नई दिल्ली,8 जुलाई (युआईटीवी)- लंदन के प्रतिष्ठित विंबलडन चैंपियनशिप में टेनिस के महान खिलाड़ी नोवाक जोकोविच ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, मानसिक मजबूती और जुझारूपन किसी भी कठिन चुनौती को पार करने की सबसे बड़ी ताकत होती है। पाँच घंटे 15 मिनट तक चले बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले में उन्होंने कनाडा के फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे को 7-6 (10), 3-6, 6-3, 6-7 (4), 7-6 (10-4) से हराकर विंबलडन के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। इस जीत के साथ जोकोविच ने अपने शानदार करियर में कई नए रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए और यह साबित कर दिया कि 39 वर्ष की उम्र में भी वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।
यह मुकाबला शुरुआत से लेकर अंत तक बेहद रोमांचक रहा। दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी और दर्शकों को उच्च स्तर का टेनिस देखने का अवसर मिला। पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। कोई भी खिलाड़ी बढ़त बनाने में सफल नहीं हो सका और आखिरकार फैसला टाईब्रेकर में हुआ। लंबे टाईब्रेकर में जोकोविच ने अपने अनुभव का पूरा फायदा उठाते हुए पहला सेट अपने नाम किया। हालाँकि,दूसरे सेट में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे ने शानदार वापसी करते हुए आक्रामक खेल दिखाया और जोकोविच की सर्विस तोड़ते हुए सेट जीतकर मुकाबले को बराबरी पर ला दिया।
तीसरे सेट में जोकोविच ने फिर से लय हासिल की। उन्होंने अपनी सर्विस के साथ-साथ रिटर्न गेम में भी शानदार प्रदर्शन किया और विरोधी खिलाड़ी पर लगातार दबाव बनाए रखा। इसी का परिणाम रहा कि उन्होंने तीसरा सेट जीतकर मुकाबले में बढ़त बना ली,लेकिन चौथे सेट में फेलिक्स ऑगर-अलियासिमे ने हार नहीं मानी। उन्होंने शानदार धैर्य का परिचय दिया और एक बार फिर मुकाबले को टाईब्रेकर तक पहुँचाया। इस बार कनाडाई खिलाड़ी ने बेहतर खेल दिखाते हुए चौथा सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पाँचवें सेट तक खींच दिया।
निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच हर अंक के लिए जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। मुकाबले के दौरान जोकोविच को पिंडली में चोट भी लगी,जिसके कारण उन्हें मेडिकल टाइमआउट लेना पड़ा। इस दौरान ऐसा लग रहा था कि चोट उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है,लेकिन उन्होंने अपनी मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए मुकाबले में शानदार वापसी की। आखिरी सेट का फैसला भी टाईब्रेकर में हुआ,जहाँ जोकोविच ने अपना पूरा अनुभव झोंक दिया और 10-4 से जीत दर्ज करते हुए सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
इस जीत के साथ नोवाक जोकोविच ने अपने करियर में 55वीं बार किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई। यह उपलब्धि उनके लंबे और सफल करियर की निरंतरता को दर्शाती है। इसके अलावा वह विंबलडन के इतिहास में रिकॉर्ड 15वीं बार सेमीफाइनल में पहुँचे हैं। यह उपलब्धि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में उनकी लगातार सफलता और घास के कोर्ट पर उनकी असाधारण क्षमता का प्रमाण है।
इस बार का सेमीफाइनल उनके लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि उन्होंने अपने पहले विंबलडन सेमीफाइनल में पहुँचने के ठीक 19 साल बाद फिर अंतिम चार में जगह बनाई है। इतने लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बने रहना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता,लेकिन जोकोविच ने अपनी फिटनेस,अनुशासन और निरंतर प्रदर्शन के दम पर यह कर दिखाया है। उनकी यह उपलब्धि आधुनिक टेनिस इतिहास की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में शामिल हो चुकी है।
39 साल और 51 दिन की उम्र में जोकोविच ओपन एरा में विंबलडन के सेमीफाइनल में पहुँचने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। इस सूची में उनसे आगे केवल ऑस्ट्रेलिया के महान खिलाड़ी केन रोजवेल हैं,जिन्होंने वर्ष 1974 में 39 वर्ष और 246 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी। इस रिकॉर्ड के करीब पहुँचना ही इस बात का प्रमाण है कि जोकोविच आज भी विश्व टेनिस में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं और युवा खिलाड़ियों के बीच भी बराबरी की टक्कर दे रहे हैं।
24 ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके जोकोविच के लिए यह जीत मानसिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में उन्हें विंबलडन में शीर्ष-10 खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2023 और 2024 के फाइनल में उन्हें स्पेन के कार्लोस अल्काराज ने हराया था,जबकि पिछले वर्ष के सेमीफाइनल में इटली के यानिक सिनर ने उन्हें मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था। ऐसे में इस बार शीर्ष-10 खिलाड़ी के खिलाफ मिली जीत ने न केवल उनका आत्मविश्वास बढ़ाया है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि वह एक बार फिर खिताब जीतने की दौड़ में मजबूती से शामिल हैं।
अब सेमीफाइनल में नोवाक जोकोविच का सामना विश्व के शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल इटली के यानिक सिनर से होगा। यह मुकाबला टूर्नामेंट का सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित मैच माना जा रहा है। पिछले साल सिनर ने विंबलडन के सेमीफाइनल में जोकोविच को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। ऐसे में इस बार जोकोविच के पास उस हार का हिसाब चुकता करने का शानदार अवसर होगा। दूसरी ओर सिनर भी अपने शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुँचने की कोशिश करेंगे। दोनों खिलाड़ियों के बीच होने वाला यह मुकाबला अनुभव और युवा ऊर्जा का बेहतरीन संगम साबित हो सकता है।
नोवाक जोकोविच की यह जीत केवल एक मैच की सफलता नहीं है,बल्कि यह उनके संघर्ष,धैर्य और अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक भी है। चोट से जूझने के बावजूद पाँच घंटे से अधिक समय तक कोर्ट पर टिके रहना और निर्णायक क्षणों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना किसी महान खिलाड़ी की पहचान होती है। यही कारण है कि टेनिस जगत उन्हें आधुनिक दौर के सबसे सफल और प्रेरणादायक खिलाड़ियों में गिनता है। अब सभी की निगाहें सेमीफाइनल पर टिकी हैं,जहाँ जोकोविच एक और ऐतिहासिक जीत दर्ज कर अपने 25वें ग्रैंड स्लैम खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
