स्लोवाकिया पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी (तस्वीर क्रेडिट@iGAakaash)

स्लोवाकिया पहुँचे प्रधानमंत्री मोदी,पारंपरिक रोटी और नमक से हुआ भव्य स्वागत; भारत-स्लोवाकिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

ब्रातिस्लावा,15 जून (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर यूरोपीय देश स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुँच गए हैं। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक माना जा रहा है,क्योंकि स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली आधिकारिक यात्रा है। प्रधानमंत्री के आगमन पर स्लोवाकिया सरकार और वहाँ के लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। राजधानी ब्रातिस्लावा स्थित ग्रैंड होटल रिवर पार्क में पहुँचने पर स्लोवाकिया के विदेश और यूरोपीय मामलों के मंत्री जुराज ब्लानार ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के दौरान स्लोवाकिया की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिली। स्थानीय परंपरा के अनुसार उनका स्वागत रोटी और नमक भेंट करके किया गया। स्लोवाक समाज में यह परंपरा सम्मान,मित्रता और सद्भावना का प्रतीक मानी जाती है। यहाँ रोटी समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक होती है,जबकि नमक विश्वास,सुरक्षा और मजबूत संबंधों का प्रतिनिधित्व करता है। किसी विशेष अतिथि या सम्मानित व्यक्ति के स्वागत में इस परंपरा का पालन किया जाना स्लोवाक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ब्रातिस्लावा पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी यात्रा को लेकर उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने तथा सहयोग के नए अवसरों की तलाश करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वह स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इन बैठकों से दोनों देशों के बीच रणनीतिक,आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत को विशेष बनाने के लिए कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। प्रसिद्ध सांस्कृतिक समूह लुक्निका एन्सेम्बल ने उनके सम्मान में विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। इस दौरान भारतीय राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ पर आधारित एक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। भारतीय और स्लोवाक सांस्कृतिक मूल्यों के इस संगम ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

इसके अलावा स्लोवाकिया के मायजावा क्षेत्र के प्रसिद्ध बाल लोक कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में पारंपरिक स्लोवाक लोकनृत्य प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन करते हुए मेहमानों का स्वागत किया। यह प्रस्तुति दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक मानी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्लोवाकियाई संगीत समूह ‘महादेव कीर्तन प्रोजेक्ट’ की आध्यात्मिक प्रस्तुति भी देखी। इस प्रस्तुति में भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और स्थानीय संगीत का अनूठा समन्वय दिखाई दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि भारत और स्लोवाकिया केवल राजनीतिक और आर्थिक साझेदार ही नहीं,बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी एक-दूसरे के करीब आ रहे हैं।

ब्रातिस्लावा में प्रधानमंत्री मोदी ने वहाँ रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की। होटल पहुँचने पर बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे। भारतीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साह के साथ प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया और उनके सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए। प्रधानमंत्री ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और उनसे संवाद किया।

भारतीय समुदाय के लोगों में प्रधानमंत्री की इस यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। उनका मानना है कि इस दौरे से भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को नई मजबूती मिलेगी और दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर संपर्क भी बढ़ेगा। विदेशों में बसे भारतीयों के लिए इस तरह की यात्राएँ अपने देश से जुड़ाव और गर्व की भावना को और मजबूत करती हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी प्रधानमंत्री की इस यात्रा को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री का यह पहला दौरा है और यह दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का स्वागत जिस गर्मजोशी और सम्मान के साथ किया गया,वह भारत और स्लोवाकिया के बीच बढ़ती निकटता को दर्शाता है।

रणधीर जायसवाल ने यह भी कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे। व्यापार,निवेश,विज्ञान और प्रौद्योगिकी,शिक्षा,रक्षा और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चाएँ होने की उम्मीद है। उनका मानना है कि यह दौरा द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है,जब भारत यूरोप के साथ अपने संबंधों को और अधिक व्यापक बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। स्लोवाकिया मध्य यूरोप का एक महत्वपूर्ण देश है और यूरोपीय संघ का सदस्य होने के कारण इसकी रणनीतिक अहमियत भी काफी अधिक है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग भारत के लिए आर्थिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है।

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम निर्धारित है। माना जा रहा है कि इन बैठकों में व्यापारिक सहयोग,निवेश,रक्षा साझेदारी,ऊर्जा सुरक्षा,तकनीकी नवाचार और शिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी दोनों पक्ष अपने विचार साझा कर सकते हैं।

भारत और स्लोवाकिया के बीच पिछले कुछ वर्षों में आर्थिक और व्यापारिक संबंधों में लगातार वृद्धि हुई है। दोनों देश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी,ऑटोमोबाइल उद्योग,सूचना प्रौद्योगिकी और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा इन प्रयासों को और गति देने का अवसर प्रदान करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल कूटनीतिक दृष्टि से ही नहीं,बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पारंपरिक रोटी और नमक से हुआ स्वागत,सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और भारतीय समुदाय के साथ संवाद इस बात का संकेत हैं कि दोनों देशों के बीच रिश्ते केवल सरकारी स्तर तक सीमित नहीं हैं,बल्कि लोगों के दिलों तक भी पहुँच रहे हैं।

ब्रातिस्लावा में शुरू हुआ यह ऐतिहासिक दौरा आने वाले दिनों में भारत और स्लोवाकिया के संबंधों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है। दोनों देशों की साझा इच्छाशक्ति और सहयोग की भावना को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि यह यात्रा भविष्य में और मजबूत साझेदारी की नींव रखेगी।