मुंबई,31 जुलाई (युआईटीवी)- भारतीय सिनेमा की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल ‘रामायण: पार्ट 1’ का ट्रेलर रिलीज होने के बाद दर्शकों के साथ-साथ फिल्म जगत की कई प्रमुख हस्तियां भी इसकी खुलकर सराहना कर रही हैं। निर्देशक नितेश तिवारी की इस महत्वाकांक्षी फिल्म के ट्रेलर ने अपने भव्य दृश्य,तकनीकी गुणवत्ता,संगीत और प्रस्तुति के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। इसी बीच टेलीविजन पर भगवान श्रीकृष्ण के प्रतिष्ठित किरदार के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता,लेखक और निर्देशक नीतीश भारद्वाज ने भी फिल्म के ट्रेलर पर अपनी विस्तृत प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने न केवल फिल्म की पूरी टीम की प्रशंसा की,बल्कि इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली ऐसी कृति बताया,जो प्रतिष्ठित ऑस्कर पुरस्कार की दौड़ में भी मजबूत दावेदारी पेश कर सकती है।
नीतीश भारद्वाज ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा संदेश साझा करते हुए फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा,निर्देशक नितेश तिवारी और पूरी रचनात्मक टीम को बधाई दी। उनका यह पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि ‘रामायण: पार्ट 1’ का ट्रेलर देखने के बाद उन्हें विश्वास हो गया है कि यह फिल्म सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार की प्रबल दावेदार बन सकती है।
उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा की विशेष रूप से प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर की परियोजना को साकार करना अपने आप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनके अनुसार भारतीय पौराणिक विरासत को आधुनिक तकनीक और वैश्विक स्तर की प्रस्तुति के साथ दुनिया के सामने लाना आसान कार्य नहीं है,लेकिन फिल्म की झलक देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पूरी टीम ने इस चुनौती को गंभीरता और समर्पण के साथ स्वीकार किया है।
नीतीश भारद्वाज ने निर्देशक नितेश तिवारी की तुलना भारतीय सिनेमा के उन चुनिंदा फिल्मकारों से की,जिन्होंने विश्व सिनेमा में भारत की पहचान स्थापित की। उन्होंने कहा कि सत्यजीत राय और शेखर कपूर के बाद नितेश तिवारी विश्व सिनेमा को भारत की ओर से मिलने वाला अगला बड़ा उपहार साबित हो सकते हैं। उनके अनुसार ट्रेलर में दिखाई गई भव्यता,दृश्य संरचना और तकनीकी गुणवत्ता इस बात का संकेत देती है कि फिल्म केवल भारतीय दर्शकों के लिए नहीं,बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।
उन्होंने फिल्म के प्रोडक्शन डिजाइन और कैमरा वर्क की भी खुलकर सराहना की। उनके अनुसार फिल्म के दृश्य इतने प्रभावशाली और जीवंत हैं कि केवल प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमैटोग्राफी के लिए ही इसे कई बड़े पुरस्कार मिल सकते हैं। उन्होंने लिखा कि फिल्म में दृश्य प्रभावों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकों का जिस स्तर पर उपयोग किया गया है,उसने प्राचीन काल के वातावरण को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से जीवंत बना दिया है। उनका मानना है कि तकनीक का उपयोग केवल प्रदर्शन के लिए नहीं,बल्कि कथा को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किया गया है।
फिल्म के संगीत को लेकर भी नीतीश भारद्वाज ने विशेष टिप्पणी की। उन्होंने संगीतकार ए. आर. रहमान और हांस जिमर की जोड़ी की प्रशंसा करते हुए कहा कि दोनों महान संगीतकारों ने ट्रेलर को असाधारण ऊँचाई प्रदान की है। उनके अनुसार संगीत केवल दृश्य का साथ नहीं देता,बल्कि कहानी की भावनात्मक गहराई को भी और अधिक प्रभावशाली बनाता है। उन्होंने कहा कि ट्रेलर के हर दृश्य में संगीत का प्रभाव दर्शकों को कथा के साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कलाकारों के अभिनय की चर्चा करते हुए नीतीश भारद्वाज ने सबसे पहले भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि वह हमेशा से रणबीर कपूर की अभिनय क्षमता के प्रशंसक रहे हैं,लेकिन अब यह भूमिका उनके लिए केवल अभिनय तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि भगवान राम का किरदार निभाने के बाद रणबीर कपूर पर भारत की सांस्कृतिक विरासत,नैतिक मूल्यों और सभ्यता की गरिमा को आगे बढ़ाने की सामाजिक जिम्मेदारी भी बढ़ जाएगी।
इसी संदर्भ में उन्होंने रणबीर कपूर को एक भावनात्मक सलाह भी दी। उन्होंने लिखा कि वह चाहते हैं कि रणबीर कपूर भविष्य में ऐसी फिल्मों का चयन करें जो भारतीय समाज और संस्कृति को सकारात्मक दिशा दें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि अब उन्हें ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों से दूरी बनानी चाहिए,चाहे उसके बदले उन्हें कितनी भी व्यावसायिक सफलता क्यों न मिले। उनके अनुसार भारत में ऐसी अनेक उत्कृष्ट कहानियाँ मौजूद हैं जो एक अभिनेता की प्रतिभा को पूरी तरह सामने ला सकती हैं और समाज पर सकारात्मक प्रभाव भी छोड़ सकती हैं।
