खान सर उर्फ फैसल खान (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

खान ग्लोबल स्टडीज फायरिंग मामले में खान सर को राहत,गिरफ्तारी पर रोक बरकरार, 25 जून को होगी अगली सुनवाई

पटना,20 जून (युआईटीवी)- पटना के चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज कोचिंग संस्थान के बाहर हुई फायरिंग और हिंसा की घटना से जुड़े मामले में खान सर उर्फ फैसल खान को फिलहाल बड़ी कानूनी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को बरकरार रखते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित की है। इस फैसले के बाद फिलहाल फैसल खान की गिरफ्तारी की संभावना टल गई है,हालाँकि,उन्हें जाँच में सहयोग करने और पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है।

यह मामला पिछले कुछ सप्ताह से बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। पटना के मुसल्लहपुर हाट क्षेत्र में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। घटना के दौरान मारपीट,पत्थरबाजी और फायरिंग के आरोप लगे थे,जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू की थी। इस प्रकरण में कई लोगों को आरोपी बनाया गया और कुछ गिरफ्तारियाँ भी हुईं।

शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से मामले से संबंधित केस डायरी अदालत में प्रस्तुत की गई। अदालत ने दस्तावेजों का संज्ञान लेने के बाद फैसल खान को मिली अंतरिम राहत को जारी रखने का फैसला सुनाया। साथ ही पुलिस को निर्देश दिया गया कि वह अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ किसी प्रकार की गिरफ्तारी या अन्य कठोर कार्रवाई न करे।

इससे पहले नौ जून को हुई सुनवाई में भी अदालत ने फैसल खान की गिरफ्तारी पर अस्थायी रोक लगाई थी। उस समय अदालत ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस को तत्काल कार्रवाई से रोका था। अब नवीनतम सुनवाई में भी अदालत ने वही रुख अपनाते हुए राहत को आगे बढ़ा दिया है।

सुनवाई के बाद फैसल खान के अधिवक्ता अरविंद कुमार मउवार ने अदालत के आदेश की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत कर दी है और उसे लोक अभियोजक को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि केस डायरी का अध्ययन करने के बाद इसे अदालत के समक्ष जमा किया जाएगा,जिसके बाद 25 जून को मामले की अंतिम सुनवाई होगी। उन्होंने यह भी बताया कि अदालत ने फैसल खान के अलावा उनके तीन अन्य कर्मचारियों को भी राहत प्रदान की है और उनके खिलाफ फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और यदि पुलिस जांच एजेंसी पूछताछ के लिए बुलाती है तो फैसल खान तथा अन्य संबंधित लोग जाँच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल कानून का सम्मान करते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं।

दूसरी ओर,मामले के शिकायतकर्ता पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है। ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद की ओर से दावा किया गया है कि घटना के दौरान खान सर के निर्देश पर उनके सुरक्षा कर्मियों ने फायरिंग की थी। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि वास्तविक दोषियों के बजाय उनके मुवक्किल को आरोपी बनाया गया और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। इस आरोप को लेकर दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई जारी है।

घटना की शुरुआत दो जून 2026 की रात हुई थी। उस रात मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित खान ग्लोबल स्टडीज के बाहर दोनों कोचिंग संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। शुरुआती बहस धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई और बाद में स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के लोगों के बीच पत्थरबाजी हुई और इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

विवाद बढ़ने के साथ ही फायरिंग के आरोप भी सामने आए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गोली चलाने के आरोप लगाए। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद कई लोगों से पूछताछ की गई और मामले में विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

जाँच के दौरान पुलिस ने ज्ञान बिंदु जीएस अकादमी के संचालक रोशन आनंद को गिरफ्तार किया था। वहीं खान ग्लोबल स्टडीज से जुड़े दो सुरक्षा गार्डों को भी हिरासत में लिया गया। दोनों सुरक्षा कर्मियों को बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल वे न्यायिक अभिरक्षा में हैं और उनके मामले की सुनवाई भी अदालत में चल रही है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस लगातार जाँच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जाँच एजेंसियाँ घटनास्थल से प्राप्त वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी परीक्षण कर रही हैं।

इस बीच,फैसल खान को मिली राहत को उनके समर्थक बड़ी कानूनी सफलता के रूप में देख रहे हैं। खान सर बिहार ही नहीं,बल्कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले लोकप्रिय शिक्षकों में गिने जाते हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल शिक्षा मंचों पर उनकी बड़ी पहचान है। ऐसे में यह मामला सामने आने के बाद उनके छात्रों और समर्थकों की नजर भी न्यायिक प्रक्रिया पर बनी हुई है।

हालाँकि,अदालत की ओर से दी गई राहत को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई में अदालत केस डायरी,पुलिस जाँच और दोनों पक्षों की दलीलों पर विस्तार से विचार करेगी। इसके बाद आगे की कानूनी दिशा तय होगी। फिलहाल अदालत के आदेश के अनुसार फैसल खान की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी, जबकि जाँच प्रक्रिया पहले की तरह चलती रहेगी।

इस मामले ने पटना के कोचिंग संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा,सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी निगाहें 25 जून की सुनवाई पर टिकी हैं,जहाँ इस बहुचर्चित मामले में अदालत का अगला रुख सामने आएगा। तब तक फैसल खान को मिली अंतरिम राहत बरकरार रहेगी और पुलिस को अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।