नई दिल्ली,26 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात कर डिजिटल वित्तीय समावेशन,डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है,जब भारत अपने डिजिटल परिवर्तन के अनुभवों को वैश्विक स्तर पर साझा करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल सार्वजनिक ढाँचे के माध्यम से किस तरह वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ,किफायती और प्रभावी बनाया जा सकता है,ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक भी बैंकिंग और वित्तीय सुविधाएँ पहुँच सकें।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि नीदरलैंड की महारानी मैक्सिमा से मुलाकात कर उन्हें बेहद खुशी हुई। उन्होंने बताया कि महारानी मैक्सिमा संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि के रूप में लंबे समय से दुनिया भर में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बैठक के दौरान भारत में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से हो रहे परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा हुई और इस बात पर विचार किया गया कि कैसे डिजिटल तकनीक ने देश में करोड़ों लोगों के लिए वित्तीय सेवाओं तक पहुँच को पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और सस्ता बनाया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत का डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीकी बदलाव तक सीमित नहीं है,बल्कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों के जीवन को सरल बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त करना भी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुँच रहा है,जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और सेवाओं की उपलब्धता में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि भारत अपने अनुभवों और सफल मॉडलों को दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा करने के लिए हमेशा तैयार है,ताकि अधिक से अधिक देश डिजिटल तकनीक के माध्यम से वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे सकें।
महारानी मैक्सिमा इस समय भारत की यात्रा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि के रूप में आई हैं। उनका यह दौरा वित्तीय समावेशन,डिजिटल भुगतान प्रणाली और समावेशी आर्थिक विकास जैसे विषयों पर केंद्रित है। भारत आने के बाद उन्होंने विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और देश में लागू डिजिटल वित्तीय प्रणाली को नजदीक से समझने का प्रयास किया।
Delighted to meet Her Majesty Queen Máxima of the Netherlands, who is also the UN Secretary General’s Special Advocate for Financial Health and a long-standing global voice for financial inclusion.
We discussed how India’s Digital Public Infrastructure led revolution is making… pic.twitter.com/xlbqHwHqBf
— Narendra Modi (@narendramodi) June 25, 2026
विदेश मंत्रालय ने भी उनके भारत दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि यह यात्रा भारत और नीदरलैंड के बीच सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। मंत्रालय के अनुसार,महारानी मैक्सिमा का दौरा इस बात पर केंद्रित है कि भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से जिस तरह व्यापक स्तर पर वित्तीय सेवाओं का विस्तार किया है,उससे अन्य देशों को भी सीखने का अवसर मिल सकता है। मंत्रालय ने कहा कि भारत का अनुभव समावेशी और सतत विकास के लिए एक उपयोगी मॉडल के रूप में उभर रहा है।
भारत दौरे के दौरान महारानी मैक्सिमा ने विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि के लोगों से सीधे बातचीत भी की। उन्होंने आम नागरिकों से यह जानने की कोशिश की कि डिजिटल बैंकिंग,डिजिटल भुगतान और अन्य वित्तीय सेवाओं ने उनके जीवन में किस प्रकार बदलाव लाया है। इसके अलावा उन्होंने यह भी समझने का प्रयास किया कि लोगों को वित्तीय सेवाओं तक पहुँचने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें दूर करने के लिए भविष्य में किन उपायों की आवश्यकता हो सकती है।
इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जन धन योजना के लाभार्थियों से भी मुलाकात की। इस योजना के तहत देशभर में करोड़ों लोगों को पहली बार औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया है। योजना का उद्देश्य उन लोगों तक भी बैंकिंग सुविधाएँ पहुँचाना था,जो लंबे समय तक वित्तीय व्यवस्था से बाहर रहे थे। जन धन खातों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उनके बैंक खातों में मिलने लगा है,जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि हुई है। महारानी मैक्सिमा ने लाभार्थियों से उनके अनुभवों के बारे में जानकारी ली और यह समझने का प्रयास किया कि डिजिटल वित्तीय सेवाओं ने उनके दैनिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव की वित्तीय स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रतिनिधि के कार्यालय की ओर से भी इस यात्रा को लेकर जानकारी साझा की गई। इसमें कहा गया कि विभिन्न लोगों से हुई बातचीत से प्राप्त अनुभव और सुझाव आगे होने वाली बैठकों में उपयोगी साबित होंगे। महारानी मैक्सिमा अपने दौरे के दौरान सरकारी अधिकारियों,निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों और वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों से भी मुलाकात कर रही हैं,ताकि भारत के डिजिटल वित्तीय मॉडल को व्यापक रूप से समझा जा सके।
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। डिजिटल पहचान,बैंक खातों तक आसान पहुँच और डिजिटल भुगतान प्रणाली ने करोड़ों लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसी कारण भारत का यह मॉडल अब वैश्विक स्तर पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है और कई देश इसके अनुभवों का अध्ययन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि डिजिटल तकनीक का उद्देश्य केवल सुविधा प्रदान करना नहीं,बल्कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि जब तकनीक का उपयोग समावेशी विकास के लिए किया जाता है,तब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है और यही किसी भी सफल डिजिटल व्यवस्था की सबसे बड़ी पहचान होती है।
यह मुलाकात भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ते सहयोग का भी प्रतीक मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार,निवेश,जल प्रबंधन,कृषि,विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में पहले से ही मजबूत साझेदारी है। अब डिजिटल नवाचार और वित्तीय समावेशन जैसे नए क्षेत्रों में भी सहयोग की संभावनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने नीदरलैंड की अपनी यात्रा के दौरान महारानी मैक्सिमा और राजा विलेम-अलेक्जेंडर से भी मुलाकात की थी। उस अवसर पर दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई थी। इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने महारानी मैक्सिमा को भारत की पारंपरिक आभूषण कला का प्रतीक मीनाकारी और कुंदन के सुंदर झुमके उपहार स्वरूप भेंट किए थे। राजस्थान की प्रसिद्ध शिल्प परंपरा से जुड़े इन आभूषणों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
भारत और नीदरलैंड के बीच लगातार हो रही उच्चस्तरीय बैठकों से यह स्पष्ट है कि दोनों देश केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने तक सीमित नहीं हैं,बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी साझेदारी बढ़ाने के इच्छुक हैं। डिजिटल वित्तीय समावेशन,तकनीकी नवाचार और समावेशी विकास जैसे विषय भविष्य में दोनों देशों के सहयोग के प्रमुख आधार बन सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महारानी मैक्सिमा की यह मुलाकात भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है,जिसमें भारत के डिजिटल अनुभवों को वैश्विक स्तर पर साझा करने और अधिक लोगों तक वित्तीय सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
