बस हादसा (तस्वीर क्रेडिट@praffulgarg97)

गुजरात के सुरेंद्रनगर में भीषण सड़क हादसा,टैंकर से टकराने के बाद बस में लगी आग,चार यात्रियों की जिंदा जलकर मौत

सुरेंद्रनगर,14 मई (युआईटीवी)- गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। चोटिला के पास संगानी गाँव के निकट बुधवार देर रात एक निजी लग्जरी बस और डामर से भरे टैंकर के बीच जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही क्षणों में बस में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयावह हादसे में चार यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि करीब दस अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा बुधवार रात करीब डेढ़ बजे से दो बजे के बीच हुआ। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि राजमार्ग पर चल रहे डामर से भरे टैंकर का टायर अचानक फट गया,जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। इसी दौरान पीछे से आ रही एक निजी लग्जरी बस तेज रफ्तार में टैंकर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुँचा और कुछ ही देर में बस में शॉर्ट सर्किट हो गया।

शॉर्ट सर्किट के बाद बस में आग लग गई और डामर से भरे टैंकर के कारण आग तेजी से फैलने लगी। अधिकारियों ने बताया कि हादसे के समय बस में लगभग 40 यात्री सवार थे। कई यात्री उस समय गहरी नींद में थे और उन्हें सँभलने या बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। आग तेजी से फैलती गई और कुछ ही मिनटों में बस धू-धू कर जलने लगी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग और राहगीर मौके की ओर दौड़े और बस में फँसे यात्रियों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग के पहुँचने का इंतजार किए बिना लोहे की छड़ों और पाइपों से बस की खिड़कियाँ तोड़नी शुरू कर दीं,ताकि अंदर फँसे यात्रियों को बाहर निकाला जा सके।

प्रत्यक्षदर्शी अजय मेवाड़ा ने बताया कि आग इतनी भयानक थी कि बस के पास पहुँचना भी मुश्किल हो रहा था। उन्होंने कहा कि लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यात्रियों को बाहर निकाला। कई लोग बस की खिड़कियाँ तोड़कर अंदर पहुँचे और फँसे हुए यात्रियों को बाहर खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया। उन्होंने बताया कि टैंकर से डामर का रिसाव होने के कारण आग और अधिक भड़क गई थी,जिससे स्थिति बेहद भयावह हो गई।

अधिकारियों ने बताया कि हादसे में चार यात्रियों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं,कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत राजकोट सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया,जहाँ उनका इलाज जारी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए चोटिला रेफरल अस्पताल भेज दिया गया है।

घायलों में जूनागढ़ जिले की 18 वर्षीय विधि पटोदिया,लिंबडी के 50 वर्षीय नरेंद्र राठौड़ और गिर सोमनाथ जिले के 30 वर्षीय नागराज राणा समेत कई लोग शामिल हैं। पुलिस के अनुसार कुछ यात्रियों ने आग से बचने के लिए बस से छलांग लगा दी,जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं। कई यात्रियों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हुआ है,जबकि कुछ लोग झुलस गए हैं।

घटना के बाद राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। दमकल विभाग की कई गाड़ियाँ घटनास्थल पर पहुँचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालाँकि,तब तक बस का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो चुका था।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे की जाँच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर टैंकर का टायर फटना दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है,लेकिन पुलिस तकनीकी पहलुओं की भी जाँच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि बस और टैंकर दोनों के चालकों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं और दुर्घटना के समय की परिस्थितियों का विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर रात के समय तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। वहीं,ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलने वाले वाहनों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों की आवश्यकता भी लंबे समय से महसूस की जा रही है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से माँग की है कि राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों को और सख्त किया जाए तथा आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाई जाए,ताकि ऐसी घटनाओं में समय रहते राहत पहुँचाई जा सके। लोगों का कहना है कि यदि स्थानीय निवासी तुरंत मदद के लिए आगे नहीं आते तो मृतकों की संख्या और अधिक हो सकती थी।

गुजरात में हुई इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। देर रात हुई इस दुर्घटना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है,जबकि घायल यात्री अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है और कहा है कि मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दुर्घटना के समय सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। वहीं,हादसे के बाद से इलाके में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है।