अटलांटा,25 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में ग्रुप सी के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मोरक्को ने शानदार जुझारूपन का प्रदर्शन करते हुए हैती को 4-2 से पराजित कर दिया। इस जीत के साथ मोरक्को ने न केवल टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण यानी राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली,बल्कि यह भी साबित कर दिया कि टीम दबाव की परिस्थितियों में शानदार वापसी करने की क्षमता रखती है। दूसरी ओर,हैती की टीम ने पूरे मुकाबले में कड़ा संघर्ष किया,लेकिन हार के साथ उसका नॉकआउट चरण में पहुँचने का सपना टूट गया।
मुकाबले की शुरुआत से ही हैती ने आक्रामक रवैया अपनाया। पहले ही मिनटों से टीम ने मोरक्को की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। इसका परिणाम 10वें मिनट में देखने को मिला जब हैती ने शानदार टीमवर्क के दम पर मुकाबले का पहला गोल दाग दिया। जीन-केविन डुवर्न ने बेहतरीन पास दिया,जिस पर लेनी जोसेफ ने शानदार बैकहील फ्लिक लगाई। गेंद मोरक्को के गोलकीपर यासीन बोनो से टकराकर गोलपोस्ट में चली गई और हैती को 1-0 की बढ़त मिल गई।
यह गोल कई मायनों में खास था। वर्ष 1974 के बाद विश्व कप में हैती की ओर से किया गया यह पहला गोल था। जैसे ही गेंद जाल में पहुँचीं,स्टेडियम में मौजूद हैती के समर्थकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों ने भी इस ऐतिहासिक पल का जमकर जश्न मनाया।
शुरुआती झटके के बाद मोरक्को ने धीरे-धीरे खेल पर अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू की। टीम ने लगातार आक्रमण किए और कई बार गोल करने के करीब पहुँचीं,लेकिन हैती के अनुभवी गोलकीपर जॉनी प्लासाइड ने शानदार बचाव करते हुए अपनी टीम की बढ़त बरकरार रखी। हालाँकि,लगातार बढ़ते दबाव के सामने हैती की रक्षापंक्ति आखिरकार 39वें मिनट में टूट गई।
मोरक्को के लिए बराबरी का गोल अचरफ हकीमी ने किया। बिलाल एल खन्नौस के शॉट को हैती के गोलकीपर ने रोक लिया था,लेकिन गेंद उनके नियंत्रण से दूर निकल गई। इस मौके का फायदा उठाते हुए हकीमी ने तेजी दिखाई और गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचाकर स्कोर 1-1 कर दिया। इस गोल ने मोरक्को के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा दिया और मुकाबला फिर से पूरी तरह खुल गया।
हालाँकि,हैती ने हार नहीं मानी। बराबरी के कुछ ही समय बाद टीम ने एक और शानदार हमला बोला और एक बार फिर बढ़त हासिल कर ली। विल्सन इसिडोर ने लंबी दूरी से ऐसा जोरदार शॉट लगाया कि मोरक्को के गोलकीपर के पास उसे रोकने का कोई मौका नहीं था। गेंद तेज रफ्तार से गोलपोस्ट में समा गई और हैती ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली।
हैती की दूसरी बढ़त ने मुकाबले को और रोमांचक बना दिया। ऐसा लग रहा था कि मोरक्को पहले हाफ में पिछड़कर ब्रेक में जाएगा,लेकिन टीम ने आखिरी क्षणों तक संघर्ष जारी रखा। पहले हाफ के स्टॉपेज टाइम में मोरक्को को एक महत्वपूर्ण मौका मिला और उसने उसे भुनाने में कोई गलती नहीं की। अचरफ हकीमी ने शानदार कटबैक पास दिया,जिस पर साइबारी ने बेहतरीन फिनिश करते हुए गेंद को गोल में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ पहला हाफ 2-2 की बराबरी पर समाप्त हुआ।
दूसरे हाफ में मैदान पर केवल मोरक्को का दबदबा दिखाई दिया। टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार हैती के डिफेंस की परीक्षा ली। दूसरी ओर,हैती की टीम अधिकतर समय रक्षात्मक खेलती नजर आई और जवाबी हमलों के जरिए मौके तलाशती रही। मोरक्को के मिडफील्ड खिलाड़ियों ने खेल की गति को नियंत्रित करते हुए विरोधी टीम को लगातार दबाव में रखा।
मोरक्को के लगातार हमलों का फल आखिरकार 78वें मिनट में मिला। बतौर सब्स्टीट्यूट मैदान पर आए सूफियान रहीमी ने टीम को अहम बढ़त दिलाई। कॉर्नर से मिले अवसर पर रहीमी ने शानदार हेडर लगाते हुए गेंद को गोलपोस्ट में पहुँचा दिया। इस गोल के साथ मोरक्को पहली बार मुकाबले में आगे निकल गया और स्कोर 3-2 हो गया।
तीसरा गोल खाने के बाद हैती ने वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन टीम की ऊर्जा धीरे-धीरे कम होती दिखाई दी। दूसरी ओर,मोरक्को ने अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल किया और खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। मैच के अंतिम मिनटों में हैती ने बराबरी के लिए जोखिम उठाते हुए अधिक खिलाड़ियों को आगे भेजा,लेकिन इसका फायदा मोरक्को को मिला।
मुकाबले के 89वें मिनट में गेस्सीम यासीन ने शानदार गोल करते हुए मोरक्को की जीत पर मुहर लगा दी। तेज आक्रमण के दौरान मिली गेंद को उन्होंने शानदार तरीके से गोल में पहुँचाया और स्कोर 4-2 कर दिया। इसके बाद हैती के पास वापसी का कोई मौका नहीं बचा और अंतिम सीटी बजते ही मोरक्को के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे।
इस महत्वपूर्ण जीत के साथ मोरक्को ने ग्रुप सी में तीन मुकाबलों से सात अंक हासिल किए और दूसरे स्थान पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 में प्रवेश कर लिया। अब उसकी अगली भिड़ंत ग्रुप एफ की शीर्ष टीम से होगी। जिस तरह से मोरक्को ने इस मुकाबले में दो बार पिछड़ने के बाद वापसी की,उससे टीम का आत्मविश्वास निश्चित रूप से बढ़ा होगा।
वहीं,हैती के लिए यह हार निराशाजनक रही,लेकिन टीम ने अपने प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जरूर जीता। विश्व कप में 1974 के बाद पहला गोल करने और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ लंबे समय तक संघर्ष करने से हैती को भविष्य के लिए कई सकारात्मक संकेत मिले हैं। हालाँकि,इस हार के साथ उसका टूर्नामेंट में सफर समाप्त हो गया,लेकिन टीम ने दिखा दिया कि वह बड़े मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखती है।
मोरक्को अब नॉकआउट चरण में और भी बड़े इम्तिहान के लिए तैयार है,जबकि हैती सम्मानजनक प्रदर्शन के साथ टूर्नामेंट से विदा हो गई।
