भूमि को प्रभावित किया है और दर्जनों इमारतों को नष्ट कर दिया है। हालाँकि,राहत की बात यह है कि अभी तक किसी व्यक्ति की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है,लेकिन अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। मौसम संबंधी पूर्वानुमान संकेत दे रहे हैं कि गर्मी और शुष्कता के बढ़ने के साथ आग की घटनाएँ औसत से कहीं अधिक हो सकती हैं।
सोमवार को भी राज्य के कई हिस्सों में जंगलों में आग जलती रही। रिवरसाइड,केर्न और सैन डिएगो क्षेत्रों में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए दमकलकर्मी लगातार प्रयास कर रहे थे। आग की इन घटनाओं ने अधिकारियों की चिंता इसलिए भी बढ़ा दी है क्योंकि सामान्य तौर पर जंगल की आग का सबसे खतरनाक दौर अभी शुरू भी नहीं हुआ है। ऐसे में शुरुआती महीनों में ही इतनी बड़ी संख्या में आग की घटनाएँ सामने आना आने वाले समय के लिए गंभीर चेतावनी माना जा रहा है।
कैलिफोर्निया वन एवं अग्नि सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि राज्य में जंगल की आग के जोखिम को समझने के लिए अब पुराने मानकों को बदलना होगा। विभाग के बटालियन प्रमुख डेविड एक्यूना ने कहा कि बदलते हालात इस बात को साबित कर रहे हैं कि अब पारंपरिक “फायर सीजन” की अवधारणा पर्याप्त नहीं रह गई है। उनके अनुसार, जंगल की आग का खतरा पूरे वर्ष बना रहता है और इसलिए “पीक फायर ईयर” शब्द वर्तमान परिस्थितियों को बेहतर तरीके से दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण है। पिछले कुछ दशकों में कैलिफोर्निया ने अत्यधिक गर्मी,लंबे सूखे और असामान्य मौसम की घटनाओं का सामना किया है। इन परिस्थितियों ने जंगलों और घास के मैदानों को पहले की तुलना में कहीं अधिक संवेदनशील बना दिया है। एक समय था जब आग का खतरा मुख्य रूप से गर्मियों के अंत और पतझड़ के मौसम तक सीमित माना जाता था,लेकिन अब वर्ष के किसी भी समय आग भड़क सकती है।
कैलिफोर्निया वन एवं अग्नि सुरक्षा विभाग के आँकड़ों के अनुसार इस वर्ष अब तक 79,690 एकड़ से अधिक भूमि जल चुकी है। इसके अलावा 25 इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। हालाँकि,अग्निशमन दलों की त्वरित कार्रवाई और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के कारण बड़े पैमाने पर जनहानि टल गई है,लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि यदि मौसम की स्थिति और अधिक प्रतिकूल हुई,तो भविष्य में स्थिति नियंत्रण से बाहर जा सकती है।
आग के बढ़ते खतरे के पीछे एक और महत्वपूर्ण कारण पिछले वर्षों में हुई अच्छी बारिश को भी माना जा रहा है। सामान्य तौर पर अच्छी वर्षा को सकारात्मक माना जाता है,लेकिन जंगल की आग के संदर्भ में इसका दूसरा पहलू भी सामने आता है। भारी वर्षा के कारण जंगलों और खुले क्षेत्रों में घास,झाड़ियाँ और अन्य वनस्पतियाँ तेजी से बढ़ती हैं। जब बाद में गर्म और सूखा मौसम आता है तो यही वनस्पति सूखकर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील ईंधन में बदल जाती है। परिणामस्वरूप छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है।
अग्निशमन विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ब्रेंट पास्कुआ ने कहा कि विभाग विभिन्न पूर्वानुमान मॉडल का अध्ययन कर रहा है और लगभग सभी संकेत इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस वर्ष आग का चरम दौर सामान्य वर्षों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आँकड़े और मौसम संबंधी मॉडल लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि राज्य को औसत से अधिक सक्रिय आग के मौसम का सामना करना पड़ सकता है।
वैज्ञानिक शोध भी इस चिंता की पुष्टि करते हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय,लॉस एंजिल्स के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि मानव गतिविधियों के कारण होने वाले जलवायु परिवर्तन ने राज्य में जंगल की आग के मौसम की शुरुआत को काफी पहले खिसका दिया है। अध्ययन के अनुसार 1992 से 2020 के बीच आग का मौसम छह से 46 दिन पहले शुरू होने लगा। यह बदलाव केवल तापमान में वृद्धि का परिणाम नहीं है,बल्कि वनस्पतियों की नमी में कमी और प्राकृतिक ईंधन के तेजी से सूखने से भी जुड़ा हुआ है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि जंगल की आग के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारकों में से एक है ईंधन की नमी। जब घास,झाड़ियाँ और पेड़-पौधे सूख जाते हैं,तो उनमें आग पकड़ने की क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। बढ़ते तापमान और कम होती नमी के कारण अब यह प्रक्रिया पहले की तुलना में बहुत तेजी से हो रही है। यही कारण है कि आग का मौसम लंबा होता जा रहा है और आग की घटनाएँ अधिक तीव्र होती जा रही हैं।
कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम ने भी हाल ही में राज्य के लोगों को आग के बढ़ते खतरे को लेकर आगाह किया। वाइल्डफायर प्रिपेयर्डनेस वीक के अवसर पर जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन मौसम को अधिक चरम और खतरनाक बना रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियाँ बन रही हैं,जिनमें एक छोटी सी चिंगारी भी व्यापक तबाही का कारण बन सकती है। गवर्नर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब जंगल की आग का कोई ऑफ-सीजन नहीं रह गया है।
न्यूसम प्रशासन का कहना है कि राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जंगल की आग से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। वर्ष 2019 के बाद से कैलिफोर्निया वन एवं अग्नि सुरक्षा विभाग का बजट लगभग दोगुना कर दिया गया है। इसके साथ ही हजारों अतिरिक्त अग्निशमन कर्मियों की नियुक्ति की गई है और आधुनिक तकनीक से लैस हवाई अग्निशमन बेड़े का विस्तार किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि उसके पास दुनिया का सबसे बड़ा एरियल फायरफाइटिंग फ्लीट मौजूद है, जो कठिन इलाकों में भी तेजी से आग बुझाने में सक्षम है।
इसके बावजूद अधिकारी मानते हैं कि केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। जंगल की आग से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए स्थानीय समुदायों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। इसी कारण अधिकारियों ने लोगों से अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की है। उनका कहना है कि घरों और इमारतों के आसपास ऐसी जगह बनाई जानी चाहिए जहाँ सूखी घास या ज्वलनशील सामग्री जमा न हो। इससे आग के फैलने की गति को कम किया जा सकता है।
विशेषज्ञ यह भी सलाह दे रहे हैं कि भवन निर्माण में आग प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग किया जाए और परिवारों को आपातकालीन निकासी की योजना पहले से तैयार रखनी चाहिए। इसके अलावा आवश्यक दवाइयों,दस्तावेजों,भोजन और पानी सहित एक आपातकालीन किट तैयार रखने की सलाह दी गई है। स्थानीय आपदा चेतावनी प्रणालियों से जुड़ना भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है,ताकि खतरे की स्थिति में समय पर सूचना प्राप्त हो सके।
कैलिफोर्निया वन एवं अग्नि सुरक्षा विभाग के निदेशक जो टायलर ने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक शुष्क परिस्थितियाँ बनी हुई हैं। इसका अर्थ है कि आग फैलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि विभाग और उसके सभी साझेदार संगठन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं,लेकिन अब नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि कैलिफोर्निया आज उस नई वास्तविकता का सामना कर रहा है,जिसमें जंगल की आग एक मौसमी आपदा नहीं बल्कि स्थायी चुनौती बनती जा रही है। जलवायु परिवर्तन,बढ़ते तापमान,अनियमित वर्षा और सूखती वनस्पतियों ने मिलकर ऐसी परिस्थितियाँ पैदा कर दी हैं,जिनसे आग का जोखिम पूरे वर्ष बना रहता है। यही कारण है कि अब तैयारी का काम केवल आग के चरम मौसम से कुछ सप्ताह पहले नहीं,बल्कि साल भर लगातार करना आवश्यक हो गया है।
जैसे-जैसे दमकलकर्मी राज्य भर में लगी आग पर नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि भविष्य में जंगल की आग से मुकाबला केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगा। इसके लिए दीर्घकालिक रणनीति,जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने के प्रयास और समुदाय स्तर पर व्यापक तैयारी की जरूरत होगी। कैलिफोर्निया के सामने खड़ी यह चुनौती केवल एक राज्य की समस्या नहीं है,बल्कि यह उस वैश्विक संकट की भी झलक है,जिसमें बदलती जलवायु प्राकृतिक आपदाओं को अधिक बार और अधिक विनाशकारी बना रही है। ऐसे में आने वाले वर्षों में जंगल की आग से निपटने की रणनीतियाँ दुनिया भर के नीति निर्माताओं और वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बनी रहेंगी।
