नई दिल्ली,20 जून (युआईटीवी)- भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के जन्मदिन के अवसर पर शनिवार को देशभर से उन्हें शुभकामनाएँ और बधाई संदेश प्राप्त हुए। राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक जगत की अनेक हस्तियों ने राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय मंत्रिमंडल के कई वरिष्ठ सदस्यों तक ने राष्ट्रपति मुर्मु के जीवन, उनके संघर्ष,जनसेवा और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान की सराहना करते हुए विशेष संदेश साझा किए।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का जीवन भारतीय लोकतंत्र में प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने की उनकी यात्रा करोड़ों भारतीयों,विशेषकर महिलाओं,आदिवासी समाज और वंचित वर्गों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। यही कारण है कि उनके जन्मदिन पर देश के विभिन्न हिस्सों से शुभकामनाओं का सिलसिला देखने को मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मुर्मु को जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन की विशेषताओं को रेखांकित किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर अपने संदेश में कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु साहस,सादगी,विनम्रता और जनसेवा के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी जीवन-यात्रा देश के लोगों को लगातार प्रेरित करती रही है और उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में राष्ट्र की उत्कृष्ट सेवा की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया कि राष्ट्रपति मुर्मु ने हमेशा समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भारत के विकास के प्रति उनका समर्पण और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका बेहद प्रेरणादायक है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए यह भी कहा कि वह ओडिशा में होने वाले कार्यक्रम में उनसे मुलाकात करने के लिए उत्सुक हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए उनके जीवन को जनसेवा और समाज के सशक्तिकरण के लिए समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने पूरे जीवन में लोगों के कल्याण और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी है। राजनाथ सिंह के अनुसार,समावेशी विकास और नागरिकों के उत्थान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें एक आदर्श जनप्रतिनिधि और संवैधानिक प्रमुख बनाती है। उन्होंने राष्ट्रपति के अच्छे स्वास्थ्य,सुख और दीर्घायु की कामना करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व देश को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी राष्ट्रपति को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्रपति मुर्मु को एक आदर्श नेता बताया,जिनकी जीवन-यात्रा साहस,दृढ़ संकल्प और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु को देशभर के लोगों का सम्मान और स्नेह प्राप्त है तथा उनकी कार्यशैली और व्यक्तित्व लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के स्वस्थ और लंबे जीवन की कामना भी की।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की यात्रा को भारतीय लोकतंत्र की शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचना इस बात का प्रमाण है कि भारत का लोकतंत्र अवसरों और समानता के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु का जीवन देश के लाखों नागरिकों को बड़े सपने देखने और समाज सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में विशेष रूप से महिलाओं और वंचित वर्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु की सफलता उन सभी लोगों के लिए उम्मीद का संदेश है जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने का संकल्प रखते हैं। उन्होंने भगवान जगन्नाथ से राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य,दीर्घायु और सुखमय जीवन की प्रार्थना करते हुए राष्ट्र सेवा में उनके निरंतर मार्गदर्शन की कामना की।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी राष्ट्रपति को जन्मदिन की शुभकामनाएँ देते हुए उनके असाधारण जीवन-सफर की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मु की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता और संविधान के आदर्शों के प्रति उनका समर्पण देशभर के लाखों लोगों को प्रेरित करता है। उन्होंने राष्ट्रपति के स्वस्थ और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों को मजबूत करने वाला है।
अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को जन्मदिन की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में राष्ट्रपति के उत्तम स्वास्थ्य,खुशी और सफलता की कामना करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व देश के लिए प्रेरणादायक है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राजनीतिक और सामाजिक जीवन लंबे संघर्ष,सेवा और समर्पण से भरा रहा है। ओडिशा के एक साधारण परिवार से आने वाली द्रौपदी मुर्मु ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया,लेकिन हर कठिनाई को पार करते हुए उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अपनी अलग पहचान बनाई। राज्य स्तर की राजनीति से लेकर राज्यपाल और फिर देश की राष्ट्रपति बनने तक का उनका सफर भारतीय लोकतंत्र की समावेशी प्रकृति को दर्शाता है।
उनके राष्ट्रपति बनने को देश के आदिवासी समुदाय के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना गया था। वह भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनीं और इस उपलब्धि ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्होंने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण,सामाजिक न्याय और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया है।
राष्ट्रपति मुर्मु की सादगी और लोगों से जुड़ने की शैली भी उनकी लोकप्रियता का एक प्रमुख कारण मानी जाती है। विभिन्न कार्यक्रमों और सार्वजनिक आयोजनों में उनकी सहजता और विनम्रता अक्सर लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। यही वजह है कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विभिन्न दलों के नेता भी उनके प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं।
जन्मदिन के अवसर पर आए शुभकामना संदेश केवल औपचारिक बधाई नहीं थे,बल्कि उनमें राष्ट्रपति मुर्मु के व्यक्तित्व,संघर्ष और योगदान के प्रति सम्मान की भावना भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने जिस तरह उनके जीवन और कार्यों की सराहना की,उससे यह स्पष्ट होता है कि राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने कार्यकाल के दौरान देश के विभिन्न वर्गों के बीच एक सकारात्मक और प्रेरणादायक छवि बनाई है।
देश की प्रथम नागरिक के रूप में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज न केवल संवैधानिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं,बल्कि वह करोड़ों भारतीयों के लिए आशा,प्रेरणा और सशक्तिकरण का प्रतीक भी बन चुकी हैं। उनके जन्मदिन पर देशभर से मिली शुभकामनाएँ इसी सम्मान और विश्वास की अभिव्यक्ति हैं,जो उन्होंने अपने समर्पण,सादगी और जनसेवा के माध्यम से अर्जित किया है।
