प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर (तस्वीर क्रेडिट@newsindia24x7_)

भारत-बेल्जियम संबंधों को नई मजबूती,पीएम मोदी ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का किया गर्मजोशी से स्वागत

नई दिल्ली,3 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का गर्मजोशी से स्वागत किया। बेल्जियम के प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच भारत और बेल्जियम के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने तथा सहयोग के नए क्षेत्रों को आगे बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक, व्यापार, उद्योग और रणनीतिक सहयोग को नई गति देने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी और बार्ट डी वेवर की मुलाकात की जानकारी साझा की। मंत्रालय ने दोनों नेताओं की तस्वीरें पोस्ट करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेल्जियम के अपने समकक्ष का हैदराबाद हाउस में गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्रालय के मुताबिक, दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच भारत-बेल्जियम साझेदारी को और सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण वार्ता आयोजित की गई।

बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा ऐसे समय में हो रही है,जब भारत और यूरोप के बीच रणनीतिक तथा आर्थिक संबंधों को व्यापक स्तर पर मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। बेल्जियम यूरोपीय संघ का एक महत्वपूर्ण सदस्य होने के साथ-साथ यूरोप की राजनीतिक, आर्थिक और रक्षा व्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा को दोनों देशों के साथ-साथ भारत और यूरोपीय संघ के व्यापक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बार्ट डी वेवर के साथ बेल्जियम का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। प्रतिनिधिमंडल में रक्षा और विदेश व्यापार से जुड़े अधिकारी तथा कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हैं। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण समझौते होने की संभावना है। खास तौर पर दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच करीब 10 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की तैयारी है।

इन समझौतों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारत में बेल्जियम की रक्षा तकनीक का उत्पादन और असेंबली करना होगा। इसके तहत दोनों देशों की कंपनियाँ विभिन्न आधुनिक रक्षा उपकरणों और प्रणालियों के निर्माण में सहयोग करेंगी। प्रस्तावित सहयोग के दायरे में 70 मिलीमीटर रॉकेट, गोला-बारूद, ड्रोन, रडार, सेंसर, विभिन्न हथियार प्रणालियाँ और समुद्री सुरक्षा से जुड़ी तकनीक शामिल हैं। इससे भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ देश में उन्नत तकनीक के विकास और स्थानीय उत्पादन की संभावनाएँ भी मजबूत हो सकती हैं।

भारत की एलएंडटी और बेल्जियम की एक्सेल के बीच भी महत्वपूर्ण सहयोग प्रस्तावित है। दोनों कंपनियाँ माइन काउंटरमेजर वेसल के लिए स्वायत्त प्रणालियों के क्षेत्र में साथ काम करेंगी। समुद्री सुरक्षा के लिहाज से यह सहयोग महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आधुनिक युद्ध और समुद्री अभियानों में मानवरहित तथा स्वायत्त प्रणालियों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस तरह की तकनीक पर संयुक्त रूप से काम करना भारत की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने में मदद कर सकता है।

इसके अलावा भारत और बेल्जियम के रक्षा उद्योग संगठनों के बीच भी समझौता होने वाला है। भारत के रक्षा उद्योग संगठन और बेल्जियम के संबंधित रक्षा औद्योगिक संगठन के बीच होने वाले समझौते का उद्देश्य ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त रक्षा उत्पादन और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। इससे दोनों देशों की रक्षा कंपनियों के बीच साझेदारी के नए अवसर पैदा हो सकते हैं और तकनीक के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सकता है।

बेल्जियम के रक्षा मंत्री और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रांकेन भारत यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को लेकर पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर चुके हैं। उनका कहना है कि यूरोप और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा अब एक-दूसरे से अलग नहीं है। दुनिया में बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच दोनों क्षेत्रों के बीच रणनीतिक संबंध तेजी से महत्वपूर्ण हो रहे हैं। ऐसे में भारत और बेल्जियम के बीच सैन्य,तकनीकी और औद्योगिक सहयोग दोनों देशों की सुरक्षा तथा आर्थिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है।

रक्षा क्षेत्र के अलावा प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा में व्यापार और आर्थिक संबंध भी प्रमुख मुद्दा हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है। इस संदर्भ में बेल्जियम के प्रधानमंत्री गुरुवार को भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण कारोबारी कार्यक्रम में मुख्य भाषण देंगे। यह कार्यक्रम भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बेल्जियम जैसे यूरोपीय संघ के प्रमुख देशों का इसमें महत्वपूर्ण हित है। व्यापार बाधाओं को कम करने,निवेश बढ़ाने और भारतीय तथा यूरोपीय कंपनियों के लिए बाजार के अवसर बढ़ाने से दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल सकता है।

बार्ट डी वेवर की भारत यात्रा ऐसे समय में भी महत्वपूर्ण है,जब भारत अपनी रक्षा जरूरतों को घरेलू उत्पादन से पूरा करने और विदेशी तकनीक के साथ संयुक्त विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। बेल्जियम के साथ प्रस्तावित समझौते इस नीति को आगे बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। इससे केवल रक्षा उपकरणों की खरीद तक सीमित रहने के बजाय संयुक्त उत्पादन,तकनीकी हस्तांतरण और औद्योगिक साझेदारी को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कुल मिलाकर बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को रणनीतिक और आर्थिक रूप से नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बार्ट डी वेवर की बातचीत में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग के साथ व्यापार, निवेश, तकनीक और भारत-यूरोपीय संघ संबंधों पर चर्चा का महत्व बढ़ गया है। रक्षा क्षेत्र में प्रस्तावित समझौते और भारत में बेल्जियम की तकनीक के उत्पादन की योजना यह संकेत देती है कि दोनों देश अपने संबंधों को पारंपरिक व्यापारिक साझेदारी से आगे ले जाकर व्यापक रणनीतिक और औद्योगिक सहयोग में बदलना चाहते हैं।