नीतीश भारद्वाज ने अपने संदेश में लिखा कि भारतीय सिनेमा के कलाकारों की जिम्मेदारी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होती,बल्कि वे समाज के सांस्कृतिक मूल्यों को भी प्रभावित करते हैं। इसलिए बड़े कलाकारों को अपने किरदारों के चयन में इस जिम्मेदारी को ध्यान में रखना चाहिए। उन्होंने रणबीर कपूर से आग्रह किया कि वह अपनी अभिनय प्रतिभा का उपयोग ऐसी फिल्मों में करें जो भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों को मजबूत करें।
सीता की भूमिका निभा रही साई पल्लवी के बारे में भी उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारतीय दर्शक साई पल्लवी को माता सीता के रूप में पूरे सम्मान और अपनत्व के साथ स्वीकार करेंगे। उनके अनुसार साई पल्लवी की सादगी, गरिमा और स्वाभाविक अभिनय शैली इस भूमिका के लिए उपयुक्त प्रतीत होती है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि फिल्म में सीता का चरित्र उसी मर्यादा और आध्यात्मिक गहराई के साथ प्रस्तुत किया जाएगा,जिसकी अपेक्षा भारतीय समाज करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि फिल्म में गोस्वामी तुलसीदास की चौपाइयों को मृदंग और मंजीरे की पारंपरिक धुनों के साथ शामिल किया जाए तो यह दर्शकों के लिए एक आध्यात्मिक अनुभव बन सकता है। उनके अनुसार रामायण केवल एक कहानी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार है और इसकी प्रस्तुति में भारतीय परंपराओं की आत्मा का समावेश होना आवश्यक है।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने लिखा कि वह नितेश तिवारी की इस रचना को एक बार नहीं,बल्कि कम से कम पाँच बार बड़े पर्दे पर देखना चाहेंगे। उनका कहना था कि ट्रेलर ने ही उन्हें इतना प्रभावित किया है कि अब पूरी फिल्म को देखने की उत्सुकता कई गुना बढ़ गई है।
यदि ट्रेलर की बात करें तो इसकी अवधि चार मिनट नौ सेकंड है। इसे गुरुवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में चार बजकर पंद्रह मिनट पर जारी किया गया। निर्माता नमित मल्होत्रा ने इस समय का चयन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए किया। ब्रह्म मुहूर्त को भारतीय संस्कृति में शुभ,पवित्र और आध्यात्मिक ऊर्जा का समय माना जाता है,इसलिए फिल्म के प्रचार की शुरुआत भी इसी समय से की गई।
ट्रेलर की शुरुआत रावण के प्रभावशाली प्रवेश से होती है। अभिनेता यश अपने दमदार व्यक्तित्व और गंभीर संवाद शैली के साथ रावण के रूप में दिखाई देते हैं। उनका संवाद यह संकेत देता है कि वह तीनों लोकों पर अपना आधिपत्य स्थापित करना चाहता है। ट्रेलर में लंका की भव्यता,पुष्पक विमान और रावण के साम्राज्य को अत्यंत प्रभावशाली दृश्य प्रभावों के साथ प्रस्तुत किया गया है।
इसके बाद कहानी भगवान विष्णु के अवतार की अवधारणा की ओर बढ़ती है और भगवान राम के रूप में रणबीर कपूर का प्रवेश होता है। घोड़े पर सवार रणबीर कपूर का दृश्य ट्रेलर के सबसे प्रभावशाली क्षणों में से एक माना जा रहा है। उनके साथ महाराज दशरथ की भूमिका में अरुण गोविल और कैकेयी के रूप में लारा दत्ता की झलक भी दिखाई देती है। भगवान राम और माता सीता के विवाह का दृश्य भारतीय परंपरा और भव्यता का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है।
सीता के रूप में साई पल्लवी अपनी सहजता और मर्यादित अभिनय से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करती हैं। उनके भाव,वेशभूषा और प्रस्तुति में पारंपरिक भारतीय सौंदर्य का प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। इसके बाद कथा वनवास की ओर बढ़ती है,जहाँ कैकेयी के निर्णय के बाद राम,सीता और लक्ष्मण अयोध्या छोड़कर वन की ओर प्रस्थान करते हैं। लक्ष्मण की भूमिका में रवि दुबे भी प्रभावशाली दिखाई देते हैं।
ट्रेलर में शूर्पणखा के रूप में रकुल प्रीत सिंह की झलक भी देखने को मिलती है। इसके अलावा विवेक ओबेरॉय,सौरभ सचदेवा और कई अन्य कलाकारों को भी संक्षिप्त रूप से दिखाया गया है। हालाँकि,हनुमान की भूमिका निभा रहे सनी देओल को ट्रेलर में नहीं दिखाया गया,जिससे दर्शकों के बीच उनकी पहली झलक को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।
फिल्म का संगीत ए. आर. रहमान और हांस जिमर ने तैयार किया है। जैसे-जैसे कथा अयोध्या से लंका की ओर बढ़ती है,संगीत की भव्यता और भावनात्मक प्रभाव भी उसी अनुपात में बढ़ता जाता है। ट्रेलर का समापन भगवान राम के उस संकल्प के साथ होता है, जिसमें वह रावण के अत्याचार का अंत करने और धर्म की स्थापना का संदेश देते हैं। यह अंतिम दृश्य दर्शकों में फिल्म को लेकर गहरी उत्सुकता पैदा करता है।
निर्माताओं ने पहले ही घोषणा कर दी है कि यह महाकाव्य दो भागों में प्रस्तुत किया जाएगा। ‘रामायण: पार्ट 1’ दीपावली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी, जबकि दूसरा भाग दीपावली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। ट्रेलर को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया और नीतीश भारद्वाज जैसे वरिष्ठ कलाकार की प्रशंसा ने फिल्म को लेकर उम्मीदों को और अधिक बढ़ा दिया है। अब दर्शकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने में सफल होगी और वैश्विक मंच पर भी भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिला पाएगी।
