भूस्खलन

केरल के वायनाड में भीषण भूस्खलन से 44 की मौत,100 से अधिक घायल,बचाव अभियान जारी

वायनाड,30 जुलाई (युआईटीवी)- केरल के वायनाड जिले में भीषण भूस्खलन के हादसे में 44 लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है,जबकि कई अन्य लोगों के अभी भी मलबे में फँसे होने की आशंका है। वायनाड जिले में अभी भी भारी बारिश जारी है।

मंगलवार तड़के केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में कई भीषण भूस्खलन हुए। राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने हादसे से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनाएँ जाहिर की हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए पोस्ट में लिखा कि,केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में लोगों की मौत से दुःखी हूँ । शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ।

तीन गाँवों में भूस्खलन ने तबाही मचा दी,जिसमें कई घर नष्ट हो गए हैं और कई पेड़ उखड़ गए। जलस्रोत उफान पर हैं। मौके पर एनडीआरएफ और केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीम राहत और बचाव कार्य के लिए पहुँच गई है। 23 शवों के बरामद किए जाने की पुष्टि स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने की हैं। विभिन्न अस्पतालों के मॉर्चरी में उन शवों को रखा गया है। तीन बच्चे भी उन मृतकों में शामिल हैं।

राहत और बचाव अभियान जोरों पर जारी है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस हादसे पर सेना प्रमुख से बात की। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भूस्खलन प्रभावित केरल के वायनाड में सेना प्रमुख से सहायता और बचाव के लिए सेना की तैनाती करने के लिए कहा। वैसे मौके पर सेना की टीमें पहुँच गई हैं।

जिला अधिकारियों के मुताबिक,मुंडक्कई,चूरलमाला,अट्टामाला और नूलपुझा गाँव भूस्खलन से प्रभावित हुए हैं। भूस्खलन के कारण ये क्षेत्र अलग-थलग हैं। राहत-बचाव प्रयासों को बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री ने दो वायु सेना के हेलीकॉप्टर को सुलूर से वायनाड भेजने के लिए कहा है।

मुंडकाई कस्बे में आज तड़के भूस्खलन हुआ। उसके बाद कलपट्टा में सुबह करीब 4:10 बजे भूस्खलन हुआ। बताया जा रहा है कि इस हादसे में कई परिवार इसमें दब गए। वैथिरी तालुक,वेल्लरीमाला गांव,मेप्पाडी पंचायत भूस्खलन से प्रभावित हैं। चूरलमाला से मुंडकाई तक की सड़क इस हादसे में बह गई।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक,चूरलमाला कस्बे में भी भूस्खलन से भारी नुकसान पहुँचा है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने बताया कि अग्निशमन और एनडीआरएफ की कई टीम को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। साथ ही वायनाड के लिए एनडीआरएफ की एक अतिरिक्त टीम को रवाना किया गया है।

एनडीआरएफ,अग्निशमन,पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँचकर लगभग 101 लोगों को बचाया। कलपेट्टा के बाथरी सेंट मैरी एसकेएमजे स्कूल में विस्थापित लोगों के लिए आश्रय शिविर बनाया गया है। भोजन और कपड़ों का इंतजाम किया गया है तथा कई मेडिकल टीम और एंबुलेंस भी मौजूद हैं।

विनाशकारी भूस्खलन के बाद सीएम पिनाराई विजयन ने वायनाड में बचाव कार्यों को तेज समन्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रयासों में पूरे सरकारी तंत्र के सक्रिय रूप से शामिल होने की घोषणा की। केरल सीएमओ कार्यालय के मुताबिक,वायनाड चूरलमाला में अग्निशमन एवं बचाव,एनडीआरएफ,नागरिक सुरक्षा और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया दल के 250 सदस्य बचाव अभियान में शामिल हैं।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा,स्वास्थ्य विभाग ने वायनाड भूस्खलन के मद्देनजर जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष खोला और दो हेल्पलाइन नंबर 8086010833 और 9656938689 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जारी किए हैं।

कलपट्टा, वैथिरी, मनंतवडी,मेप्पाडी इत्यादि सभी अस्पताल तैयार हैं। सभी स्वास्थ्यकर्मी रात में ही सेवा के लिए पहुँच गए थे। स्वास्थ्यकर्मियों की और टीमें वायनाड में तैनात की जाएँगी।

यूडीएफ विधायक टी सिद्दीकी ने बताया कि लोगों को मुंडक्कई क्षेत्र से हवाई मार्ग से निकालने की योजना चल रही है,जहाँ अभी भी पहुँच पाना गंभीर रूप से प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि लगातार जारी बारिश के वजह से अभी भी हताहतों और लापता लोगों की पूरी संख्या का पता नहीं चल पाया है,जिससे बचाव अभियान जटिल हो रहा है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि,भीषण भूस्खलन में लोगों की मौत से दुखी हूँ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। घायलों के जल्द स्वस्थ होने तथा बचाव कार्यों की सफलता के लिए मैं प्रार्थना करती हूँ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वायनाड के कुछ हिस्सों में भूस्खलन में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50,000 रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

वायनाड में मेप्पाडी के पास हुए बड़े पैमाने पर भूस्खलन पर लोकसभा में विपक्ष के नेता और वायनाड से पूर्व सांसद राहुल गांधी ने दुःख व्यक्त करते हुए ट्वीट किया। उन्होंने कहा कि केरल के मुख्यमंत्री और वायनाड जिला कलेक्टर से मैंने इस हादसे के बारे में बात की। उन्होंने मुझे बचाव अभियान के जारी होने का आश्वासन दिया है। मैंने उनसे अनुरोध किया है कि सभी एजेंसियों के साथ समन्वय सुनिश्चित करें,हमें राहत प्रयासों के लिए आवश्यक किसी भी सहायता के बारे में सूचना देते रहे और हादसे वाले स्थान पर एक नियंत्रण कक्ष स्थापित करे। केंद्रीय मंत्रियों से भी मैं इस बारे में बात करुँगा तथा अनुरोध करूँगा कि वायनाड को हर संभव सहायता प्रदान किया जाए।

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