काराकास,26 जून (युआईटीवी)- दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में आए दो भीषण भूकंपों ने व्यापक तबाही मचाई है। बुधवार शाम आए इन शक्तिशाली भूकंपों के बाद अब तक 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है,जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और सैकड़ों लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आँकड़ों के अनुसार मृतकों की संख्या पहले बताए गए 32 से बढ़कर 235 हो गई है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन क्षतिग्रस्त इमारतों, लगातार आ रहे झटकों और भारी मलबे के कारण राहत कार्यों में कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं।
सरकार के अनुसार यह हाल के कई दशकों में वेनेजुएला में आया सबसे विनाशकारी भूकंप माना जा रहा है। सबसे अधिक तबाही देश के उत्तर-मध्य हिस्से में स्थित ला गुएरा राज्य और राजधानी काराकस के महानगरीय क्षेत्र में देखने को मिली है। कई बहुमंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, सड़कें टूट गईं और अनेक सार्वजनिक भवनों को भी गंभीर नुकसान पहुँचा है। प्रभावित इलाकों में बिजली और संचार सेवाएँ भी कई स्थानों पर बाधित हो गई हैं, जिससे राहत और बचाव अभियान और अधिक कठिन हो गया है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने आपदा के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसलों की घोषणा की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा समय में सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना,घायलों का उपचार सुनिश्चित करना और प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुँचाना है।
नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने जानकारी दी कि कार्यवाहक राष्ट्रपति ने निजी कंपनियों को भी राहत अभियान में शामिल करने का निर्देश दिया है। इसके तहत भारी मशीनें, क्रेन और मलबा हटाने वाले अन्य उपकरण तुरंत उपलब्ध कराने को कहा गया है, ताकि ढही हुई इमारतों के नीचे फंसे लोगों तक जल्द-से-जल्द पहुँचा जा सके। सरकार का मानना है कि शुरुआती कुछ घंटे और दिन सबसे महत्वपूर्ण होते हैं,इसलिए सभी उपलब्ध संसाधनों को राहत अभियान में लगाया जा रहा है।
सरकार ने राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के विशेष राहत कोष की भी घोषणा की है। इस कोष का उपयोग प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण, अस्थायी आवास,चिकित्सा सेवाओं और बुनियादी सुविधाओं की बहाली के लिए किया जाएगा। इसके अलावा भूकंप से प्रभावित छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए विशेष ऋण सुविधा शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है,ताकि वे अपने व्यवसाय को दोबारा शुरू कर सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जल्द पटरी पर लाया जा सके।
जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि सरकार का पूरा ध्यान राहत कार्यों की गति बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि अभी भी लगभग 200 लोगों के मलबे में फँसे होने की आशंका है और बचाव दल समय के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना था कि हर संभव प्रयास किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। उन्होंने स्वीकार किया कि कई इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं,जिससे बचाव कार्य अत्यंत कठिन हो गया है।
भूकंप की तीव्रता और उसके प्रभाव को देखते हुए विशेषज्ञों ने इसे अत्यंत गंभीर प्राकृतिक आपदा बताया है। बुधवार को आए दोनों भूकंपों की तीव्रता क्रमशः 7.2 और 7.5 मापी गई। दोनों झटकों के बीच एक मिनट से भी कम का अंतर था,जिससे लोगों को सँभलने का अवसर तक नहीं मिला। दोनों भूकंप लगभग 10 किलोमीटर की कम गहराई पर आए थे। कम गहराई पर भूकंप आने के कारण उसकी अधिकांश ऊर्जा सीधे धरातल के निकट मुक्त हुई,जिससे व्यापक तबाही हुई।
भूकंप के बाद लगातार आफ्टरशॉक्स यानी बाद के झटके भी महसूस किए जा रहे हैं। इन झटकों के कारण पहले से क्षतिग्रस्त इमारतों के गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे क्षतिग्रस्त भवनों में वापस न जाएँ और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें। कई इलाकों में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं,जहाँ प्रभावित परिवारों को भोजन,पेयजल,दवाइयाँ और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
विदेश मंत्री इवान गिल ने बताया कि सरकार अंतर्राष्ट्रीय सहायता के समन्वय के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ कर रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों सहित दुनिया के विभिन्न हिस्सों से कम से कम एक दर्जन देशों ने वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है। सरकार इन सभी देशों के साथ समन्वय स्थापित कर रही है,ताकि राहत सामग्री, चिकित्सा दल,खोज एवं बचाव विशेषज्ञ और अन्य आवश्यक संसाधन जल्द-से-जल्द प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँच सकें।
उन्होंने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जरूरत खोज एवं बचाव अभियान को मजबूत करने, घायलों के उपचार की व्यवस्था करने और बेघर हुए लोगों के लिए सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की है। सरकार अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का स्वागत कर रही है और सभी सहायता प्रस्तावों पर तेजी से कार्रवाई की जा रही है।
इस आपदा के बाद दुनिया के कई देशों ने वेनेजुएला के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए सहायता का भरोसा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर एक संदेश जारी कर कहा कि वेनेजुएला में आए दोनों शक्तिशाली भूकंप बेहद विनाशकारी हैं और इनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस कठिन समय में वेनेजुएला के साथ खड़ा है और उन्होंने अपनी सरकार की सभी संबंधित एजेंसियों को तत्काल सहायता के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। ट्रंप ने कहा कि शुरुआती रिपोर्टें बेहद चिंताजनक हैं और अमेरिका हरसंभव सहयोग देने के लिए तैयार है।
मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने भी वेनेजुएला के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि मैक्सिको इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय पहले ही वेनेजुएला सरकार के संपर्क में है और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल वेनेजुएला ने विशेष रूप से खोज एवं बचाव और स्वास्थ्य सेवाओं के विशेषज्ञों की सहायता की आवश्यकता जताई है,जिसके लिए मैक्सिको पूरी तरह तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में राहत और पुनर्निर्माण का कार्य सबसे बड़ी चुनौती होगा। हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो चुके हैं और अनेक क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे को गंभीर नुकसान पहुँचा है। अस्पतालों,स्कूलों,सरकारी भवनों और परिवहन व्यवस्था को भी भारी क्षति पहुँचीं है। ऐसे में पुनर्निर्माण की प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है।
सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। सेना, पुलिस,दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। चिकित्सकों और स्वयंसेवकों की टीमें भी प्रभावित इलाकों में पहुँचकर घायलों का इलाज कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
वेनेजुएला इस समय अपने हालिया इतिहास की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। राहत एजेंसियाँ उम्मीद कर रही हैं कि मलबे में फँसे और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा। वहीं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से मिल रहा सहयोग इस कठिन समय में राहत और पुनर्वास कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। फिलहाल पूरा देश राहत,बचाव और पुनर्निर्माण की चुनौती से जूझ रहा है, जबकि प्रभावित परिवार अपने प्रियजनों की तलाश और सामान्य जीवन में लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
