प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और यूपी की राजनीति में शोक (तस्वीर क्रेडिट@skphotography68)

प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार और यूपी की राजनीति में शोक,अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ,14 मई (युआईटीवी)- समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे तथा भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव के निधन से उत्तर प्रदेश की राजनीति और यादव परिवार में गहरा शोक छा गया है। उनके असामयिक निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में दुख की लहर दौड़ गई। गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए आवास से ले जाया गया,जहाँ बड़ी संख्या में परिवार के सदस्य, रिश्तेदार, समर्थक और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। पूरे माहौल में गम और भावुकता साफ दिखाई दे रही थी।

प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भाजपा और अन्य दलों के नेताओं ने भी पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। परिवार के सदस्य बेहद भावुक नजर आए और पूरे माहौल में शोक की गहरी छाया दिखाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में समर्थक और शुभचिंतक मौजूद रहे,जिन्होंने नम आँखों से उन्हें विदाई दी।

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी अंतिम दर्शन के लिए पहुँचीं। इस दौरान वह काफी भावुक दिखाई दीं। उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी। वहाँ मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

प्रतीक यादव के निधन के बाद कई राजनीतिक नेताओं ने अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं। समाजवादी पार्टी के सांसद सिंह पटेल ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मामले की गहन जाँच की माँग की। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट के निशान मिलने की बात सामने आई है,जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली तो वह स्तब्ध रह गए। यदि इस मामले में किसी प्रकार की साजिश या संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है,तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तीन पुराने चोट के निशानों का जिक्र बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएँ और तेज हो गई हैं। हालाँकि,अभी तक अधिकारियों की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका अचानक इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि पूरा यादव परिवार इस समय गहरे शोक में डूबा हुआ है और ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी व्यक्ति का दुनिया छोड़ देना बेहद दुखद और हृदयविदारक होता है। उन्होंने कहा कि यह केवल परिवार की ही नहीं,बल्कि पूरे समाज की क्षति है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिले।

उन्होंने आगे कहा कि जब कोई युवा व्यक्ति अचानक इस दुनिया से चला जाता है,तो उसका असर केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता,बल्कि पूरा समाज उस क्षति को महसूस करता है। उनके बयान के दौरान वहाँ मौजूद कई लोग भावुक नजर आए।

समाजवादी पार्टी के विधायक अरमान खान ने भी इस घटना को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी का निधन होना हर किसी को झकझोर देता है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि पूरा राजनीतिक परिवार इस समय शोक में है।

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह समाचार सुनकर उन्हें गहरा आघात पहुँचा है। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में किसी का चले जाना बेहद पीड़ादायक होता है और वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति मिले।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री राकेश सचान ने कहा कि किसी ने भी कल्पना नहीं की थी कि प्रतीक यादव इतनी जल्दी सभी को छोड़कर चले जाएँगे। उन्होंने इसे राजनीति और समाज दोनों के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है।

प्रतीक यादव हमेशा सार्वजनिक जीवन में अपेक्षाकृत शांत और निजी छवि के लिए जाने जाते रहे। हालाँकि,वह सक्रिय राजनीति से दूर रहते थे,लेकिन यादव परिवार और राजनीतिक गतिविधियों के कारण वह हमेशा चर्चा में बने रहते थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर भी शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। विभिन्न दलों के नेताओं,सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।

यादव परिवार उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है और ऐसे में प्रतीक यादव का निधन परिवार के लिए निजी और भावनात्मक रूप से बेहद बड़ा आघात माना जा रहा है। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और हर किसी की आँखें नम दिखाई दीं।

फिलहाल परिवार और समर्थक गहरे सदमे में हैं। राजनीतिक और सामाजिक जगत से लगातार संवेदनाएँ व्यक्त की जा रही हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर चर्चाएँ भी जारी हैं। पूरे प्रदेश में इस घटना को लेकर शोक और संवेदना का माहौल बना हुआ है।