दिल्ली में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी (तस्वीर क्रेडिट@Chhotukingoffi1)

दिल्ली में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत से सनसनी,परिजनों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप,पुलिस हर पहलू से कर रही जाँच

नई दिल्ली,6 जुलाई (युआईटीवी)- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में एक नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई है। महज दो महीने पहले विवाह बंधन में बंधी 24 वर्षीय आकृति सुतार की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पुलिस शुरुआती जाँच में इसे ऊँची इमारत से गिरने की घटना मानकर विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है,वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजनों ने इस मामले को दहेज हत्या बताते हुए पति और उसके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि शादी के बाद से ही आकृति को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उससे 20 लाख रुपये की माँग की जा रही थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी संभावित एंगल से जाँच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार,मृतका की पहचान आकृति सुतार के रूप में हुई है। उसकी शादी इसी वर्ष 24 अप्रैल को अरस्तु सिक्का के साथ हुई थी। शादी को अभी दो महीने से कुछ अधिक समय ही हुआ था। आकृति दक्षिण दिल्ली के पुष्प विहार इलाके में रहती थी और छतरपुर स्थित एक निजी कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत थी। वह रोजाना की तरह अपने काम पर गई थी,लेकिन देर शाम उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।

जानकारी के अनुसार,आकृति का शव लोधी कॉलोनी स्थित पालिका कुंज नामक एक आवासीय परिसर के भीतर जमीन पर पड़ा मिला। यह स्थान उसके घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। पुलिस को शुरुआती जाँच में आशंका है कि महिला किसी इमारत से नीचे गिरी होगी,लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह दुर्घटना थी,आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश का हिस्सा। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जाँच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

मृतका के परिजनों ने इस घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शादी के कुछ ही समय बाद से आकृति को उसके पति और ससुराल पक्ष के अन्य लोग मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे थे। परिवार का आरोप है कि ससुराल वाले लगातार 20 लाख रुपये की माँग कर रहे थे और रकम नहीं मिलने पर आकृति के साथ दुर्व्यवहार किया जाता था। परिजनों का कहना है कि उनकी बेटी ने कई बार उन्हें अपनी परेशानी के बारे में बताया था,लेकिन वह अपने वैवाहिक जीवन को बचाने की कोशिश कर रही थी।

परिवार के अनुसार, घटना वाले दिन यानी शनिवार की शाम लगभग छह बजे आकृति ने अपनी माँ से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उसने बताया था कि कार्यालय में एक बैठक समाप्त होने के बाद वह घर लौट रही है। परिवार का कहना है कि उस समय उसकी आवाज सामान्य थी और उसने किसी तरह की परेशानी या तनाव का कोई संकेत नहीं दिया था। यही वजह है कि परिजन आत्महत्या की संभावना को पूरी तरह खारिज कर रहे हैं।

आकृति के चाचा मनंजय सुतार ने बताया कि रात करीब आठ बजे परिवार को आकृति के पति अरस्तु सिक्का का फोन आया। उसने कहा कि आकृति का कोई पता नहीं चल रहा है और वह गायब हो गई है। इस सूचना से परिवार चिंतित हो गया। लगभग डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और बताया कि लोधी कॉलोनी के पालिका कुंज परिसर में एक महिला का शव मिला है। बाद में उसकी पहचान आकृति सुतार के रूप में हुई। यह खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

मृतका के छोटे भाई अमय सुतार ने भी आत्महत्या की संभावना को सिरे से नकार दिया है। उनका कहना है कि उनकी बहन मानसिक रूप से बेहद मजबूत थी और वह किसी भी परिस्थिति में ऐसा कदम नहीं उठा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अरस्तु सिक्का ने कई बार आकृति को जान से मारने की धमकी दी थी। अमय के अनुसार,घटना से दो दिन पहले भी पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। उनका मानना है कि इस विवाद का संबंध भी दहेज और पारिवारिक प्रताड़ना से हो सकता है।

परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जाँच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उनकी बेटी की शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। परिवार ने यह भी कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि सच्चाई जल्द सामने आए।

उधर,दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच पूरी गंभीरता के साथ की जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और वहाँ से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है,ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले आकृति किन परिस्थितियों में वहाँ पहुँची थी। पुलिस उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की भी जाँच कर रही है। इसके अलावा परिवार द्वारा लगाए गए दहेज उत्पीड़न और हत्या के आरोपों को भी जाँच का हिस्सा बनाया गया है।

जाँच अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट,फोरेंसिक विश्लेषण और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि जाँच में दहेज प्रताड़ना या हत्या के आरोपों की पुष्टि होती है,तो संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि किसी अन्य कारण का खुलासा होता है,तो उसके अनुरूप जाँच को आगे बढ़ाया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। समाज में दहेज जैसी कुप्रथा पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना चिंता का विषय है। फिलहाल आकृति सुतार की मौत रहस्य बनी हुई है और पूरा मामला पुलिस जाँच पर निर्भर है। परिवार न्याय की माँग कर रहा है,जबकि पुलिस का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहराई से जाँच की जाएगी। आने वाले दिनों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के अन्य निष्कर्ष इस चर्चित मामले की सच्चाई सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।