राष्ट्रपति भवन में हरमनप्रीत कौर को मिला पद्म श्री (तस्वीर क्रेडिट@IPL2025Auction)

राष्ट्रपति भवन में हरमनप्रीत कौर को मिला पद्म श्री,भारतीय महिला क्रिकेट की ऐतिहासिक उपलब्धियों को मिला सम्मान

नई दिल्ली,26 मई (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर को सोमवार को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। भारतीय क्रिकेट में उनके शानदार योगदान,लंबे संघर्ष और महिला क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में निभाई गई अहम भूमिका को देखते हुए उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। इस अवसर पर देश के कई प्रमुख खिलाड़ी, कलाकार और विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियाँ मौजूद रहीं।

हरमनप्रीत कौर उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहीं,जिन्हें इस वर्ष पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उनके साथ भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कप्तान रोहित शर्मा को भी पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया। भारतीय खेल जगत के लिए यह क्षण बेहद गौरवपूर्ण माना जा रहा है,क्योंकि महिला क्रिकेट को लगातार मिल रही अंतर्राष्ट्रीय सफलता अब देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में भी दिखाई देने लगी है।

राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह के दौरान जब हरमनप्रीत कौर का नाम पुकारा गया तो पूरे सभागार में तालियों की गूँज सुनाई दी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान के रूप में उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में जिस तरह टीम को नई पहचान दिलाई,उसे भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। हरमनप्रीत ने केवल मैदान पर अपने प्रदर्शन से ही नहीं,बल्कि नेतृत्व क्षमता से भी महिला क्रिकेट को नई दिशा दी है।

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने वर्ष 2025 में इतिहास रचते हुए अपना पहला विश्व कप खिताब जीता था। फाइनल मुकाबले में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार महिला विश्व कप अपने नाम किया था। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है। इस जीत ने न केवल देशभर में महिला क्रिकेट को नई लोकप्रियता दिलाई,बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई।

विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत कौर की आक्रामक बल्लेबाजी और निर्भीक कप्तानी ने भारतीय महिला टीम की सोच और खेल दोनों को बदल दिया। उन्होंने कई मौकों पर दबाव में शानदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई। बड़े मैचों में उनकी जिम्मेदारी निभाने की क्षमता ने उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटरों में शामिल कर दिया।

इस सम्मान के बाद हरमनप्रीत कौर का पुराना बयान भी चर्चा में आ गया,जिसमें उन्होंने इस उपलब्धि को अपने परिवार के लिए बेहद खास बताया था। जब पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई थी,तब उनकी विमेंस प्रीमियर लीग टीम मुंबई इंडियंस ने एक वीडियो साझा किया था। उस वीडियो में हरमनप्रीत ने बताया था कि सबसे पहले उनके पिता को राष्ट्रपति भवन से फोन आया था और उन्हें इस सम्मान की जानकारी मिली थी।

वीडियो में भावुक नजर आ रही हरमनप्रीत ने कहा था कि यह उनके जीवन का बहुत बड़ा क्षण है। उन्होंने खुशी जताई थी कि इस सम्मान के बारे में सबसे पहले उनके माता-पिता को पता चला। उन्होंने कहा था कि उनके परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया और कठिन समय में भी उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

हरमनप्रीत कौर का क्रिकेट सफर संघर्ष और मेहनत की मिसाल माना जाता है। पंजाब के मोगा से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। ऐसे समय में जब महिला क्रिकेट को उतनी सुविधाएँ और पहचान नहीं मिलती थी,तब उन्होंने लगातार मेहनत कर अपनी जगह बनाई। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और नेतृत्व से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा।

उनका नाम पहली बार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तब तेजी से चर्चा में आया,जब उन्होंने विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विस्फोटक शतक लगाया था। उस पारी ने भारतीय महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी थी। इसके बाद से वह भारतीय टीम की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गईं।

37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर के अंतर्राष्ट्रीय करियर के आँकड़े भी उनके शानदार योगदान की कहानी बताते हैं। उन्होंने भारत के लिए 195 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं,जिनमें लगभग 30 की औसत से 3991 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक भी निकला है। टी20 क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को कई अहम मुकाबलों में जीत दिलाई है।

वनडे क्रिकेट में भी उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 164 वनडे मुकाबलों में 7 शतकों की मदद से 4541 रन बनाए हैं। उनकी कई पारियाँ भारतीय महिला क्रिकेट इतिहास की यादगार पारियों में गिनी जाती हैं। टेस्ट क्रिकेट में भी उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया है और सात मुकाबलों में 230 रन बनाए हैं।

हरमनप्रीत कौर की सबसे बड़ी खासियत उनकी मानसिक मजबूती मानी जाती है। मैदान पर कठिन परिस्थितियों में भी वह शांत रहती हैं और टीम को सँभालने की कोशिश करती हैं। यही कारण है कि युवा खिलाड़ी उन्हें एक आदर्श कप्तान और प्रेरणा के रूप में देखते हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट में पिछले कुछ वर्षों में जो बदलाव आया है,उसमें हरमनप्रीत कौर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। उनके नेतृत्व में टीम ने कई बड़ी टीमों को हराया और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई। महिला प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंटों की लोकप्रियता बढ़ाने में भी उनका बड़ा योगदान माना जाता है।

राष्ट्रपति भवन में मिला पद्म श्री सम्मान केवल हरमनप्रीत कौर की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं,बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते प्रभाव और सम्मान का प्रतीक भी माना जा रहा है। यह सम्मान उन लाखों लड़कियों के लिए भी प्रेरणा है,जो खेलों में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों और खेल जगत की कई हस्तियों ने हरमनप्रीत कौर को इस उपलब्धि पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पर भी उनके सम्मान को लेकर लोगों ने खुशी जाहिर की और इसे भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया।

अब जब हरमनप्रीत कौर के नाम के साथ पद्म श्री सम्मान जुड़ गया है,तो यह साफ हो गया है कि भारतीय महिला क्रिकेट अब केवल खेल तक सीमित नहीं रह गया है,बल्कि वह देश की नई पहचान और गौरव का हिस्सा बन चुका है। हरमनप्रीत की उपलब्धियाँ आने वाली पीढ़ियों को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेंगी।