नई दिल्ली,26 जून (युआईटीवी)- भारत में डिजिटल अर्थव्यवस्था, ई-कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच अमेजन ने देश के लिए एक बड़ी निवेश योजना का ऐलान किया है। अमेजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंडी जेसी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत में कंपनी के भविष्य के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने अगले पाँच वर्षों में भारत में कुल 48 अरब डॉलर निवेश करने की योजना की जानकारी दी। इस निवेश का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर केंद्रित होगा। कंपनी का मानना है कि यह निवेश भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा,रोजगार के अवसर बढ़ाएगा और छोटे व्यवसायों के डिजिटलीकरण को मजबूत करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद एंडी जेसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस बैठक को लेकर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ मुलाकात की तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में अमेजन के भविष्य को लेकर हुई चर्चा बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि अमेजन पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत में ग्राहकों, विक्रेताओं, डेवलपर्स, स्टार्टअप्स और विभिन्न उद्योगों के साथ काम कर रहा है और कंपनी का मानना है कि भारत में उसकी विकास यात्रा अभी शुरुआती चरण में है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत अमेजन के वैश्विक कारोबार का और भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
एंडी जेसी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में उन्होंने कंपनी की दीर्घकालिक निवेश रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि अमेजन अगले पांच वर्षों में भारत में 48 अरब डॉलर का निवेश करेगा। इसमें से 21 अरब डॉलर से अधिक राशि विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार पर खर्च की जाएगी। कंपनी के अनुसार यह निवेश वर्ष 2030 तक भारत में डिजिटल तकनीक और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में किए जाने वाले सबसे बड़े वैश्विक निवेशों में से एक होगा।
अमेजन ने अपनी आधिकारिक जानकारी में बताया कि वर्ष 2026 से 2030 के बीच होने वाला यह अतिरिक्त निवेश भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सेवाओं और क्लाउड तकनीक को व्यापक स्तर पर मजबूत करेगा। कंपनी का उद्देश्य देशभर में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देना और स्टार्टअप्स, बड़े उद्योगों, सरकारी संस्थानों तथा डेवलपर्स को अत्याधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना है। इसके लिए अमेजन वेब सर्विसेज के डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि मुंबई और हैदराबाद स्थित उसके डेटा सेंटरों का विस्तार किया जाएगा। इस विस्तार के बाद भारतीय कंपनियों,सरकारी संस्थानों और स्टार्टअप्स को अत्याधुनिक एआई चिप्स,प्रबंधित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेवाओं,सुरक्षित क्लाउड प्लेटफॉर्म और आधुनिक डेवलपर टूल्स तक पहले से बेहतर पहुँच मिलेगी। इससे देश में नई तकनीकों के विकास,डिजिटल नवाचार और डेटा आधारित सेवाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
एंडी जेसी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में शामिल है और यहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा क्लाउड सेवाओं की माँग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कंपनी का यह निवेश केवल कारोबारी विस्तार नहीं,बल्कि भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में दीर्घकालिक भागीदारी का संकेत है। उन्होंने कहा कि अमेजन भारत सरकार के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के साथ मिलकर काम करना चाहता है।
उन्होंने बताया कि कंपनी का लक्ष्य केवल तकनीकी ढाँचा तैयार करना नहीं है,बल्कि उसके माध्यम से रोजगार सृजन,निर्यात बढ़ाने और छोटे कारोबारों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने में भी योगदान देना है। अमेजन के अनुसार वर्ष 2030 तक कंपनी भारत में लगभग 38 लाख रोजगार के अवसरों का समर्थन करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके साथ ही कंपनी 80 अरब डॉलर के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाने की दिशा में भी काम करेगी।
अमेजन ने यह भी बताया कि आने वाले वर्षों में देश के डेढ़ करोड़ छोटे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा कंपनी का लक्ष्य लगभग 40 लाख सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी शिक्षा और तकनीकी अवसरों को पहुँचाना भी है। कंपनी का मानना है कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में डिजिटल कौशल सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे और छात्रों को शुरुआती स्तर पर नई तकनीकों से जोड़ना आवश्यक है।
अमेजन के अनुसार वर्ष 2010 से लेकर 2030 तक भारत में कंपनी का कुल निवेश 88 अरब डॉलर से अधिक हो जाएगा। यह आँकड़ा भारत के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि वह केवल क्लाउड और एआई तक सीमित नहीं रहेगी,बल्कि अपने ई-कॉमर्स नेटवर्क और क्विक कॉमर्स सेवाओं को भी लगातार मजबूत करेगी।
इसी दिशा में अमेजन ने इस वर्ष देशभर में 20 से अधिक नए फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही 100 से अधिक नए लास्ट-माइल डिलीवरी स्टेशन भी शुरू किए जाएँगे। कंपनी का कहना है कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से विशेष रूप से टियर-3 और टियर-4 शहरों के ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सेवाएँ मिल सकेंगी। इससे छोटे शहरों में ऑनलाइन व्यापार को भी नई गति मिलने की संभावना है।
डिलीवरी नेटवर्क के विस्तार के साथ-साथ कंपनी अपने कर्मचारियों और डिलीवरी साझेदारों के कल्याण पर भी ध्यान देने की बात कर रही है। अमेजन ने ‘सम्मान’ नामक एक विशेष कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य डिलीवरी कर्मचारियों के कार्य वातावरण को बेहतर बनाना,उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखना तथा उन्हें आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। कंपनी का मानना है कि मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के पीछे काम करने वाले कर्मचारियों का कल्याण भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना तकनीकी निवेश।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए एंडी जेसी ने कहा कि भारत में अमेजन का कारोबार लगातार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से ई-कॉमर्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में हो रही प्रगति का उल्लेख किया। उनके अनुसार कंपनी की प्राथमिकताएँ भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, छोटे कारोबारों को डिजिटल बनाने,रोजगार के अवसर बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप हैं।
अमेजन ने भारत में अपनी अब तक की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। कंपनी के अनुसार उसने अब तक देशभर में लगभग 1.2 करोड़ छोटे व्यवसायों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने में सहयोग दिया है। इसके अलावा 20 अरब डॉलर से अधिक के ई-कॉमर्स निर्यात को सक्षम बनाया गया है और लगभग 28 लाख रोजगारों का समर्थन किया गया है। कंपनी ने यह भी बताया कि उसने एक करोड़ से अधिक भारतीयों को क्लाउड तकनीक से संबंधित कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया है,जिससे डिजिटल क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ी हैं।
एंडी जेसी ने कहा कि भारत में कंपनी की संभावनाएँ बेहद व्यापक हैं और अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में अमेजन अपने निवेश, तकनीकी नवाचार और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने कहा कि कंपनी दीर्घकालिक साझेदार के रूप में भारत के साथ मिलकर काम करना चाहती है और विकसित तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेजन का यह निवेश भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग,डिजिटल व्यापार और ई-कॉमर्स क्षेत्र को नई गति दे सकता है। इससे न केवल तकनीकी ढाँचे का विस्तार होगा,बल्कि रोजगार,नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी भारत की स्थिति और मजबूत होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एंडी जेसी के बीच हुई यह बैठक इसी व्यापक डिजिटल सहयोग और दीर्घकालिक निवेश रणनीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
